सेना की कश्मीरी मांओं से अपील, जो बंदूक उठाएगा वो मारा जाएगा

सेना की कश्मीरी मांओं से अपील, जो बंदूक उठाएगा वो मारा जाएगा

पुलवामा में केरिपुब काफिले पर हुए आतंकी हमले और कल हुई मुठभेड़ के बाद सेना और सुरक्षाबलों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान सेना की चिनार कोर्प्स के कमांडर, जनरल ऑफिसर कमांडिंग विक्टर फोर्स, जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी और केरिपुब के आईजी शामिल हुए।

जम्मू। कश्मीर में आतंकवादरोधी अभियानों में लिप्त भारतीय सेना ने कश्मीर की उन मांओं से निवेदन किया है, जिनके बच्चे आतंकवाद की राह पर चल पड़े हैं, कि वे अपने बच्चों को वापसी के लिए पुकार लें, अन्यथा सुरक्षाबल उन लोगों को दुनिया से मुक्ति देने को मजबूर होंगें जिन्होंने बंदूक उठा रखी है। सेना का कहना था कि कश्मीर में कई गाजी कई बार आए हैं और सेना ने उन्हें ऊपर पहुंचा दिया है। उनका कहना था कि पाक सेना और आईएसआई ही जैश-ए-मुहम्मद को पाल रही है। 

पुलवामा में केरिपुब काफिले पर हुए आतंकी हमले और कल हुई मुठभेड़ के बाद सेना और सुरक्षाबलों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान सेना की चिनार कोर्प्स के कमांडर, जनरल ऑफिसर कमांडिंग विक्टर फोर्स, जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी और केरिपुब के आईजी शामिल हुए। सेना की 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा कि शहीदों के परिवारों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं और कश्मीर में जो बंदूक उठाएंगे वे मारे जाएंगे। सेना ने 100 घंटे के भीतर जम्मू कश्मीर में जैश-ए-मुहम्मद की टॉप लीडरशिप को मार गिराया है।

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लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन ने कहा कि कश्मीरी समाज में सभी मां अच्छा रोल निभा रही हैं। हम उनसे अनुरोध करते हैं कि वह अपने आतंक की राह पर चल पड़े अपने बेटों को वापस आने के लिए कहें। उनसे सरेंडर कर देने को कहें। वरना अगर कोई भी हथियार के साथ पकड़ा गया तो वह मारा जाएगा। उन्होंने सख्त संदेश देते हुए कहा कि कश्मीर में जो बंदूक उठाएगा, मारा जाएगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना और आईएसआई के इशारे पर पुलवामा में हमला हुआ है। 

सेना ने कश्मीर के नागरिकों से अपील भी की है कि पुलवामा में मुठभेड़ वाली जगह से आम नागरिक दूर रहें। सेना ने कहा कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान और आईएसआई का हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। ये हमला पाकिस्तान की सेना और आईएसआई के इशारे पर हुआ है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ही जैश-ए-मुहम्मद को कंट्रोल कर रही है। वे कहते थे कि जैश पाकिस्तानी सेना का बच्चा है। इन आतंकियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। जो भी कश्मीर में घुसेगा मारा जाएगा। 

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सेना ने कहा कि कश्मीर में कितने गाजी आए और चले गए, जितने आएंगे हम उनको निबटा देंगे। जो भी कश्मीर में घुसेगा मारा जाएगा। सेना ने पुलवामा हमले में शामिल आतंकियों के सवाल पर कहा है कि इसमें कौन-कौन शामिल थे और उनका क्या उद्देश्य था हम नहीं बता सकते हैं। इसकी जांच केरिपुब कर रही है। सेना ने बताया कि सोमवार को पुलवामा मुठभेड़ के दौरान सेना के ब्रिगेडियर हरबीर सिंह छुट्टी पर थे। जैसे ही उन्हें मुठभेड़ की खबर मिली, उन्होंने टीम का नेतृत्व किया। इस मुठभेड़ में वह घायल हो गए और उनका इलाज चल रहा है।

जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी एसपी पाणि ने कहा है कि आंतकियों की भर्ती में गिरावट आई है, पिछले तीन महीने से हमें किसी युवा के आतंकी बनने की खबर नहीं मिली है। इसमें कश्मीरी परिवारों का अहम योगदान रहा है। हम कश्मीरी परिवारों से अपील करते हैं कि वह अपने बच्चों को आतंक संगठनों में शामिल होने से रोके।





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