• उत्तर प्रदेश की खबरें: आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन की व्यवस्था

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत प्रतियोगी छात्र/छात्राओं को निःशुल्क टैबलेट देने का प्रावधान किया गया।

प्रदेश के वर्तमान में सभी तटबन्ध सुरक्षित हैं, कहीं भी किसी प्रकार की चिन्ताजनक परिस्थिति नहीं। गत 24 घंटे में प्रदेश में 13.4 मि0मी0 औसत वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा से 7.8 मि0मी0 के सापेक्ष 172 प्रतिशत है। 01 जून, 2021 से अब तक 274.1 मि0मी0 औसत वर्षा हुए, जो सामान्य वर्षा 282.5 मि0मी0 के सापेक्ष 97 प्रतिशत है। शारदा नदी पलियांकला लखीमपुरखीरी में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। वर्षा से प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 तथा पी0ए0सी0 की कुल 37 टीमें तैनाती की गयी है, 294 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है तथा 177 मेडिकल टीमें लगायी गयी है। एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 द्वारा 152 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। अब तक कुल 3675 ड्राई राशन किट वितरित किए गये हैं, अब तक कुल 11,701 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 330 बाढ़ शरणालय तथा 605 बाढ़ चौकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में विगत 24 घंटों में स्थापित किए गए पशु शिविर की संख्या 15 अब तक कुल 200 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। 

विगत 24 घंटों में पशु टीकाकरण की संख्या 1316 तथा अब तक कुल पशु टीकाकरण की संख्या 96504 है

 उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने वर्षा की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश के वर्तमान में सभी तटबन्ध सुरक्षित हैं, कहीं भी किसी प्रकार की चिन्ताजनक परिस्थिति नहीं है। गत 24 घंटे में प्रदेश में 13.4 मि0मी0 औसत वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा से 7.8 मि0मी0 के सापेक्ष 172 प्रतिशत है। इस प्रकार प्रदेश में 01 जून, 2021 से अब तक 274.1 मि0मी0 औसत वर्षा हुए, जो सामान्य वर्षा 282.5 मि0मी0 के सापेक्ष 97 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि शारदा नदी पलियांकला लखीमपुरखीरी में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश के वर्षा से प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 तथा पी0ए0सी0 की कुल 37 टीमें तैनाती की गयी है, 294 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है तथा 177 मेडिकल टीमें लगायी गयी है। एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 द्वारा 152 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रसाद ने बताया कि अब तक कुल 3675 ड्राई राशन किट वितरित किए गये हैं। अब तक कुल 11,701 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 330 बाढ़ शरणालय तथा 605 बाढ़ चौकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में विगत 24 घंटों में स्थापित किए गए पशु शिविर की संख्या 15 अब तक कुल 200 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। विगत 24 घंटों में पशु टीकाकरण की संख्या 1316 तथा अब तक कुल पशु टीकाकरण की संख्या 96504 है।

आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन की व्यवस्था

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत प्रतियोगी छात्र/छात्राओं को निःशुल्क टैबलेट देने का प्रावधान किया गया। इस संबंध में समाज कल्याण मंत्री श्री रमापति शास्त्री ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत प्रतियोगी परिक्षाओं जैसे सिविल सेवा परीक्षा, पी0सी0एस0 जे0ई0ई0, नीट, सी0डी0एस0 इत्यादि के लिए प्रतिभाशाली तथा उत्साही विद्यार्थियों को निःशुल्क साक्षात प्रशिक्षण/ऑनलाइन प्रशिक्षण/सलाह प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे अभ्यर्थियों के परिवार की वार्षिक आय सीमा अधिकतम 06 लाख रूपये होनी चाहिए। पंजीकरण में छूट गये अभ्यर्थियों के लिए मण्डलायुक्त को अधिकृत किया गया है, जिससे अधिक से अधिक अभ्यर्थियों का पंजीकरण कराया जा सके। उन्होंने बताया कि मानक के अनुसार अभ्यर्थियों में से पूर्व में किसी अन्य विभाग द्वारा या अन्य कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण का विगत पॉच वर्षों में लाभ न लिया हो तथा परिवार में एक से अधिक अभ्यर्थियों को इस योजना का लाभ अनुमन्य नहीं है। अभ्यर्थियों को आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन की व्यवस्था की गई है। जिससे उन्हें कोई असुविधा न हो।

लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु के 3 माह के अंदर आवेदन करने पर उत्तराधिकारी को अगले ही दिन से सम्मान राशि व अन्य सुविधाएं प्राप्त होंगी

 उत्तर प्रदेश सरकार के राजनैतिक पेंशन, नागरिक उड्डयन और अल्पसंखयक कल्याण मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘ ने बताया कि लोकतंत्र सेनानी के देहान्त के पश्चात उनके आश्रितों को सम्मान धनराशि, सेनानी के देहान्त के अगले दिन से सम्मान राशि एवं अन्य सुविधायें अनुमन्य हांेगी। मंत्री श्री नन्दी ने यह जानकारी आज यहां दी। उन्होंने बताया कि पहले लोकतंत्र सेनानी के देहान्त के बाद उनके आश्रित/उत्तराधिकारी को सम्मान राशि व अन्य सुविधाओं को प्राप्त करने में अत्यधिक समय लग जाता था जिसके चलते उनको बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, परन्तु अब लोकतंत्र सेनानी के देहान्त के उपरान्त उनके आश्रितों को सम्मान राशि सेनानी के देहान्त के अगले दिन ही दे दी जायगी। मंत्री श्री नन्दी ने बताया की हमारी सरकार ने एक बार में ही सहायता राशि में  5000 रूपए की बढ़ोतरी की है। वर्तमान में इन्हंे रु० 20000/- प्रति माह सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोकतंत्र सेनानी जिन्हें सम्मान राशि व अन्य सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं, की यथास्थिति उत्तराधिकारी पत्नी या पति को लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु के 3 माह के अंदर आवेदन करने की अपेक्षा के साथ अगले दिन से सम्मान राशि व अन्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।  सहायक अध्यापक पद पर चयनित अभ्यर्थी 28-07-2021 तक वरीयता क्रम में विद्यालयों के विकल्प आवेदित कर सकेंगे। प्रवक्ता पद पर चयनित अभ्यर्थी दिनांक 29-07-2021 से 04-08-2021 तक वरीयता क्रम में विद्यालयों के विकल्प आवेदित कर सकेंगे। लोक सेवा आयोग से दिव्यांग श्रेणी में चयनित अभ्यर्थियों को दी जायेगी पदस्थापन में प्रथम वरीयता जिनका बच्चा ऑटिस्टिक है अथवा 40 प्रतिशत दिव्यांगता है, को भी पदस्थापन में दी जायेगी वरीयता 179 प्रवक्ता पद पर तथा 2667 सहायक अध्यापक पद पर होगा ऑनलाइन नियुक्ति/पदस्थापन।

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राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रवक्ता पद हेतु लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों का ऑनलाइन नियुक्ति/पदस्थापन आदेश आनलाइन निर्गत किये जाने के लिए विभाग द्वारा एन.आई.सी. के तकनीकी सहयोग से वेबसाइट विकसित की गयी है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री विनय कुमार पांडेय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उक्त वेबसाइट के माध्यम से अभ्यर्थियों द्वारा वरीयता क्रम में इच्छित विद्यालयों के विकल्प आवेदित किये जाएंगे। अभ्यर्थी द्वारा लोक सेवा आयोग का अनुक्रमांक/हाईस्कूल परीक्षा का अनुक्रमांक, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आई0डी0 का उपयोग आनलाइन नियुक्ति/पदस्थापना प्रक्रिया में किया जाएगा। उक्त आवेदन पत्र ऑनलाइन ही सबमिट होगा किसी अन्य माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा। आवेदन एवं पदस्थापन कार्यवाही की सूचना प्रत्येक स्तर पर उनके ई-मेल तथा मोबाइल पर उपलब्ध कराई जायेगी। सहायक अध्यापक पद पर चयनित अभ्यर्थी अपने नियुक्ति/पदस्थापन हेतु 28-07-2021 तक इच्छानुसार वरीयता क्रम में विद्यालयों के विकल्प आवेदित कर सकेंगे। इसी प्रकार प्रवक्ता पद पर चयनित अभ्यर्थी अपने नियुक्ति/पदस्थापन हेतु दिनांक 29-07-2021 से 04-08-2021 तक इच्छानुसार वरीयता क्रम में विद्यालयों के विकल्प आवेदित कर सकेंगे। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने बताया कि अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, उर्दू, गृह विज्ञान, जीव विज्ञान, नागरिक शास्त्र, भौतिक विज्ञान, मनोविज्ञान, रसायन विज्ञान, संस्कृत, हिन्दी, गणित एवं भूगोल विषयों के प्रवक्ता पुरूष शाखा के 110 अभ्यर्थी तथा प्रवक्ता महिला शाखा में उक्त विषयों के 69 अभ्यर्थी कुल 179 अभ्यर्थियों द्वारा आनलाइन पदस्थापन हेतु आवेदन किया जाएगा। सहायक अध्यापक हिन्दी एवं सामाजिक विज्ञान तथा औपबन्धिक के पश्चात अन्तिम रूप से चयनित अन्य विषयों यथा कृषि, कला, जीव विज्ञान, वाणिज्य, अंग्रेजी, गणित, शारीरिक शिक्षा, संस्कृत, विज्ञान, उर्दू, गृह विज्ञान एवं संगीत विषय के 1261 पुरूष शाखा के अभ्यर्थी तथा महिला शाखा में उक्त विषयों के 1406 अभ्यर्थी कुल 2667 अभ्यर्थियों द्वारा आनलाइन पदस्थापन हेतु आवेदन किया जायेगा।

निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने बताया कि आनलाइन नियुक्ति/पदस्थापन प्रक्रिया में प्रथम वरीयता उन अभ्यर्थियों को दी जायेगी जो लोक सेवा आयोग से चयनित सूची के अनुसार दिव्यांग की श्रेणी में चयनित हुये हैं। द्वितीय वरीयता उन विवाहित महिला अभ्यर्थियों को दी जायेगी जिनका बच्चा ऑटिस्टिक है अथवा 40 प्रतिशत दिव्यांगता है। तृृतीय वरीयता उन अभ्यर्थियों को दी जायेगी जिनके पति/पत्नी भारतीय सेना/वायु सेना/नौ सेना अथवा केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलोंः- जैसे आईटीबीपी तथा बीएसएफ में कार्यरत हैं। चतुर्थ वरीयता उन विधवा महिला/विधुर पुरूष अभ्यर्थियों को दी जायेगी जिन्होने पुनर्विवाह नहीं किया है तथा एकल अभिभावक हैं, तथा जिनके उपर बच्चो की देखभाल की जिम्मेदारी है। पांचवी वरीयता उन अभ्यर्थियों को दी जायेगी जिनके पति/पत्नी बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के अन्तर्गत आने वाले राजकीय अथवा सहायता प्राप्त विद्यालयों, परिषदीय विद्यालयों, राज्य/केन्द्रीय विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों एवं राजकीय/ अर्द्धशासकीय सेवा में कार्यरत हैं। वरीयता कोटिक्रम के अनुसार पदस्थापन करने के उपरान्त शेष रिक्तियों पर अन्य बचे हुये अभ्यर्थियों का पदस्थापन लोक सेवा आयोग की मेरिट के अनुसार किया जायेगा।

विनय कुमार पांडेय ने बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधा एवं उनकी समस्या के निराकरण हेतु कार्य दिवस में हेल्पलाइन नं0 6387219859 पर प्रातः 10.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक कॉल कर या इसी नम्बर पर व्हाट्सएप किया जा सकता है। उक्त के अतिरिक्त ई-मेलरू ेमबमकनवदसपदमचवेजपदह/हउंपसण्बवउ पर भी अपनी समस्या के निराकरण हेतु सम्पर्क किया जा सकता है। किसी अभ्यर्थी द्वारा उक्त  आनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया में वरीयता क्रम में विकल्प न प्रस्तुत करने की दशा में विभाग द्वारा नियमानुसार पदस्थापन किया जाएगा। इसमें विभाग का निर्णय अन्तिम होगा।

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कानपुर नगर में न्यायालय भवन की मरम्मत हेतु 32 लाख रूपये अवशेष धनराशि स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद न्यायालय कानपुर नगर में न्यायालय भवन की मरम्मत हेतु 32 लाख रूपये (बत्तीस लाख) की अवशेष धनराशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में न्याय विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश में यह निर्देश दिए गए हैं कि कराये जा रहे कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान रखा जाए।

जनपद फिरोजाबाद में न्यायालय परिसर में वाडण्ड्रीवाल एवं गेट की मरम्मत, रंगाई-पुताई, पार्क का सौन्दर्यीकरण तथा स्ट्रीट लाइट के कार्य हेतु 100.28 लाख रूपये स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद फिरोजाबाद के न्यायालय परिसर के वाण्ड्रीवाल एवं गेट की मरम्मत, रंगाई-पुताई, मार्ग चौड़ीकरण, पार्क का सौन्दर्यीकरण तथा स्ट्रीट लाइट कार्य के लिए 100.28 लाख रूपये (एक करोड़ अट्ठाईस हजार) की अवशेष धनराशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

इस संबंध में न्याय विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृत की गई धनराशि उसी कार्य में व्यय किया जाए जिस कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत किया गया है।

संपर्क सूत्र:- अजय द्विवेदी  

राघवेन्द्र/03ः10 च्ड

फोन नम्बर क्पतमबज रू 0522-2239023 ई0पी0बी0एक्स0: 0522-2239132,33,34,35 एक्सटेंशन रू 223 224 225

फैक्स नं0 रू 0522-2237230 0522-2239586 ई-मेल रू नचेववबीदं/हउंपसण्बवउ

वेबसाइट रू पदवितउंजपवदण्नचण्हवअण्पद

पत्र सूचना शाखा

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश

पंचम वित्त आयोग की संस्तुतियों के अन्तर्गत पंचायती राज संस्थाओं हेतु 550 करोड़ रूपये स्वीकृत

लखनऊः 22 जुलाई 2021

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अन्तर्गत जिला स्तरीय पंचायतों, ब्लाक पंचायतों तथा ग्राम पंचायतांे हेतु माह जुलाई के लिए सामान्य समनुदेशन हेतु 550 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस सम्बन्ध में वित्त विभाग द्वारा आवश्यक आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार स्वीकृत की गई धनराशि में जिला स्तरीय पंचायतों हेतु 82.50 करोड़ रूपये, मध्यवर्ती स्तरीय पंचायतों के लिए 82.50 करोड़ रूपये तथा ग्राम पंचायतों के लिए 385 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए हैं।

जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि निदेशक, पंचायती राज, उत्तर प्रदेश के निवर्तन पर इस शर्त के साथ रखी जा रही है कि धनराशि का जिला परिषदों/जिला स्तरीय पंचायतों, ब्लाक पंचायतों/मध्यवर्ती स्तरीय पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों के मध्य आवंटन पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों पर राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णयानुसार किया जायेगा।

स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल उसी प्रयोजन के लिए किया जायेगा जिसके लिए धनराशि दी जा रही है। इस धनराशि से किसी प्रकार का व्यावर्तन/समायोजन अनुमन्य नहीं होगा। पंचायतीराज विभाग, उत्तर प्रदेश तथा निदेशक, पंचायतीराज, उत्तर प्रदेश स्वीकृत धनराशियों के नियमानुसार उपयोग की समीक्षा करेंगे तथा उसके लिए उत्तरदायी होंगे।

हिण्डन बैराज की संरचनाओं की पुनर्स्थापना कार्य हेतु 67.57 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपद गाजियाबाद के हिण्डन बैराज की संरचनाओं की पुनर्स्थापना कार्य की परियोजना हेतु चालू वित्तीय वर्ष में प्रथम किस्त के रूप में प्रावधानित धनराशि 67.57 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से आज 22 जुलाई, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है।

शासनादेश में कहा गया है कि परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के पश्चात ही कार्य शुरू कराया जाए, इसके साथ ही निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराया जाए। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत परियोजना पर ही किया जाए। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा।

शासनादेश में यह भी निर्देश दिये गये हैं कि परियोजना के संबंध मंे वैधानिक आपत्तियों एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाए। प्रस्तावित कार्यों मंे किसी प्रकार की डुप्लीकेसी रोकने के लिए प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अन्तर्गत न तो स्वीकृत है और न ही वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया 

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में ग्रामीण क्षेत्रों में अन्त्येष्टि स्थलों के विकास योजना के तहत 9987.60 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

पंचायतीराज विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार स्वीकृत धनराशि का व्यय निर्माण सम्बन्धी कार्यवाही शासनादेशों में निहित व्यवस्थानुसार किया जायेगा। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हो तथा उसकी गुणवत्ता बेहतर हो, इसकी पूरी जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होगी। जनपद स्तर पर अन्त्येष्टि स्थल निर्माण कार्य की स्थलीय देखरेख व समीक्षा आदि के लिए नोडल अधिकारी नामित किया जायेगा जो निर्माण कार्य की प्रगति आख्या प्रत्येक माह शासन व निदेशालय को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्रीय उर्वरक मंत्री, श्री मनसुख मंडाविया से कल दिल्ली में भेंट कर उत्तर प्रदेश के किसानों की मांग एवं आवश्यकता के दृष्टिगत पर्याप्त मात्रा में आयातित यूरिया की आपूर्ति कराने का अनुरोध किया। कृषि मंत्री के अनुरोध पर मा0 केंद्रीय उर्वरक मंत्री द्वारा प्रदेश के किसानों की मांग, आवश्यकता एवं प्रोराटा लक्ष्य के अनुसार ससमय यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया गया।

श्री शाही ने केंद्रीय उर्वरक मंत्री को बताया कि प्रदेश में स्वदेशी एवं आयातित यूरिया उर्वरक हेतु निर्धारित लक्ष्य कुल 26.89 लाख मी0टन के सापेक्ष 17.69 लाख मी0टन यूरिया की उपलब्धता है। यह भी अवगत कराया गया कि खरीफ एवं रबी के पीक सीजन में कृषकों को उर्वरकों की एक साथ मॉग के समय सुगम उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रदेश में पी0सी0एफ0 द्वारा प्रीपोजीशनिंग योजना के अन्तर्गत सहकारी उर्वरक विनिर्माता/प्रदायकर्ता संस्थाओं यथा मै0 इफको एवं मै0 कृभको से उर्वरक प्राप्त कर भण्डारण भी इसी अवधि में किया जाता है। वर्ष 2021-22 हेतु यूरिया उर्वरक हेतु 5.00 लाख मी0टन प्रीपोजीशनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए माह जुलाई में आयातित उर्वरक के वैसल से प्रदेश हेतु आवंटन बढाये जाने की आवश्यकता है।

श्री शाही ने कहा कि प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई एवं रोपाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में 20 जुलाई, 2021 तक 58.81 प्रतिशत आच्छादन की पूर्ति हो चुकी है। माह जुलाई एवं अगस्त में खरीफ सीजन की फसलों में यूरिया उर्वरक की टॉप ड्रेसिंग का कार्य कृषकों के द्वारा किया जायेगा। प्रदेश के कृषकों को उनकी आवश्यकतानुसार सुचारू रूप से उर्वरक उपलब्ध कराये जाने हेतु उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर समय से पूर्व यूरिया उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाना अति आवश्यक है। समय से उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने हेतु उर्वरक विनिर्माता/प्रदायकर्ता कम्पनियों के साथ 

अनुसूचित जाति व जनजाति के व्यक्तियों के लिए कुक्कुट पालन व्यवसाय अपनाने हेतु बैकयार्ड पोल्ट्री योजना संचालित

उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जाति व जनजाति के लाभार्थियों के लिए कुक्कुट पालन व्यवसाय अपनाने हेतु बैकयार्ड पोल्ट्री योजना संचालित की जा रही है। बैकयार्ड पोल्ट्री योजना का उद्देश्य निर्धन व्यक्तियों को भोजन में पोषक तत्व (प्रोटीन) की पूर्ति हेतु एवं कुक्कुट पालन करना एवं स्वरोजगार सृजित करना है।

पशुपालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। एक ईकाई में लाभार्थी को 50 चूजों की आपूर्ति की जाती है जिसके अंतर्गत 3000 रूपये का पैकेज निर्धारित है जो पूर्णतया अनुदानित है। पैकेज के अंतर्गत 50 चूजों के अतिरिक्त कुक्कुट आहार, औषधि , छप्पर आदि की व्यवस्था भी सम्मिलित है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन हो रहा है और खाद्य पदार्थों में प्रोटीन की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।

दिल्ली में अवैध कब्जे से मुक्त करायी गयी सिंचाई विभाग की करोड़ों की जमीन

मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं जलशक्ति मंत्री डा0 महेन्द्र सिंह के निर्देश पर दिल्ली स्थित मदनपुर खादर में सिंचाई विभाग के हेडवर्क्स खण्ड आगरा नहर ओखला द्वारा अभियान चलाकर 5.21 एकड़ जमीन को अतिक्रमण युक्त कराया गया, उसके अलावा सिंचाई विभाग के अन्य जमीनों पर किये गये अतिक्रमण को हटाने के लिए बड़े पैमाने पर शीघ्र ही कार्यवाही की जायेगी।

यह जानकारी सिंचाई विभाग ओखला संगठन के अधिशासी अभियन्ता श्री वी0के0 सिंह ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि मदनपुर खादर में आज सुबह 04 बजे कार्यवाही करके सिंचाई विभाग की भूमि पर रोहिंग्या कैम्पों को हटाते हुए तमाम अवैध निर्माण विस्थापित किये गये। यह जमीन दिल्ली के मदनपुर खादर में स्थित है, जिसका कुल क्षेत्रफल 2.1080 हेक्टेअर है, इसकी कीमत 97 करोड़ रूपये है।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि इस भूमि से सटी जकात फाउडेशन की भूमि पर पहले रोहिंग्याओं की बस्ती बसी हुई थी। इन लोगों ने सिंचाई विभाग की आज खाली करायी गयी भूमि पर स्थायी/अस्थायी कब्जा कर लिया था। मा0 मुख्यमंत्री जी एवं जलशक्ति मंत्री ने इन अवैध कब्जों को हटाने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये थे। इन अधिकारियों ने दिल्ली प्रशासन के अधिकारियों के साथ 20 जुलाई, 2021 को बैठक करके इस जमीन को खाली कराये जाने का निर्णय लिया।

इस निर्णय के तत्काल अनुपालन के लिए आज 22 जुलाई, 2021 को प्रातः उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों एवं दिल्ली पुलिस, सिविल डिफेंस स्वयं सेवकों की मदद से ग्राम मदनपुर खादर में सिंचाई विभाग की विभागीय भूमि खसरा नं0- 612 को अतिक्रमण युक्त करा लिया गया। इस कार्यवाही के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों में सहायक अभियंता श्री धीरज कुमार प्रथम, जिलेदार शशिभान सिंह के अलावा अन्य राजस्व कर्मी उपस्थित थे।

जनपद बस्ती के कलवारी-रामपुर तटबंध के मध्य उच्चीकरण, सुदृढीकरण एवं ब्रिक सोलिंग कार्य की परियोजना हेतु 02 करोड़ 48 लाख

सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में जनपद बस्ती के सदर तहसील में घाघरा नदी के बांये तट पर निर्मित कलवारी-रामपुर तटबंध के मध्य उच्चीकरण, सुदृढीकरण एवं ब्रिक सोलिंग की परियोजना के लिए प्रथम किश्त के रूप में 02.48 करोड़ रूपये अवमुक्त करते हुए प्रमुख अभियंता सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्वतन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

इस संबंध में सिंचाई विभाग द्वारा 13 जुलाई, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी किया गया है। शासनादेश में कहा गया है कि परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकि स्वीकृति अनिवार्य रूप से प्राप्त की जाए। स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत कार्य पर ही किया जायेगा। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता की पूरी जिम्मेदारी प्रमुख अभियंता सिंचाई विभाग तथा संबंधित अधिकारी की होगी।

धनराशि को खर्च करते समय वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से अनुपालन किया जाए तथा समय-समय पर वित्त विभाग द्वारा जारी सुसंगत निर्देशों का पालन किया जाए। प्रमुख अभियंता संबंधित मुख्य अभियंता को धनराशि आवंटित करेंगे किसी भी दशा में अधीक्षण अभियंता/अधिशासी अभियंता को प्रमुख अभियंता द्वारा धनराशि आवंटित नहीं की जायेगी। प्रमुख अभियंता नाबार्ड की शर्ताें तथा योजना की गाइडलाइन्स का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

प्रदेश में गत 25 वर्षाें में पहली बार कुल 267 खण्डसारी इकाइयों को लाइसेंस निर्गत, जिसकी स्थापना के बाद 66,450 टी0सी0डी0 की अतिरिक्त पेराई क्षमता का होगा सृजन  

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए गुड़ उद्योग एवं खाण्डसारी उद्यम के क्षेत्र में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किये गये है। इसके तहत अब तक 267 नई खाण्डसारी इकाइयों हेतु लाइसेंस जारी किये गये है, जिनमें से 176 इकाइयां संचालित हो चुकी है।

चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नई खाण्डसारी इकाई के लाइसंेस के लिए चीनी मिल से न्यूनतम दूरी 15 किमी0 से घटाकर 7.5 किमी0 कर दी गयी है। यह लाइसेंसिंग नीति में किये गये सकारात्मक बदलाव और ऑनलाइन खाण्डसारी लाइसेंसिंस व्यवस्था लागू करने से इस उद्योग के प्रति लोगों की रूचि बढ़ी है। प्रदेश में गत 25 वर्षों में पहली बार कुल 267 लाइसेंस जारी किये गये। जिसकी स्थापना के बाद 66,450 टी0सी0डी0 की अतिरिक्त पेराई क्षमता का सृजन होगा। इससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 11479.20 करोड़ रूपये का पंूजीगत निवेश होगा और लगभग 41,735 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की प्राप्ति होगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत 04 अरब 70 करोड़ 50 लाख से अधिक की धनराशि मंजूर

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में केन्द्रांश की प्रथम किश्त की प्रथम अंश की धनराशि 47050.89 लाख रूपये (रूपये चार अरब सत्तर करोड़ पचास लाख नवासी हजार मात्र) की धनराशि स्वीकृत करते हुए आयुक्त ग्राम्य विकास उ0प्र0 के निर्वतन पर रखने के निर्देश दिये है। इस सम्बन्ध में अग्रेतर कार्यवाही के लिए आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग, उ0प्र0 को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैैं, जिसमें यह उल्लिखित है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि का उपयोग अनुमन्य धनराशि की सीमा तक ही किया जायेगा। पूर्व में कराये गये निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से पूर्ण रूप से संतुष्ट होने पर ही वास्तविक आवश्यकता के अनुसार अग्रतर किश्त व धनराशि का आहरण किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2016-17 से अब तक 26.27 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य प्रदेश को प्राप्त हुआ था, जिसके सापेक्ष 17.23 लाख आवास का निर्माण पूर्ण करा लिया गया है, शेष आवास स्वीकृति व निर्माण की प्रक्रिया में है।

 समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय जनपद आजमगढ़ के निर्माण कार्य हेतु 03 करोड़ 09 लाख 35 हजार 08 सौ रूपये स्वीकृत

प्रदेश सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय जनपद आजमगढ़ के निर्माण कार्य हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय जनपद आजमगढ़ के निर्माण कार्य हेतु 309.358 लाख रूपये (तीन करोड़ नौ लाख पैंतीस हजार आठ सौ रूपये) की धनराशि स्वीकृत कर व्यय किये जाने हेतु शर्ताें/प्रतिबन्धों के अधीन स्वीकृति प्रदान की गयी है। धनराशि का आहरण एवं व्यय आवश्यकतानुसार एवं नियमानुसर किये जाने का दायित्व निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उ0प्र0 एवं कार्यदायी संस्था का होगा। तीन माह तक के बकाये पर उपभोक्ता का दरवाजा खटखटाएं अफसर

ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को सभी सेवाएं ऑनलाइन मिलनी चाहिए। उपभोक्ताओं को विद्युत उपकेंद्र का चक्कर न लगाना पड़े। इसके लिए ऊर्जा विभाग के ऐप और पोर्टल पर अगले माह से मीटर बदलने, बिल सही कराने, लोड परिवर्तन, नाम व पते में सुधार, नामांतरण, श्रेणी परिवर्तन व स्थायी विच्छेदन के आवेदन भी स्वीकार किये जायेंगे। इससे उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिलेगी।

ऊर्जा मंत्री आज शक्ति भवन में विभागीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान  उन्होंने गलत बिल मिलने की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए कनेक्शनों में भी गलत बिल आने की शिकायतें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने अध्यक्ष यूपीपीसीएल को निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सौभाग्य व अन्य योजनाओं में जारी किए गए कनेक्शन के सही बिल सही समय पर उपभोक्ता को मिले। बिलिंग में गड़बड़ी पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करें। शिकायतों पर एमडी, डायरेक्टर व अन्य अधिकारी उपभोक्ताओं का भी फीडबैक लें।

उन्होंने कहा कि ट्रिपिंग की बहुत से शिकायतें एक ही स्थान पर आ रही हैं। लगातार आ रही शिकायतों का सही और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इसके लिये स्थान तय कर एमडी व सभी डायरेक्टर स्वयं फील्ड में जाकर निरीक्षण करें। नाइट पेट्रोलिंग कर आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करें।

उन्होंने कहा कि इस बार गर्मियों में 25 हजार मेगावाट से ज्यादा की मांग की आपूर्ति की जा रही है। अगले साल यह मांग बढ़कर 28 हजार मेगावॉट तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में यह आवश्यक है कि ट्रांसमिशन नेटवर्क के साथ ही डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी उसी अनुरूप उच्चीकृत हो। उपकेंद्रों, फीडरों व ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग ठीक रहे, इसके लिए कार्ययोजना बनाकर काम किया जाए, जिससे गर्मियों में दिक्कत न हो।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि तीन माह तक के बकायेदार उपभोक्ताओं के दरवाजे खटखटाएं और उन्हें भुगतान के लिए प्रेरित करें। डिस्कनेक्शन कोई विकल्प नहीं है। इसका विशेष ध्यान रखें। साथ ही अधिक लाइन हानियों वाले सभी चिह्नित फीडरों की हानियां 15 प्रतिशत से नीचे ले आएं। इसका विशेष ध्यान रखें। इसमें कोई ढिलाई न हो।

उपभोक्ताओं को बिल का भुगतान करने के लिए बिजली घर न जाना पड़े। उसे उसके गांव या मोहल्ले में ही बिल भुगतान की सुविधा मिले। इसके लिए जन सुविधा केंद्र, स्वयं सहायता समूह, सरकारी राशन की दुकान व मीटर रीडर के माध्यम से बिल जमा करायें। उपभोक्ताओं के मोबाइल पर बिल के एसएमएस में ही भुगतान का लिंक रहेगा। उन्हें एसएमएस में ही पेमेंट गेटवे की सुविधा मिलेगी जिससे वह समय से बिल का भुगतान डिजिटल माध्यम से कर सकेगा। नियमित बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित  किया जाए। उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर उनका आभार प्रकट किया जाए।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सेवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास व राजस्व से जुड़े सभी लक्ष्यों का निर्धारण जूनियर इंजीनियर के स्तर तक सुनिश्चित हो। जेई से लेकर चेयरमैन तक की एसीआर का आधार बेहतर उपभोक्ता सेवा ही होगा।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर एमडी स्वयं के स्तर से समीक्षा कर लें। उन पर समय से काम भी हो जाये। यह भी कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं में कहीं भी लेटलतीफी न हो। उनके सभी लक्ष्यों को समय से पूरा किया जाए, जिससे कारपोरेशन की छवि बेहतर बने।

 सब मिशन ऑन एग्रोफॉरेस्ट्री योजना के अन्तर्गत निजी भूमि पर पौधशाला स्थापना एवं वृक्षारोपण के लिए मिलेगा अनुदान

सब मिशन ऑन एग्रोफॉरेस्ट्री योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा कृषकों को अपनी निजी भूमि पर पौधशाला स्थापना एवं वृक्षारोपण के लिए अनुदान दिया जा रहा है। खेत के मेड़ पर वृक्षारोपण करने पर 150 पौध प्रति हे0 रोपण पर कुल रू0 35 प्रति पौध का अनुदान देने की व्यवस्था है। यह अनुदान चार किश्तों में दिया जायेगा, जिसमें प्रथम वर्ष की किस्त 14 रुपये प्रति पौध एवं द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ वर्ष में प्रत्येक वर्ष  07 रुपये प्रति पौध का अनुदान दिया जायेगा। यह जानकारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री दारा सिंह चौहान ने दी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार फसल के साथ ब्लॉक वृक्षारोपण करने पर 500 पौध प्रति हे0 रोपण पर अनुदान राशि दी जा रही है। यह अनुदान राशि 28 रुपये प्रति पौध के हिसाब से चार किस्तों में दी जायेगी, जिसमें प्रथम वर्ष रू0 11.20/-ंप्रति पौध तथा अन्य आगामी तीन वर्षों में रू0 5.60/-प्रति पौध दिये जाने का प्राविधान है।चौहान ने बताया कि सब मिशन ऑन एग्रोफॉरेस्ट्री योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-ं2019 से 2020-ं2021 तक 98 बड़ी, छोटी, हाईटेक, कृषक पौधशालाएँ स्थापित की गयी है तथा कृषकों के खेतों की मेड़ों व सीमा पर 18.31 लाख पौधे एवं कृषकों के खेतों में फसलों के साथ 8.77 लाख पौधे रोपित किये जा चुके हैं। यह योजना प्रदेश के 36 जनपदों बरेली, शाहजहाँपुर, झॉंसी, चित्रकूट, महोबा, कानपुर नगर, फर्रूखाबाद, सीतापुर, दक्षिण खीरी, बाराबंकी, बहराइच, फिरोजाबाद, बुलन्दशहर, बिजनौर, काशी वन्य जीव प्रभाग चन्दौली, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, कुशीनगर, मऊ, मैनपुरी, हाथरस, बदायूँ, मुजफ्फरनगर, बलिया, संत कबीर नगर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, भदोही, गोरखपुर, देवरिया, रायबरेली, प्रतापगढ़, मीरजापुर एवं कानपुर देहात में संचालित है। उन्होंने बताया कि योजना के अन्तर्गत रोपित की जाने वाली प्रजातियों में इमली, यूकेलिप्टस, शहतूत, शीशम, बांस, सागौन, जामुन, नीम, बालम खीरा, गोल्ड मोहर, कंजी, आंवला, आम, अर्जुन, अमरूद इत्यादि प्रजातियां प्रमुख रूप से शामिल हैं।

 सहकारिता विभाग किसानों की सदा से हितैषी रही है। किसानों को खाद, बीज समय से वाजिब मूल्य पर देकर उनके फसलोत्पादन में हमेशा सहयोगी बना रहा है। किसानों को जब भी फसल के लिए ऋण की आवश्यकता पड़ती है, सहकारिता विभाग उन्हें कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराते हुए किसानों की भरपूर मदद कर रहा है। किसान जब फसल उत्पादन कर लेता है तो उसे उसकी फसल का वाजिब मूल्य भी मिले, इस पर प्रदेश सरकार द्वारा मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत बीज, खाद, सिंचाई, श्रम आदि को जोड़ते हुए मूल्य निर्धारित किया जाता है। सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही धान, गेहूॅ, मक्का, तिलहन, दलहन आदि फसलों को निर्धारित क्रय केन्द्रांे द्वारा क्रय किया जाता है, इससे किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिलता है और उनकी आर्थिक प्रगति होती है।

प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य के आधार पर सहकारिता विभाग की पी0सी0एफ0, पी0सी0यू0 एवं यू0पी0एस0एस0 के माध्यम से किसानों से अनाज क्रय किया जाता है। वर्ष 2021-22 में सहकारिता विभाग से गेहूॅ क्रय करने का लक्ष्य 33.50 लाख मी0टन शासन द्वारा निर्धारित किया गया था। किन्तु विभाग की क्रय एजेंसियों ने लक्ष्य से अधिक 37.22 लाख मी0टन गेहूॅ खरीद कर रिकार्ड बनाया है। क्रय किया गया गेहूॅ लक्ष्य का 111.10 प्रतिशत है। यह गेहूॅ खरीद 866769 किसानों से खरीदते हुए उन्हें सीधे खातों में भुगतान कर लाभान्वित किया गया है। किसानों को विचौलिओ, दलालों के शोषण से मुक्ति मिली, उन्हें निर्धारित मूल्य मिला जिससे वे खुश हैं।

सहकारिता विभाग द्वारा वर्ष 2020-21 में मूल्य समर्थन योजना के तहत धान खरीद का लक्ष्य 21.50 लाख मी0टन निर्धारित था किन्तु सहकारिता की क्रय एजेंसियों ने 27.50 लाख मी0टन धान क्रय करते हुए लक्ष्य से अधिक 127.91 प्रतिशत क्रय किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में खुले क्रय केन्द्रों द्वारा 532801 कृषकों से धान क्रय करते हुए धनराशि सीधे किसानों के खातों में भुगतान किया गया। किसानों को प्रदेश सरकार द्वारा सीधे लाभान्वित किया जा रहा है। अपनी उपज का सही मूल्य पाकर किसान खुश है और उनकी आर्थिक प्रगति हो रही है।

सहकारिता विभाग द्वारा किसानों के हितार्थ कार्य किया जा रहा है। किसानों की उपज अच्छी हो और उन्हें उनकी फसल की उपज का मूल्य सही मिले इसके लिए प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयास करते हुए किसानों को लाभान्वित कर रही है।