Rajya Sabha में Nitish Kumar की Entry, 10 April को शपथ, 14 के बाद Bihar में New Government!

नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की शपथ लेंगे, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और 14 अप्रैल के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की संभावना है। इस राजनीतिक फेरबदल के बीच, गृह विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार को 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी।
जेडीयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि अन्य सदस्य भी उसी दिन शपथ ग्रहण करेंगे। इसके लिए नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे। माना जा रहा है कि बिहार में 14 अप्रैल के बाद नई सरकार का गठन होगा। जानकारी के मुताबिक 10 अप्रैल की शाम या 11 अप्रैल की सुबह वह दिल्ली से पटना लौटेंगे। इसके बाद वह सीएम पद से इस्तीफ दे सकते है।
इसे भी पढ़ें: युद्ध में फंसा भारत का जहाज, ईरान ने किया खेल, ट्रंप-नेतन्याहू हैरान!
नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी कुछ समय से संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए संकेत दे रहे हैं कि कोई व्यक्ति विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य न रहने के बाद भी छह महीने तक मुख्यमंत्री के पद पर बना रह सकता है। हालांकि, फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है। इससे पहले दिन में, बिहार गृह विभाग ने आदेश जारी किया कि नीतीश कुमार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। विशेष शाखा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में पदभार ग्रहण करने पर भी उनकी सुरक्षा बरकरार रहेगी।
यह आदेश बिहार विशेष सुरक्षा अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के तहत उनकी सुरक्षा आवश्यकताओं की समीक्षा के बाद जारी किया गया। आदेश के अनुसार, पुलिस महानिदेशक और विशेष शाखा को उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि 'जेड प्लस' श्रेणी भारत में सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करती है, जो प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं जैसे शीर्ष गणमान्य व्यक्तियों के लिए आरक्षित है।
इसे भी पढ़ें: बिहार के SDPO के ठिकानों पर EOU का बड़ा छापा! चाय बागान, फ्लैट और 25 प्लॉट समेत करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा
यह सुरक्षा व्यवस्था बहुस्तरीय है, जिसमें निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ), सशस्त्र गार्ड, एस्कॉर्ट वाहन और चौबीसों घंटे निगरानी सहित लगभग 55 कर्मी शामिल हैं। यह भी याद रखना चाहिए कि नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए थे और बाद में उन्होंने 30 मार्च को बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया था। उच्च सदन में उनका प्रवेश राज्य में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है।
अन्य न्यूज़














