Prashant Kishor ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा

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जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने पटना में कहा कि प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद होने के कारण मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अपना पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग का रवैया पिछले कुछ समय से सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में रहा है।

पटना, नौ अक्टूबर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि प्रत्यक्ष साक्ष्य होने के कारण कुमार को पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर पिछले आठ से 10 वर्षों से सवाल उठते रहे हैं और केवल एक व्यक्ति के इस्तीफे से यह मामला समाप्त नहीं होगा। किशोर ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहेंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग कुछ समय से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहा है और उसके कुछ फैसलों से सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचा है। किशोर ने कहा, “ मैं जानता हूं कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है। उन्हें निश्चित रूप से इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि उनके खिलाफ प्रत्यक्ष साक्ष्य हैं।

हालांकि, यह समझना होगा कि मामला केवल एक व्यक्ति से संबंधित नहीं है। पिछले आठ से 10 वर्षों से निर्वाचन आयोग का आचरण सवालों के घेरे में रहा है।” पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी की हार के बाद किशोर ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर चुनाव की वैधता को चुनौती दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये भेजना मतदाताओं को प्रभावित करने के समान था।

किशोर ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने इस मामले में आंखें मूंद लीं और अदालत ने भी हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। उन्होंने चुनावों में बढ़ते खर्च पर दावा किया कि उनकी पार्टी ने सरकार को अधिक प्रयास करने और अतिरिक्त धन खर्च करने के लिए मजबूर किया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने कहा कि जन सुराज ने बिहार के लोगों को यह संदेश दिया कि अगर वे अपने वोट के बदले 10 हजार रुपये मांग सकते हैं, तो शिक्षा और रोजगार जैसी सुविधाओं की मांग भी कर सकते हैं।

किशोर ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से राजग उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद चुनाव लड़ रहे जनता दल यूनाइटेड (जदयू) नेता नीरज कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका राजनीतिक अंत सुनिश्चित हो चुका है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार सार्वजनिक रूप से एक मिनट के लिए भी नीरज कुमार का समर्थन कर दें, तो वह अपना उम्मीदवार वापस ले लेंगे। बिहार विधान परिषद की आठ सीट के लिए 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

विधान परिषद के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

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