हूरों की गोद में बैठने का मिलता मौका, नहीं लगानी पड़ती शराब के लिए लाइन, अल्लाह की जन्नत में क्या-क्या मिलता है केरल के मौलाना से जानें

हूरों की गोद में बैठने का मिलता मौका, नहीं लगानी पड़ती शराब के लिए लाइन, अल्लाह की जन्नत में क्या-क्या मिलता है केरल के मौलाना से जानें

केरल के रहने वाले मौलाना ईपी अबूबकर कासमी ने अपने भाषण में बताया है कि अल्लाह के जन्नत में क्या-क्या मिलता है। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को लेकर ऐसे-ऐसे आपत्तिजनक कमेंट किए जिसे सुनकर आप भी मौलाना की सोच से शर्माशार हो जाएंगे।

इस्लाम में ऐसी मान्यता है कि यदि खुदा की खिदमत में अपनी जिंदगी लगा दी जाये और उसी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी जाये तो जन्नत नसीब होती है। जन्नत वह स्थान है जहां मानव जीवन के रूप में होने वाले सभी कष्ट खत्म हो जाते हैं। जन्नत हर इंसान की कोशिशों का सारांश है, यह वह कीमती मोती है जिसे प्राप्त करने के लिए मोमिनों ने हर युग में तन मन धन लगाया है, यह वह शौक है जो हमेशा अल्लाह वालों के दिलों में मचलता  रहा है। लेकिन अगर आपसे कहा जाए कि जन्नत ऐसी जगह है जहां इंसान को हूरों की गोद में बैठने का सौभाग्य मिलता है। शराब की दुकानों पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। तो आपको थोड़ी आपत्ति हो सकती है और होनी भी चाहिए। लेकिन ये कथन केरल के एक मौलाना के द्वारा कहे गए हैं। केरल के रहने वाले मौलाना ईपी अबूबकर कासमी ने अपने भाषण में बताया है कि अल्लाह के जन्नत में क्या-क्या मिलता है। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को लेकर ऐसे-ऐसे आपत्तिजनक कमेंट किए जिसे सुनकर आप भी मौलाना की सोच से शर्माशार हो जाएंगे।  

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ईपी अबूबकर कासिमी के एक भाषण ने केरल में बड़े पैमाने पर विवाद खड़ा कर दिया है। मौलवी को मुस्लिमों को जन्नत में होने के फायदे बताते हुए सुना गया। जिसमें बड़े स्तन वाली महिलाएं, शराब पीने वाली नदी, हवेली और बगीचे जैसे वक्तव्य शामिल हैं। ऑर्गनाइजर की खबर के अनुसार ईपी अबूबकर कासिमी ने कहा कि अल्लाह की जन्नत में औरतें न तो पेशाब करती हैं और न ही मल त्याग करती हैं। वे जन्नत वालों को अपनी गोद में लेटने देती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई बड़े स्तनों वाली महिलाओं को चाहता है, तो अल्लाह उन्हें उनकी पसंद की औरतें मुहैया कराएगा।

शराब के लिए नहीं लगानी पड़ती लाइन

मौलाना ईपी अबूबकर कासमी ने यह भी कहा कि जन्नत में लोग अल्लाह द्वारा बनाई गई मादक नदी में तैरने के लिए स्वतंत्र हैं। वहां शराब पीना कोई गुनाह नहीं है क्योंकि यह शराब अल्लाह ने दी है। उन्होंने यह भी बताया कि जन्नत के लोगों को शराब की दुकानों के बाहर लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं है। ईपी अबूबकर कासिमी ने यह भी कहा कि जन्नत की महिलाओं में सोचने की क्षमता नहीं है।

भले ही पूरे भाषण को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, लेकिन केरल के राजनेताओं ने अभी तक इस भाषण पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि महिलाओं को महज सेक्स टॉय समझने वाले मुस्लिम मौलवी के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं?





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