पीएफआई वीडियो मामले में पुणे पुलिस ने प्राथमिकी में देशद्रोह का आरोप लगाया

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पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की ओर से दो दिन पहले आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के बाद शहर की पुलिस ने रविवार को मामले में देशद्रोह का आरोप जोड़ा है।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की ओर से दो दिन पहले आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के बाद शहर की पुलिस ने रविवार को मामले में देशद्रोह का आरोप जोड़ा है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गैर कानूनी तरीके से जमा होने के आरोप में 60-70 संदिग्ध पीएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

बंडगार्डन पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 109,120 बी (आपराधिक साजिश), 124 ए (देशद्रोह की सजा), 153 ए और बी (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) को जोड़ा है। पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक प्रताप मानकर ने बताया, ‘‘हमने पीएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की थी। हमने मामले में कुछ और धारायें जोड़ी हैं और आगे की जांच जारी है।’’

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने मई में औपनिवेशिक युग के राजद्रोह कानून पर तब तक के लिए रोक लगा दी थी, जब तक कि एक ‘‘उपयुक्त’’ सरकारी मंच इसकी फिर से जांच नहीं कर लेता और केंद्र एवं राज्यों को अपराध का हवाला देते हुए कोई नई प्राथमिकी दर्ज नहीं करने का निर्देश दिया था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें कथित तौर पर दिखाया गया था कि ‘‘पाकिस्तान जिंदाबाद’’ का नारा उस समय दो बार लगाया गया था जब आंदोलनकारी पीएफआई कार्यकर्ताओं को एक पुलिस की गाड़ी में डाला जा रहा था।

संगठन पर हाल ही में देशभर में हुयी छापेमारी और उसके कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने करीब 40 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इससे पहले रविवार को महाराष्ट्र के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे के पुलिस आयुक्त को देशद्रोह का आरोप लगाने का निर्देश दिया था। देशभर में पीएफआई पर हुयी छापेमारी के दौरान महाराष्ट्र और कर्नाटक में 20-20, तमिलनाडु में दस, असम में नौ, उत्तर प्रदेश में आठ, आंध्र प्रदेश में पांच, मध्यप्रदेश में चार, पुडुचेरी और दिल्ली में तीन-तीन जबकि राजस्थान में दो लोग गिरफ्तार किये गये थे।

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