India Ballistic Missile Programme | 2 दिनों में 3 सफल टेस्ट! भारत की रक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक मील का पत्थर, DRDO ने मजबूत की मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल सुरक्षा

DRDO
X- Rajnath Singh @rajnathsingh
रेनू तिवारी । Jun 13 2026 11:06AM

रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिन्होंने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और मध्यम दूरी की एंटी-शिप क्षमता के खिलाफ अपनी मल्टी-लेयर्ड (कई स्तरों वाली) सुरक्षा प्रणाली के तहत लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण किए हैं।

भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि भारत दुनिया के उन चुनिंदा महाशक्तियों के विशिष्ट समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और एंटी-शिप खतरों को हवा में ही नेस्तनाबूद करने की अचूक मल्टी-लेयर्ड (कई स्तरों वाली) सुरक्षा प्रणाली है। भारत ने महज दो दिनों के भीतर लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण (Flight Tests) कर अपनी इस आसमानी दीवार की ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है।

वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के अधिकारियों की मौजूदगी में 10 और 11 जून को किए गए इन परीक्षणों की सफलता भारत की रक्षा क्षमताओं को और मज़बूत करेगी, क्योंकि अब देश के पास मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) क्षमता है। भारत ने अपनी नौसेना की एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज (NASM-MR) का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

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रिपोर्ट्स के अनुसार, परीक्षण की गई दो इंटरसेप्टर मिसाइलों को इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) की श्रेणी में रखा गया है, जिनकी रेंज 2,000 से 5,000 किलोमीटर के बीच है। हालांकि सरकार ने इनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी है, लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि ये दोनों 'एक्सो-एटमॉस्फेरिक' और 'एंडो-एटमॉस्फेरिक' हैं, जिसका मतलब है कि ये पृथ्वी के वायुमंडल के अंदर और बाहर दोनों जगह काम कर सकती हैं।

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भारत की बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और क्षमताओं को मज़बूत करने की कोशिश

हाल ही में भारत ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और क्षमताओं को मज़बूत करने पर काफी ध्यान दिया है। खबरों के मुताबिक, भारत 'अग्नि-6' पर काम कर रहा है, जो उसकी अगली पीढ़ी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों का हिस्सा होगी और दुनिया के सबसे एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम को भी चकमा देने में सक्षम होगी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि अग्नि-6 की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज़्यादा होने की संभावना है।

भारत का ध्यान अपनी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और क्षमताओं को मज़बूत करने पर है, वहीं पाकिस्तान भी परीक्षण कर रहा है; रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर काम तेज़ कर दिया है। फिलहाल, पाकिस्तान के पास ज़्यादातर कम और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जैसे अब्दाली, गजनवी, शाहीन आदि।

लेकिन हालिया परीक्षण भारत को उभरते और भविष्य के खतरों से निपटने में मदद करेंगे। समाचार एजेंसी ANI ने बताया कि ये सिस्टम स्वदेशी रूप से विकसित किए गए हैं। इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन परीक्षणों के लिए DRDO को बधाई दी है। रक्षा मंत्री ने X (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर कहा, "इन परीक्षणों ने भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में ला खड़ा किया है, जिनके पास ICBM (इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) तक की बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने की क्षमता है। इन अहम तकनीकों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन करने के लिए DRDO को बधाई।"

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