अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन की तैयारी, HLCDC ने जनता के सुझावों के लिए खोला Portal

रिटायर्ड जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने जनसांख्यिकीय बदलावों और अवैध आव्रजन पर सुझाव जुटाने के लिए एक वेब पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर आम जनता और संस्थाएं डेटा व सुझाव साझा कर सकती हैं। प्राप्त जानकारी के आधार पर समिति अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन के लिए नीतिगत सिफारिशें करेगी।
रिटायर्ड जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर की अध्यक्षता वाली 'डेमोग्राफिक चेंजेस' (जनसांख्यिकीय बदलाव) पर बनी हाई-लेवल कमेटी (HLCDC) ने देश में जनसांख्यिकीय बदलावों, अवैध आव्रजन और असामान्य बसावट के पैटर्न पर जनता से सुझाव और डेटा लेने के लिए एक खास वेब पोर्टल शुरू किया है। https://demography.mha.gov.in पर उपलब्ध यह पोर्टल पूरी तरह से चालू है और आम जनता, संबंधित पक्षों और डेटा के आदान-प्रदान के लिए खुला है। यह पोर्टल केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (UT) की सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), संस्थानों और आम लोगों को असामान्य जनसांख्यिकीय बदलावों, उनके कारणों और उनसे जुड़े कारकों पर सुझाव, डेटा और जानकारी जमा करने की सुविधा देता है।
इसे भी पढ़ें: गृह मंत्रालय से मंजूरी के बाद ही शुरू होंगी Satcom सेवाएं, सिंधिया ने दी जानकारी
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पोर्टल पर दी गई जानकारी से समिति को आबादी में होने वाले बदलावों का विश्लेषण करने और उनके मूल कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने आगे कहा कि समिति अपनी जांच के नतीजों का इस्तेमाल देश में रह रहे अवैध प्रवासियों की कानूनी, निष्पक्ष और तय समय-सीमा के भीतर पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए एक व्यवस्थित और स्थायी कार्य-प्रणाली की सिफारिश करने में करेगी। MHA ने औपचारिक रूप से 26 मई, 2026 को इस समिति का गठन किया था। अपने कार्य-क्षेत्र (terms of reference) के अनुसार, समिति आबादी में बदलावों से पैदा होने वाली चुनौतियों की व्यापक जांच करेगी, जिसमें अवैध आव्रजन से जुड़ी चुनौतियां भी शामिल हैं। यह प्रजनन दर में अंतर, सीमा-पार आवाजाही, आर्थिक अवसरों और अन्य सामाजिक-पर्यावरण कारकों जैसे संभावित कारणों का अध्ययन करेगी। समिति आबादी में बदलावों के पीछे के मूल कारकों की भी जांच करेगी, जिसमें अवैध आव्रजन, असामान्य बसावट के पैटर्न और नियोजित प्रवास शामिल हैं।
इसे भी पढ़ें: Dhruv Rathee की नागरिकता और वीजा शर्तों की जांच करे गृह मंत्रालय: Bhaskar Rao
इसकी ज़िम्मेदारी का एक और अहम पहलू धार्मिक और सामाजिक समुदायों में आबादी से जुड़े संरचनात्मक बदलावों का विश्लेषण करना है, खासकर उन बदलावों का जो आम ट्रेंड से अलग हैं। समिति बॉर्डर मैनेजमेंट, आबादी को स्थिर करने और डेमोग्राफिक ट्रेंड्स की लगातार निगरानी के लिए पहचान प्रणालियों को मज़बूत करने के लिए एक उचित संस्थागत तंत्र की सिफारिश करेगी। यह अवैध आप्रवासन और उससे होने वाले डेमोग्राफिक असंतुलन से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल बेहतर बनाने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचा भी प्रस्तावित करेगी। MHA के अनुसार, समिति को डेमोग्राफिक बदलावों से पैदा होने वाली चुनौतियों - जिनमें अवैध आप्रवासन से जुड़ी चुनौतियां भी शामिल हैं - से निपटने के लिए कोई भी अन्य उपाय सुझाने का अधिकार दिया गया है, जिसे वह उचित समझे।
अन्य न्यूज़














