CM Mohan Yadav पर बरसे Rahul Gandhi, Balaghat में बच्चों की मौतों पर उठाए गंभीर सवाल

rahul gandhi
ANI
अंकित सिंह । Sep 17 2026 4:16PM

मध्य प्रदेश के बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत पर राहुल गांधी ने मोहन यादव सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने राज्य में कुपोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही को इन मौतों का जिम्मेदार ठहराया। वहीं प्रशासन ने प्रभावित इलाके में मेडिकल स्क्रीनिंग, इलाज और टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 सितंबर को बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की मौत की खबरों के बाद मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने इन मौतों के लिए राज्य में बीमारी, कुपोषण, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और साफ़ पानी न मिल पाने को ज़िम्मेदार ठहराया। X पर एक पोस्ट में, गांधी ने राज्य सरकार की धीमी प्रतिक्रिया और असंवेदनशीलता की निंदा करते हुए कहा कि बालाघाट में बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हो गई है। संवेदनहीनता का आलम यह है कि मासूम जानें जाती रहीं, फिर भी प्रतिक्रिया धीमी रही और सरकार सोती रही।

इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Indore Event पर नया विवाद, 10 लाख देने के बाद Congress से मांगे गए और 4 लाख

उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से कहा कि मुख्यमंत्री जी, अगर आपको दीये जलाने और त्योहार मनाने के बाद समय मिले, तो ज़रा राज्य की ज़मीनी हक़ीक़त पर भी नज़र डालिए। गांधी ने सरकार पर चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था, बीमारियों को रोकने में नाकामी, कुपोषण, और मिलावटी दवाओं व अवैध शराब जैसी समस्याओं का आरोप भी लगाया। कांग्रेस नेता ने कहा कि वह मध्य प्रदेश भर में छात्रों, युवाओं और आम जनता से फ़ीडबैक लेने के लिए इंदौर जा रहे हैं। उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था की भी आलोचना करते हुए कहा कि सामने आ रही भयावह घटनाएं यह दिखाती हैं कि मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज पूरे देश में सबसे ज़्यादा बर्बाद हो चुकी है।

गांधी ने कहा कि छात्र, बच्चे, गरीब लोग, दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और महिलाएं समेत कई समूह परेशान हैं। उन्होंने आगे कहा कि हर वर्ग को सताया जा रहा है; कोई भी खुश नहीं है।" उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे अक्षम सरकार है—यही सच है। अधिकारी बालाघाट के बिरसा ब्लॉक में आदिवासी इलाकों से बुखार, रैश और मौतों की खबरों पर कार्रवाई कर रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी प्रभावित और आस-पास के इलाकों में निगरानी, ​​मेडिकल स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, इलाज और टीकाकरण अभियान चला रहे हैं। उठाए गए कदमों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की तैनाती, अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाएं, रेफरल की व्यवस्था और बीमारी फैलने पर टीकाकरण शामिल है।

इसे भी पढ़ें: अब्दुल्ला-मायावती-सिब्बल...एक-एक कर मोदी के समर्थन में अचानक क्यों उतरने लगे विरोधी,'चक्रव्यूह' में फंसे राहुल?

मौतों की जांच में कई मेडिकल कारण सामने आए हैं, जैसे खसरा, मलेरिया, खसरा-मलेरिया का एक साथ संक्रमण, सांस लेने में तकलीफ, डिहाइड्रेशन, कुपोषण, एनीमिया और शॉक। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त सबूत के बिना इन मौतों के लिए किसी एक पैथोजन (बीमारी फैलाने वाले जीव) को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार ने कमजोर आदिवासी और विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (PVTG) वाले इलाकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं को तेज कर दिया है। इसमें बीमारी का जल्द पता लगाने, तुरंत इलाज, टीकाकरण, बीमारी की रोकथाम और दूर-दराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़