Mathura के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर में दान की गई 20 धातुओं की शुद्धता जांचेगी आधुनिक मशीन

Mathura Krishna
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मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने दान में मिलने वाली धातुओं की शुद्धता परखने के लिए एक उन्नत कम्प्यूटरीकृत मशीन लगाने का निर्णय लिया है। यह प्रणाली नवरात्रि से काम शुरू करेगी और बिना धातु को तोड़े 20 प्रकार की धातुओं की जांच कर सकेगी। दानदाताओं को उनके सामने होने वाले इस परीक्षण की रिपोर्ट और रसीद भी प्रदान की जाएगी।

मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान मंदिर में धातु के दान की शुद्धता परखने के लिए एक उन्नत कम्प्यूटरीकृत मशीन स्थापित कर रहा है, ताकि दान प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाई जा सके। संस्थान के एक पदाधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि यह मशीन 20 विभिन्न धातुओं की मौजूदगी की जांच कर सकती है और नवरात्रि से काम करना शुरू कर देगी।

शर्मा ने कहा, ‘‘शुद्धता की जांच भक्त की मौजूदगी में की जाएगी और उन्हें दान की रसीद के साथ परीक्षण रिपोर्ट की एक प्रति भी दी जाएगी।’’ दानदाता को रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने होंगे, जिसमें उसका मोबाइल नंबर भी दर्ज होगा। रिपोर्ट की एक प्रति सेवा संस्थान के अभिलेखागार में सुरक्षित रखी जाएगी। शर्मा ने कहा, ‘‘इस मशीन से धातु को तोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी और यह उसकी मूल अवस्था में ही उसकी शुद्धता की जांच कर सकती है।’’ उन्होंने कहा कि दानपात्रों में प्राप्त सभी धातुओं की जांच प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में की जाएगी।

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शर्मा ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट ने दान की गिनती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पहले ही कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गिनती की प्रक्रिया आधुनिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में की जाती है, जो गिनती कक्ष के भीतर की गतिविधियों को दर्ज कर सकते हैं। शर्मा ने कहा कि गिनती कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में की जाती है, जबकि सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग छह महीने तक सुरक्षित रखी जाती है।

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