देश के 400 जिलों में कोविड-19 की साप्ताहिक संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ज्यादा: सरकार

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अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों के मामले में शीर्ष 10 राज्यों का देश में कुल उपचाराधीन मामलों में 77 प्रतिशत से अधिक का योगदान है।

नयी दिल्ली|  केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कुछ जगहों पर कोविड संक्रमण के मामले कम होने या उनमें कोई परिवर्तन नहीं होने के संकेत मिले है लेकिन इस प्रवृत्ति पर गौर करने की जरूरत है।

सरकार ने कहा कि हालांकि देश के 400 जिलों में कोविड-19 की साप्ताहिक संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ज्यादा है। सरकार ने कहा कि कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, राजस्थान में कोविड-19 के सर्वाधिक मामले आ रहे हैं।

उसने कहा कि संक्रमण में वृद्धि को रोकने के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है। सरकार ने कहा कि हालांकि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, ओडिशा, हरियाणा, पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के मामलों और संक्रमण दर में गिरावट आई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘स्पष्ट रुझान हैं कि कोविड-19 के कुछ मामलों में ही ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों या आईसीयू बिस्तरों की आवश्यकता हुई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, कोविड​​-19 के उपचाराधीन मामलों और मौत के मामले पहले की लहरों की तुलना में वर्तमान लहर के दौरान बहुत कम हैं।’’ कोविड-उपयुक्त व्यवहार बरतने में किसी भी तरह की ढिलाई के खिलाफ चेतावनी देते हुए, अग्रवाल ने कहा कि 400 जिलों में 10 प्रतिशत से अधिक साप्ताहिक कोविड संक्रमण दर की सूचना है, जबकि 141 जिलों में यह 26 जनवरी को समाप्त सप्ताह में पांच से 10 प्रतिशत के बीच थी। उन्होंने कहा कि दिसंबर में जीनोम अनुक्रमण में ओमीक्रोन स्वरूप के 1,292 मामले मिले और जनवरी में यह संख्या बढ़कर 9,672 हो गई।

अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों के मामले में शीर्ष 10 राज्यों का देश में कुल उपचाराधीन मामलों में 77 प्रतिशत से अधिक का योगदान है।

उन्होंने कहा कि 11 राज्यों में 50,000 से अधिक उपचाराधीन मरीज हैं जबकि कर्नाटक, महाराष्ट्र और केरल में तीन लाख से अधिक मरीज हैं। उन्होंने कहा कि देश में 97.03 लाख स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम मोर्चे के कर्मियों और 60 वर्ष तथा उससे अधिक उम्र के लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की ‘एहतियाती’ खुराक दी गई।

उन्होंने कहा कि साथ ही, 15-18 वर्ष आयु वर्ग के 59 प्रतिशत किशोरों को अब तक कोविड टीके की पहली खुराक मिल चुकी है।

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