विजयन CMRL मामले में प्रारंभिक जांच का UDF का फैसला सही था: के मुरलीधरन

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

तिरुवनंतपुरम में केरलम के मंत्री के मुरलीधरन ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिजनों से जुड़े सीएमआरएल रिश्वत मामले में प्रारंभिक जांच कराने के यूडीएफ सरकार के निर्णय को उचित ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईडी से भ्रष्टाचार का पत्र मिलने पर जांच कराना आवश्यक था और बाद में उच्च न्यायालय के निर्देश पर ही प्राथमिकी दर्ज की गई।

केरलम के मंत्री के. मुरलीधरन ने मंगलवार को कहा कि पिनराई विजयन-सीएमआरएल मामले में प्रारंभिक जांच के आदेश देने का संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) सरकार का फैसला पूरी तरह सही कदम था। मुरलीधरन ने कहा कि हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रुख से सहमत नहीं है, लेकिन जब यह एजेंसी भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कोई पत्र भेजती है तो उसकी जांच कराई जानी ही चाहिए। ईडी ने राज्य पुलिस को पत्र भेजकर कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में पूर्व मुख्यमंत्री विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और उनके दामाद पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था।

मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसीलिए सरकार ने आगे की कार्रवाई करने से पहले ईडी के पत्र में लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच कराने का निर्णय लिया। यह कैबिनेट में लिया गया फैसला था।’’ उन्होंने कहा कि बाद में जब केरल उच्च न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया, तो सरकार ने आदेश का पालन करते हुए मामला दर्ज कर लिया। उन्होंने कहा, ‘‘अब विजयन इस फैसले के खिलाफ अपील कर रहे हैं।

अगर वह सफल होते हैं तो इस पर रोक लग जाएगी, वरना मामला आगे बढ़ेगा।’’ स्वास्थ्य एवं देवस्वओम मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ईडी के समन भेजे गए थे, तो उन्होंने एजेंसी की कार्रवाइयों का विरोध करने के बावजूद उसके समक्ष पेश होकर सवालों के जवाब दिए थे। जब पत्रकारों ने पार्टी के भीतर विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों को लेकर सवाल पूछे, तो मंत्री ने कहा कि केरलम प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) अध्यक्ष के एक दिन पहले दिए गए निर्देश के बाद, वह यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश से जुड़े मुद्दे सहित किसी भी विषय पर टिप्पणी नहीं करेंगे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सोमवार को पार्टी नेताओं को सार्वजनिक रूप से विवादित बयान देने से बचने की चेतावनी देते हुए कहा था कि इससे न तो उन्हें और न ही संगठन को कोई फायदा होगा।

उनकी यह चेतावनी कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता विजयन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी पर पार्टी के भीतर उठ रही आलोचनाओं और मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के खिलाफ प्रकाश द्वारा की गई बयानबाजी के बीच आई है। प्रकाश ने सतीशन पर आरोप लगाया था कि वह उनसे या सहयोगी दलों से परामर्श किए बिना एकतरफा तरीके से प्रमुख प्रशासनिक और नीतिगत निर्णय ले रहे हैं।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़