बिहार में बाढ़ को लेकर राहुल का ट्वीट, नीतीश के मंत्री ने दिया करारा जवाब

बिहार में बाढ़ को लेकर राहुल का ट्वीट, नीतीश के मंत्री ने दिया करारा जवाब

अपने ट्वीट में राहुल ने लिखा कि बिहार के बाढ़ पीड़ित परिवारों को मेरी संवेदनाएं। महामारी के समय में ये आपदा एक बड़ी त्रासदी है। मैं कांग्रेस के साथियों से अपील करता हूं कि राहत कार्य में हाथ बटायें। हमारा हर क़दम जन सहायता के लिए उठे। यही कांग्रेस विचारधारा की असली पहचान है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सक्रिय रहते हैं। अपने ट्वीट के जरिए सरकारों पर जमकर हमला करते हैं। इन सबके बीच राहुल ने बिहार में जलजमाव और बाढ़ की स्थिति को लेकर ट्वीट किया था। अपने ट्वीट में राहुल ने लिखा कि बिहार के बाढ़ पीड़ित परिवारों को मेरी संवेदनाएं। महामारी के समय में ये आपदा एक बड़ी त्रासदी है। मैं कांग्रेस के साथियों से अपील करता हूं कि राहत कार्य में हाथ बटायें। हमारा हर क़दम जन सहायता के लिए उठे। यही कांग्रेस विचारधारा की असली पहचान है।

राहुल की ट्वीट का जवाब बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने दिया है। संजय कुमार झा ने राहुल पर करारा हमला करते हुए कहा कि राहुल जी, आपदा की घड़ी में बिहार सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और राहत पहुंचाने के लिए हमेशा जमीन पर मुस्तैदी के साथ काम करती है, सोशल मीडिया पर हवाबाजी नहीं करती।’’ उन्होंने बिहार में नदियों के जलस्तर को लेकर आंकडे साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘जमीनी हकीकत यह है कि आज बिहार की कोई भी नदी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही। 23 जून की स्थिति संलग्न है।’’ 

इसे भी पढ़ें: तेजस्वी का चिराग को ऑफर, लापता होने के आरोपों पर कहा - मैं नेता के साथ बेटा भी हूं

जदयू के वरिष्ठ नेता और नीतीश कुमार के विश्वासपात्र माने जाने वाले संजय ने राहुल पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ बिहार में बाढ़ से सुरक्षा के लिए जल संसाधान विभाग की टीमें नदियों के जलस्तर और तटबंधों की 24 घंटे निगरानी कर रही हैं। आपके ट्वीट से स्पष्ट है कि या तो आपको सही स्थिति की जानकारी नहीं दी जाती है, या हकीकत जानने में आपकी दिलचस्पी नहीं है। खैर आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।’’ 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।