PM मोदी ने 'स्‍टैच्यू ऑफ यूनिटी' पहुंचकर सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रीय एकता परेड में हुए शामिल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 31, 2020   09:03
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PM मोदी ने 'स्‍टैच्यू ऑफ यूनिटी' पहुंचकर सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रीय एकता परेड में हुए शामिल

लौह पुरुष सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को एकता की शपथ दिलाई और एकता दिवस परेड का निरीक्षण भी किया।

केवडिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लौह पुरुष सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती पर उन्‍हें यहां केवडिया में ‘स्‍टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर शनिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘राष्ट्रीय एकता और अखंडता के अग्रदूत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जन्म-जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।’’ इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को एकता की शपथ दिलाई और एकता दिवस परेड का निरीक्षण भी किया। ‘स्‍टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। इस परेड में केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल, भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवान शामिल हुए।

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सीआरपीएफ की महिला अधिकारियों द्वारा इस मौके पर राइफल ड्रिल का प्रदर्शन भी किया गया। केवडिया की आदिवासी विरासत को भी एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए लोगों के सामने प्रदर्शित किया गया। सरदार पटेल भारत के पहले गृहमंत्री थे और स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण का श्रेय उनकी सियासी और कूटनीतिक क्षमता को दिया जाता है। वर्ष 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को ‘नेशनल यूनिटी डे’ या ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

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गुजरात में नर्मदा जिले में सरदार सरोवर बांध के सामने सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची लौह प्रतिमा का निर्माण किया गया है। इस प्रतिमा का नाम ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ रखा गया है। यह प्रधानमंत्री मोदी की ही परिकल्पना थी। सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के खेड़ा जिले में हुआ था।

यहां देखें राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड: 





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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ब्रिटेन में प्रयोग किया गया भारत के फेसबुक यूजर्स का डाटा, CBI ने किया मामला दर्ज

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   14:31
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ब्रिटेन में प्रयोग किया गया भारत के फेसबुक यूजर्स का डाटा, CBI ने किया मामला दर्ज

सीबीआई ने ब्रिटेन स्थित कैम्ब्रिज एनालिटिका और ग्लोबल साइंस रिसर्च के खिलाफ भारत में फेसबुक उपयोगकर्ताओं का डेटा व्यवसायिक उद्देश्यों के लिए गैरकानूनी तरीके से एकत्रित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली। सीबीआई ने ब्रिटेन स्थित कैम्ब्रिज एनालिटिका और ग्लोबल साइंस रिसर्च के खिलाफ भारत में फेसबुक उपयोगकर्ताओं का डेटा व्यवसायिक उद्देश्यों के लिए गैरकानूनी तरीके से एकत्रित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला था कि ग्लोबल साइंस रिसर्च ने ‘दिस इज योर डिजिटल लाइफ’ नाम से ऐप बनाया था और इसे फेसबुक ने 2014 में अपने उपयोगकर्ताओं के विशेष डेटासेट का शोध एवं अकादमिक उद्देश्यों के लिएइस्तेमाल करने का अधिकार दिया था।

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अधिकारियों ने कहा कि इसके बाद कंपनी ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ आपराधिक साजिश रची और उसे इस डेटा को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने की मंजूरी दी। अधिकारियों के अनुसार फेसबुक ने 2016-17 में दोनों कंपनियों से प्रमाणपत्र प्राप्त किये थे कि ‘दिस इज योर डिजिटल लाइफ’ का इस्तेमाल करते हुए उनके द्वारा एकत्रित आंकड़ों को सहेजने के बादउन्हें नष्ट कर दिया गया।

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हालांकि सीबीआई जांच में इस तरह आंकड़ों को नष्ट किये जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला। एक अधिकारी ने प्राथमिकी के हवाले से कहा, ‘‘जांच में प्रथमदृष्टया साबित हुआ कि ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड, ब्रिटेन ने बेईमानी और धोखाधड़ी से ‘दिस इज योर डिजिटल लाइफ’ के ऐप उपयोगकर्ताओं और उनके फेसबुक फ्रेंड्स के डेटा प्राप्त किये।





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CWC की बैठक: कांग्रेस अध्यक्ष समेत, संगठन का चुनाव मई में कराने की संभावना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   14:22
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CWC की बैठक: कांग्रेस अध्यक्ष समेत, संगठन का चुनाव मई में कराने की संभावना

कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडल्यूसी) की शुक्रवार को बैठक शुरू हुई। इसमें संगठन के चुनाव, किसान आंदोलन और कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडल्यूसी) की शुक्रवार को बैठक शुरू हुई। इसमें संगठन के चुनाव, किसान आंदोलन और कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ नेता मधुसूधन मिस्त्री की अध्यक्षता वाले केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने कांग्रेस अध्यक्ष समेत संगठन का चुनाव तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव के बाद मई में कराने का प्रस्ताव रखा है।

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सूत्रों का कहना है कि चुनाव प्राधिकरण ने 29 मई को अधिवेशन कराए जाने की भी पेशकश की है। सीडब्ल्यूसी चुनाव प्राधिकरण के प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है और आज इस पर कोई अंतिम निर्णय होगा। गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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बिहार विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों के उप चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल जैसे कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के सक्रिय अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग फिर उठाई। वैसे, कांग्रेस नेताओं का एक बड़ा धड़ा लंबे समय से इस बात की पैरवी कर रहा है कि राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस की कमान संभालनी चाहिए। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस के 99.99 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी फिर से उनका नेतृत्व करें।





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संविधान को जानें: संघ और राज्यों के बीच संबंधों को इन अनुच्छेदों में दर्शाया गया है

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 22, 2021   14:03
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संविधान को जानें: संघ और राज्यों के बीच संबंधों को इन अनुच्छेदों में दर्शाया गया है

संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंधों का उल्लेख संविधान के भाग-11 के अध्याय 1 में अनुच्छेद 245 से लेकर 254 तक में किया गया है। अनुच्छेद 245 के मुताबिक संसद भारत के सम्पूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकती है।

नयी दिल्ली। विश्व के सबसे बड़े संविधान यानी की भारतीय संविधान की नई सीरीज संविधान को जानें में आज हम संघ और राज्यों के बीच संबंध की बात करेंगे। संविधान के अंतर्गत संघ और राज्यों के बीच तीन प्रकार के संबंधों की व्यवस्था की गई है। जिन्हें हम विधायी, प्रशासनिक और वित्तीय के तौर पर जानते हैं।

विधायी संबंध

संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंधों का उल्लेख संविधान के भाग-11 के अध्याय 1 में अनुच्छेद 245 से लेकर 254 तक में किया गया है। अनुच्छेद 245 के मुताबिक संसद भारत के सम्पूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकती है और किसी राज्य का विधानमंडल सम्पूर्ण राज्य या उसके एक भाग के लिए कानून बना सकता है। 

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केंद्र और राज्य सरकारों के बीच में विधायी शक्तियों के विभाजन के संबंध में सातवीं अनुसूची के अनुच्छेद 246 के अंतर्गत संविधान में तीन सूचियां अंकित की गई हैं- संघ-सूची, राज्य-सूची और समवर्ती-सूची।

  • संघ सूची में राष्ट्रीय महत्व वाले 97 विषय हैं।
  • राज्य सूची में राज्यीय महत्व वाले 66 विषय हैं।
  • समवर्ती-सूची में 47 ऐसे विषय हैं जिन पर संसद एवं राज्यों के विधानमंडल दोनों ही कानून बना सकते हैं।

प्रशासनिक संबंध

संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंधों का उल्लेख संविधान के भाग-11 के अध्याय 2 में अनुच्छेद 256 से लेकर 263 तक में किया गया है। इनमें संघ एवं राज्य सरकारों के बीच में प्रशासनिक शक्तियों का विभाजन किया गया है लेकिन शक्तियों के मामले में संघ ज्यादा ताकतवर होता है। 

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अनुच्छेद 263 के मुताबिक, संविधान ने राष्ट्रपति को अंतर्राज्यिक परिषद की स्थापना करने का अधिकार प्रदान किया है। इन परिषदों का उद्देश्य यह है कि वह राज्यों के आपसी विवादों और राज्यों के या संघ एवं राज्यों के सामान्य हित के आपसी मामलों के बारे में जांच करें, सलाह दें और सिफारिशें करें।

वित्तीय संबंध

संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संबंध का उल्लेख संविधान के भाग-12 के अध्याय 1 में मिलता है। वित्तीय क्षेत्र में भी संघ और राज्यों के बीच विभाजन किया गया है। जो 1935 के अधिनियम पर आधारित है। बता दें कि वित्तीय दृष्टि से संघ ज्यादा सशक्त है लेकिन राज्यों के भी अपने संशाधन होते हैं। कुछ करों को राज्य सरकारों को ही सौंपा गया है। वह अपने द्वारा लगाए गए करों को खुद ही वसूलती हैं और राज्य की आवश्कतानुसार उस धन का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि संघ द्वारा लगाए गए सभी करों को संघ सरकार न तो एकत्रित कर सकती है और न ही उनका स्वयं ही व्यय करती है। संविधान के अनुच्छेद 265 के मुताबिक, विधि के अधिकार के बिना करों का अधिरोपण न किया जाना- कोई कर विधि के प्राधिकार से ही अधिरोपित या संग्रहित किया जाएगा, अन्यथा नहीं। आपको बता दें कि भारतीय संविधान में 'केंद्र' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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