NEET UG Re-exam: धर्मेंद्र प्रधान की हाई-लेवल मीटिंग, बोले- पारदर्शिता से समझौता नहीं

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET UG की दोबारा परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा हेतु एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने ईमानदारी, पारदर्शिता और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्रालय और NTA के समन्वय से राज्यों में छात्रों को तनाव-मुक्त माहौल में सुविधाएँ देने पर बल दिया गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार (18 जून, 2026) को शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों और पदाधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य 21 जून को होने वाली NEET UG की दोबारा परीक्षा की तैयारियों का जायजा लेना था। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी और NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह भी बैठक में शामिल हुए।
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बैठक को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रक्रिया में ईमानदारी, पारदर्शिता और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया और सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क और पूरी तरह से तैयार रहने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि दोबारा परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं।
सभी स्तरों पर तालमेल के महत्व पर ज़ोर देते हुए, मंत्री ने बताया कि मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकारी सभी राज्यों में जाकर दोबारा परीक्षा की प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों में तालमेल बिठाएंगे और NTA के DG की अध्यक्षता वाले कमांड सेंटर को रिपोर्ट करेंगे। मंत्री ने राज्य सरकारों के नियुक्त नोडल अधिकारियों से कहा कि वे यह पक्का करें कि छात्रों को सभी ज़रूरी सुविधाएँ मिलें, ताकि वे बिना किसी तनाव के माहौल में दोबारा परीक्षा दे सकें।
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स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने कहा कि परीक्षा देने वाले छात्रों को पूरी तरह से सहज महसूस कराया जाना चाहिए। इसके लिए उन्हें सभी ज़रूरी सुविधाएँ दी जानी चाहिए, जैसे परीक्षा से पहले बैठने की व्यवस्था और पीने के पानी का इंतज़ाम। उन्होंने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से कहा कि वे इस दिशा में ज़रूरी कदम उठाएँ। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी ने कहा कि अभी से लेकर दोबारा परीक्षा की तारीख़ के बीच का समय बहुत अहम है। उन्होंने सक्रिय तालमेल, समय पर निर्देश पहुँचाने और तय सभी नियमों का सख्ती से पालन करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
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