Meta vs Govt: तकनीकी मुद्दों पर घिरी Meta, MeitY Secretary बोले- 10 दिनों में देना होगा स्पष्टीकरण

ANI से बात करते हुए कृष्णन ने कहा कि सरकार ने मेटा से कहा है कि वह अपने सबसे सीनियर प्रतिनिधियों को भेजे ताकि वे अधिकारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों से जुड़ी स्थितियों को समझा सकें और पॉलिसी और तकनीकी, दोनों स्तरों पर स्पष्टता दे सकें।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने गुरुवार को कहा कि मेटा कंपनी से जुड़े पॉलिसी और तकनीकी मुद्दों पर सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए तैयार हो गई है। ANI से बात करते हुए कृष्णन ने कहा कि सरकार ने मेटा से कहा है कि वह अपने सबसे सीनियर प्रतिनिधियों को भेजे ताकि वे अधिकारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों से जुड़ी स्थितियों को समझा सकें और पॉलिसी और तकनीकी, दोनों स्तरों पर स्पष्टता दे सकें। उन्होंने कहा कि हमने मेटा से कहा है कि वे सबसे ऊंचे स्तर पर आकर बताएं कि क्या हो रहा है और जो मुद्दे हमें दिख रहे हैं, वे क्यों हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार पॉलिसी और तकनीकी, दोनों नज़रियों से इन मुद्दों को समझना चाहती है और यह देखना चाहती है कि कंपनी भारत की चिंताओं को दूर करने के लिए अपने तौर-तरीकों में कैसे बदलाव कर सकती है।
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कृष्णन ने कहा कि सरकार अभी इस मामले की जांच कर रही है और अपनी समीक्षा के तहत कई मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से राय मांगी है। उन्होंने यह भी कहा कि मेटा ने सरकार को पत्र लिखकर इस घटना पर खेद जताया है और इसके कारणों के बारे में अपनी समझ साझा की है। जब उनसे पूछा गया कि मेटा के प्रतिनिधियों को क्या समय-सीमा दी गई है, तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगले एक हफ़्ते या दस दिनों में। हम इस पर विचार कर रहे हैं। हमें कई प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से राय मिली है। WhatsApp पर यूज़रनेम की समस्या के बारे में उन्होंने कहा, "हम इसकी जांच कर रहे हैं। हमें कई मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म से उनकी राय मिली है। कृष्णन के अनुसार, मेटा ने सरकार को यह भी बताया है कि उसने ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए 28 जुलाई को मशहूर हस्तियों के अकाउंट्स के संबंध में नए नियम लागू किए हैं।
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मेटा ने सरकार को पत्र लिखकर इस घटना पर खेद व्यक्त किया है। उन्होंने हमें इसके कारण और उनकी समझ के बारे में भी बताया है कि ऐसा क्यों हुआ। साथ ही, उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि 28 जुलाई से उन्होंने मशहूर हस्तियों के अकाउंट्स से जुड़ी ऐसी स्थिति को दोबारा होने से रोकने के लिए नए नियम लागू किए हैं। यह घटना प्लेटफ़ॉर्म पर हाल ही में आई एक तकनीकी खराबी के बाद हुई है। मेटा ने मंगलवार को कहा था कि परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ़ेसबुक वीडियो एक तकनीकी खराबी के कारण हटा दिया गया था। वीडियो को कुछ समय के लिए हटा दिया गया था, लेकिन बाद में उसे बहाल कर दिया गया। मेटा के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और बाद में उसे बहाल कर दिया गया।
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