मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर होटलों और ढाबों में मांसाहार पकाने और परोसने पर लगा प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित होटलों और ढाबों में मांसाहार भोजन पकाने और परोसने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही ढाबा मालिकों को प्याज और लहसुन का उपयोग नहीं करने तथा अपने नाम का विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुजफ्फरनगर (उप्र), 28 जुलाई उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित होटलों और ढाबों में मांसाहार भोजन पकाने और परोसने पर प्रतिबंध लगाया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा, ‘‘यह व्यवस्था हर साल लागू रहती है।
कांवड़ यात्रा से पूर्व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जिले में श्रद्धालुओं के लिए विशुद्ध और सुरक्षित खाद्य सुनिश्चित करने के लिए पूरे यात्रा मार्ग पर दुकानों, होटलों और ढाबों की जांच का अभियान चलाया है।’’ सहायक आयुक्त, खाद्य अर्चना धीरन ने मंगलवार को बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर होटलों और ढाबों में मांसाहार भोजन पकाने और परोसने पर प्रतिबंध लगाया गया है और इन होटल और ढाबों को खाने में प्याज और लहसुन का उपयोग नहीं करने को भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि होटल और ढाबे हर साल इस नियम का पालन कर रहे हैं। नए होटल या ढाबों को विभाग द्वारा इस बारे में सूचना दी जाती है।
खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए अधिकारियों की छह टीमें गठित की गई हैं। धीरन ने कहा कि खाद्य सुरक्षा उपायों के लिए कदम उठाए गए हैं और खानपान की दुकानों को मालिकों का विवरण, लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा कनेक्ट ऐप क्यूआर कोड प्रदर्शित करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों ने अधिक मूल्य वसूली रोकने के लिए 21 आवश्यक वस्तुओं की मानक दरें तय की हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि खाना पकाने वाले लोग दास्ताना अवश्य पहनें। कृत्रिम रंगों को कड़ाई से प्रतिबंधित किया गया है।
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