बंगाल में फिर Post-Poll Violence, Howrah में BJP कार्यकर्ताओं पर बम से हमला, TMC पर आरोप

भाजपा ने हिंसा के लिए सीधे तौर पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराया है और दावा किया है कि शिबपुर के चौराबस्ती इलाके में हुए हमले में उसके कम से कम दो कार्यकर्ता घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुए इस वीडियो में अशांति के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिसमें धमाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं और एक संकरी गली में धुआं उठता दिख रहा है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। हावड़ा के शिबपुर इलाके से वायरल हुए एक वीडियो में सड़कों पर अराजकता के बीच भीड़ को बम फेंकते, संपत्ति में तोड़फोड़ करते और अल्लाहू अकबर और नारा-ए-तकबीर के नारे लगाते हुए दिखाया गया है। भाजपा ने हिंसा के लिए सीधे तौर पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराया है और दावा किया है कि शिबपुर के चौराबस्ती इलाके में हुए हमले में उसके कम से कम दो कार्यकर्ता घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुए इस वीडियो में अशांति के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिसमें धमाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं और एक संकरी गली में धुआं उठता दिख रहा है।
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वीडियो में पुरुषों का एक समूह इलाके में घूमता हुआ और धार्मिक नारे लगाता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे निवासियों में दहशत फैल रही है। वीडियो में सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान और झड़पों के बाद इलाके में व्याप्त तनाव को भी दर्शाया गया है। भाजपा नेताओं के अनुसार, हिंसा तब भड़की जब स्थानीय नेता शमीम अहमद के नेतृत्व में टीएमसी के कथित समर्थकों ने इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। जीतने वाली पार्टी ने दावा किया कि झड़प के दौरान उसके कार्यकर्ताओं पर पत्थर, ईंट और देसी बमों से हमला किया गया। खबरों के मुताबिक, दो भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए और उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया। इस घटना ने एक तीखे राजनीतिक टकराव को जन्म दिया, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिबपुर पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन पर विपक्षी समर्थकों पर लक्षित हमलों को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
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प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस स्टेशन का घेराव कर हिंसाग्रस्त इलाके में तत्काल गिरफ्तारियों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। तनाव बढ़ने के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। सुरक्षाकर्मियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त की ताकि आगे की झड़पों को रोका जा सके और स्थिति सामान्य की जा सके। अधिकारियों ने अभी तक नारों से जुड़े आरोपों या हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के बारे में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
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