Web Series 'ghooskhor pandat' पर भड़कीं Mayawati, केंद्र सरकार से की तत्काल Ban की मांग

Mayawati
ANI
अंकित सिंह । Feb 6 2026 12:27PM

बसपा प्रमुख मायावती ने नेटफ्लिक्स वेब सीरीज 'घुसखोर पंडित' पर ब्राह्मण समुदाय के अपमानजनक चित्रण का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से तत्काल प्रतिबंध की मांग की है। इस विवाद के चलते लखनऊ में निर्माता नीरज पांडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और दिल्ली उच्च न्यायालय में भी इसकी रिलीज पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की गई है।

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को नेटफ्लिक्स पर आने वाली वेब सीरीज़ 'घुसखोर पंडत' पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसमें ब्राह्मण समुदाय को अपमानजनक तरीके से चित्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का चित्रण अपमानजनक है और इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने लखनऊ पुलिस द्वारा इस मामले में दर्ज एफआईआर का भी समर्थन किया।

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मायावती ने ट्विटर पर लिखा कि यह अत्यंत दुख और चिंता का विषय है कि हाल के दिनों में न केवल उत्तर प्रदेश में, बल्कि अब फिल्मों में भी 'पंडित' को रिश्वतखोर आदि के रूप में दिखाया जा रहा है, जिससे पूरे देश में उनका अपमान और अनादर हो रहा है। इससे ब्राह्मण समुदाय में तीव्र आक्रोश फैल गया है; हमारी पार्टी भी इसकी कड़ी निंदा करती है। पोस्ट में लिखा था कि केंद्र सरकार को जाति-भेदभाव वाली इस फिल्म (वेब ​​सीरीज) 'घुसखोर पंडित' पर तत्काल प्रतिबंध लगाना चाहिए; यह बसपा की मांग है। साथ ही, लखनऊ पुलिस द्वारा इस संबंध में एफआईआर दर्ज करना उचित कदम है।

आज लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में फिल्म निर्माता नीरज पांडे और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई है जिनमें आरोप लगाया गया था कि 'घुसखोर पंडित' का शीर्षक और विषयवस्तु धार्मिक और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं और सार्वजनिक सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं। सीखदान चौकी हजरतगंज के स्टेशन हाउस ऑफिसर, इंस्पेक्टर विक्रम सिंह द्वारा शिकायतों का संज्ञान लेने के बाद एफआईआर दर्ज की गई।

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पुलिस ने बताया कि ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में व्यापक आक्रोश और असंतोष है, कुछ समूहों ने आक्रामक विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि सामुदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या सार्वजनिक शांति भंग करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आगे की कानूनी कार्यवाही और जांच जारी है। इसी तरह राष्ट्रीय राजधानी में भी कानूनी कार्रवाई चल रही है, जहां दिल्ली उच्च न्यायालय में 'घुसखोर पंडित' की रिलीज और स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने के लिए एक रिट याचिका दायर की गई है।

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