Crime पर हमारी Zero Tolerance नीति, Ankita Case में बोले CM Dhami, Politics कर रही Congress

Pushkar Singh Dhami
ANI
अंकित सिंह । Oct 15 2026 3:37PM

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति रही है और कांग्रेस इस पर बेवजह राजनीति कर रही है। वहीं राहुल गांधी ने अंकिता के परिजनों को इंडिया गेट से हिरासत में लिए जाने पर सरकार को घेरा और सीबीआई जांच की मांग उठाई।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासत तेज है। इस बीत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही हमने इस मामले में हर संभव कोशिश की है और सभी जरूरी कानूनी कदम उठाए हैं। परिवार से बातचीत के बाद, जिसमें उनकी CBI जांच की मांग भी शामिल थी, हमने ऐसी जांच कराने के लिए आगे और प्रयास किए। हमारे स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी से की गई कार्रवाई के कारण ही हाई कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कानूनी प्रक्रिया चल रही है, और इस तरह के अपराध के लिए हमारी 'जीरो टॉलरेंस' (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति है। यह साफ है कि कांग्रेस पार्टी के पास कोई ठोस मुद्दा या एजेंडा नहीं है, इसलिए वे बार-बार इस मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।

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दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ तब तक खड़ी रहेगी, जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता। गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कि सुबह चार बजे अंकिता भंडारी के माता-पिता को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया, जब वे इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक बैठे थे। ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट रही 19 वर्षीय अंकिता की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराया था और तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अंकिता के माता-पिता की मांग थी कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि वह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा एक दिन पहले अंकिता के माता-पिता से मिले थे। गांधी ने आरोप लगाया कि जिस जांच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की और सवाल पूछने वाले मां-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया।

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सरकार पर पीड़ितों की आवाज दबाने और सवाल उठाने वालों को हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी। कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी—जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।’’ पुलिस ने अंकिता के माता पिता और कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया था, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

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