बेटी को यूक्रेन से वापिस लाने के लिए मां ने मांगी सीएम हेल्पलाइन से मदद, जवाब मिला कि यूक्रेन के थाने में करें रिपोर्ट

बेटी को यूक्रेन से वापिस लाने के लिए मां ने मांगी सीएम हेल्पलाइन से मदद, जवाब मिला कि यूक्रेन के थाने में करें रिपोर्ट

एक मां ने अपनी बेटी को भारत लाने के लिए मदद मांगी। लेकिन मदद की जगह हेल्पलाइन से बोला गया कि यूक्रेन के थाने में शिकायत करें। महिला ने कहा कि उनकी बेटी को वापस लाने के लिए उन्होंने पीएमओ से भी अपील की है लेकिन फिलहाल कोई मदद नहीं मिली है।

भोपाल। रूस-यूक्रेन युद्ध की आशंका के बीच मध्य प्रदेश के कई परिवार तनाव में हैं। कई बेटे-बेटियां यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हैं। और उनके परिजन सरकार से लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस बीच एक हैरान करने वाली बात सामने आई है। CM हेल्पलाइन का इस मामले में बुरा हाल है।

दरअसल इस पर एक मां ने अपनी बेटी को भारत लाने के लिए मदद मांगी। लेकिन मदद की जगह हेल्पलाइन से बोला गया कि यूक्रेन के थाने में शिकायत करें। महिला ने कहा कि उनकी बेटी को वापस लाने के लिए उन्होंने पीएमओ से भी अपील की है लेकिन फिलहाल कोई मदद नहीं मिली है।

इसे भी पढ़ें:ज्योतिरादित्य सिंधिया बनेंगे मुख्यमंत्री ! जैन मुनि की भविष्यवाणी- हो सकता है आप इन्हें CM के रूप में देखें 

आपको बता दें कि एक मां ने अपनी बेटी को भारत लाने के लिए मदद मांगी तो जवाब मिला कि यूक्रेन के किसी थाने में शिकायत करें। एमपी के विदिशा जिले की मां की बेटी सृष्टि शेरी विल्सन यूक्रेन की राजधानी कीव में पढ़ाई कर रही है। युद्ध की आशंका के बीच वह भारत आना चाहती है, लेकिन उसे वापसी का कोई तरीका नहीं मिल रहा।

जानकारी के अनुसार उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में कॉल किया, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला। मां वैशाली विल्सन ब्लड बैंक में लैब टेक्नीशियन हैं। उनकी बेटी सृष्टि शेरी विल्सन यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई कर रही हैं। उसका वहां 5th सेमेस्टर चल रहा है।

इसे भी पढ़ें:भोपाल में हुआ पंचायतो का नए सिरे से परिसीमन, जिले में बढ़ी 35 पंचायतें 

वहीं वैशाली ने कहा कि वो अपनी बेटी को युद्ध भरे माहौल से निकालने की लगातार कोशिश कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने कई बार कई अधिकारियों से भी बात करने का प्रयास किया लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल सका। और थक-हारकर जब उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर फोन कर मदद मांगी।

उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर कॉल कर कहा कि उनकी बेटी यूक्रेन में फंसी है। उसे वापस लाने में उनकी मदद करें। तब उनसे कहा गया कि यूक्रेन के थाने में मामला दर्ज कराओ। वैशाली ने यह भी बताया कि उन्होंने PMO में भी संपर्क किया है, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।