कांग्रेस में सिर्फ 65% मंडलम कमेटियों का हो पाया गठन, कई जिलाध्यक्षों पर गाज गिरना लगभग तय

कांग्रेस में सिर्फ 65% मंडलम कमेटियों का हो पाया गठन, कई जिलाध्यक्षों पर गाज गिरना लगभग तय

230 में से 150 विधानसभा सीटों पर ही मंडलम कमेटियां बन पाई। और इसके साथ ही 25 फरवरी तक मंडलम कमेटी बनाने के अल्टीमेटम जिलाध्यक्ष पूरा नहीं कर सके। जिसके बाद कांग्रेस के कई जिलाध्यक्षों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के अल्टीमेटम का अंतिम दिन समाप्त हो चुका है। इसके बाद कांग्रेस में अब तक सिर्फ 65% मंडलम कमेटियों का ही गठन कर पाई है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष 230 में से 150 विधानसभा सीटों पर ही मंडलम कमेटियां बन पाई। और इसके साथ ही 25 फरवरी तक मंडलम कमेटी बनाने के अल्टीमेटम जिलाध्यक्ष पूरा नहीं कर सके। जिसके बाद कांग्रेस के कई जिलाध्यक्षों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

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दरअसल कमलनाथ ने जिलाध्यक्षों को 25 फरवरी तक मंडलम कमेटियों का गठन करने का निर्देश दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टारगेट पूरा नहीं करने वाले जिलाध्यक्षों को 26 फरवरी को इस्तीफा देने का फरमान दिया था।

वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्षों पर कमलनाथ के अल्टीमेटम का भी असर दिखाई नहीं दे रहा है। 17 फरवरी को कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जिला अध्यक्षों की बैठक ली थी। बैठक में कमलनाथ ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष को चेतावनी दी थी कि 25 फरवरी तक मंडलम और सेक्टर की नियुक्तियां कर ली जाए।

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जानकारी के अनुसार 25 फरवरी बीत जाने के बावजूद भी कई जिलाध्यक्ष मंडलम और सेक्टर की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं। अब तक सिर्फ 65 फीसदी मंडलम कमेटियों का ही गठन हो पाया है। कमलनाथ के अल्टीमेटम की डेडलाइन खत्म हो चुकी है।

उधर कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा ने कहा कि कमलनाथ खुद सभी जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट ले रहे हैं। जल्द सब जगह नियुक्ति की जाएगी। वहीं बीजेपी नेता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कमलनाथ मंडलम सेक्टर के बहाने धीरे-धीरे कांग्रेस के भीतर दूसरे गुटों के जिलाध्यक्षों को हटा रहे हैंं।





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