लालू प्रसाद के शासन काल की तुलना में NDA के शासन में दोगुना हुआ अपराध: तेजस्वी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 23, 2021   17:59
लालू प्रसाद के शासन काल की तुलना में NDA के शासन में दोगुना हुआ अपराध: तेजस्वी

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने जब सत्ता छोड़ी उस समय प्रदेश में संज्ञेय अपराधों की संख्या 97,850 थी जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के शासनकाल के दौरान (वर्ष 2018 में) बढ़कर 1,96,911 हो गए, इस प्रकार संज्ञेय अपराधों की संख्या में 101.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रदेश की नीतीश कुमार सरकार पर प्रहार करते हुए मंगलवार को दावा किया कि लालू प्रसाद के 15 साल के शासन की तुलना में राजग के कार्यकाल में अपराध दोगुना हो गया है। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन 19 फरवरी को आयोजित विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र में राज्यपाल फागू चैहान का अभिभाषण हुआ था जिसपर पेश धन्यवाद प्रस्ताव परमंगलवार को हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए तेजस्वी यादव ने यह दावा किया। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने जब सत्ता छोड़ी उस समय प्रदेश में संज्ञेय अपराधों की संख्या 97,850 थी जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के शासनकाल के दौरान (वर्ष 2018 में) बढ़कर 1,96,911 हो गए, इस प्रकार संज्ञेय अपराधों की संख्या में 101.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद के शासन को ‘‘जंगल राज’’ के रूप में प्रचारित किया गया पर आंकडे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि किसका शासन ‘‘जंगल राज’’ रहा। तेजस्वी ने अपने संबोधन में 1990 से 2005 के बीच लालू प्रसाद के 15 साल के शासन काल के और उसके बाद के 13 वर्षों के राजग शासन काल से संबंधित एनसीआरबी के आंकडे पेश किए। उन्होंने कहा कि जब लालू प्रसाद ने राज्य की बागडोर संभाली तो वर्ष 1990 में संज्ञेय अपराधों की संख्या 1,24,414 थी और यह संख्या घटकर 1,15,598 रह गई थी। राजद नेता ने कहा कि बिहार देश में अपराध के मामले में वर्ष 2000 में 23 वें स्थान पर था और 2005 में लालू प्रसाद के सत्ता छोड़ने के समय यह संख्या और घटकर 97,850 हो गई लेकिन 2010 में मामलों की संख्या बढ़कर 1,27,453 हो गई तथा 2015 और 2018 में यह संख्या क्रमशः बढ़कर 1,76,000 और 1,96,911 हो गयी। 

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उन्होंने कहा,‘‘ इससे पता चलता है कि लालू प्रसाद के खिलाफ जंगल राज का झूठा प्रचार शुरू किया गया जबकि आंकडे कुछ और ही दर्शातें है। ऐसे में किसके शासन को ‘‘जंगल राज’’ कहा जा सकता है?’’ तेजस्वी ने कहा कि अविभाजित बिहार (2000 में झारखंड राज्य के गठन के पूर्व) जिसमें 54 जिले थे, अपराध के मामले कम थे और बंटे हुए बिहार जिसमें केवल अब 38 जिले हैं, नीतीश कुमार सरकार के आंकडों को दर्शाते हैं। वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार द्वारा भाजपा का नामांकरण ‘‘बड़का झुठ्ठा पार्टी’’ (बड़ी झूठी पार्टी) किए जाने को याद करते हुए तेजस्वी ने कटाक्ष किया कि वे अब भाजपा की ‘‘स्टेपनी, कठपुतली’’ बन गए हैं और उस दल की ‘‘अनुकम्पा’’ पर मुख्यमंत्री बने हैं।





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