ओडिशा के नए राज्यपाल Braj Mohan Ram के कथित बयान पर BJD और कांग्रेस ने जताई आपत्ति

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ओडिशा में नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम के कथित राजनीतिक बयान को लेकर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। बीजू जनता दल ने कहा कि राज्यपाल का पद दलीय राजनीति से ऊपर होता है और उन्हें निष्पक्ष रहना चाहिए। वहीं कांग्रेस ने इस बयान के बाद उन्हें तुरंत वापस बुलाने की मांग की है।

ओडिशा की विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम के इस कथित बयान पर बुधवार को निराशा जताई कि पद संभालने के बाद वह ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मजबूत करने के लिए काम करेंगे’। एक और विपक्षी पार्टी, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इससे भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है और मांग की कि राम को वापस बुलाया जाए। बीजद ने ‘पीटीआई वीडियो’ से प्रसारित एक वीडियो जारी किया, जिसमें राम राज्यपाल का पद संभालने के बाद अपनी आगे की कार्ययोजना के बारे में बात करते हुए नजर आ रहे हैं।

बीजद ने एक बयान में कहा, ‘‘पीटीआई के वीडियो में उनकी बातें सुनकर हमें हैरानी हुई, जिसमें वह फिर से कहते हैं कि वह भाजपा को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। हम इस टिप्पणी की निंदा करते हैं क्योंकि यह टिप्पणी इस तथ्य को दरकिनार करती है कि राज्यपाल पार्टी की राजनीति से ऊपर होते हैं।’’ बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने उम्मीद जताई कि वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखेंगे। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ओडिशा के लोग पार्टी का काम करने के लिए मनोनीत राज्यपाल के उत्साह को देख रहे हैं।

उम्मीद है कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ उन्हें ओडिशा के लोगों की सेवा करने का जोश और शक्ति देंगे, जिससे वे संवैधानिक गरिमा बनाए रखते हुए निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।’’ उन्होंने पोस्ट में राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टैग किया। इस बीच, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी निष्पक्ष रूप से संविधान का पालन करना है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी के चुनावी हितों को आगे बढ़ाना।’’ उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों को दलीय राजनीति से ऊपर रहना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक तंज भरे पोस्ट में कहा, ‘‘हैलो ओडिशा - ये आपके नए राज्यपाल हैं।

उनका कहना है कि उनका काम ओडिशा में भगवा संगठन (भाजपा) को मजबूत करना है। यह राज्य बेरोजगार वरिष्ठ संघियों के लिए कचरा डालने की जगह बन गया है!’’ भाजपा नेता और तीन बार सांसद रह चुके राम को सोमवार को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया। राम के बयान पर ओडिशा भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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