Raipur Police ने Pune से पकड़े ठगी गिरोह के 7 सदस्य, 4 करोड़ रुपये बरामद

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छत्तीसगढ़ की पुलिस ने नोट दोगुना करने का झांसा देकर अरबों की ठगी करने वाले अंतर-राज्यीय गिरोह के सात सदस्यों को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने आरोपियों के पास से चार करोड़ रुपये से अधिक नकद, 17 मोबाइल फोन और कथित केमिकल जब्त किए हैं। मामले में दो महिला आरोपियों को पहले ही पकड़ा जा चुका था, जिसके बाद कुल गिरफ्तारियां नौ हो गई हैं।

छत्तीसगढ़ में रायपुर पुलिस ने देशभर में सैकड़ों लोगों से अरबों रुपये की ठगी करने के आरोपी अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महाराष्ट्र के पुणे से सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, गिरोह कथित तौर पर ‘वॉश-एंड-वॉश’ या ब्लैक करेंसी धोखाधड़ी में शामिल था।

आरोपी लोगों को एक कथित रासायनिक प्रक्रिया के जरिए पैसे दोगुने करने का लालच देते थे और दावा करते थे कि काले रंग से ढके नोटों को विशेष केमिकल व विदेशी तकनीक से असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सकता है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार करोड़ रुपये से अधिक नकद, 17 मोबाइल फोन, करेंसी नोट के आकार में कटे काले कागज, कांच की प्लेटें और अन्य सामान व दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में नागपुर से पहले गिरफ्तार की गईं कनीज फातिमा उर्फ भावना पांडे (24) और दीपिका पालीवाल (24) से पूछताछ तथा मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के पुणे में होने की जानकारी मिली।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस दल ने पुणे में करीब एक सप्ताह तक संदिग्धों की तलाश की, तो सूचना मिली कि वे खंडाला के एक रिसॉर्ट में हैं। इसके बाद सातों आरोपियों को कथित तौर पर उस समय पकड़ा गया, जब वे वाराणसी के एक व्यक्ति को पैसे दोगुने करने का लालच देकर ठगने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पीड़ित कथित तौर पर करोड़ों रुपये लेकर रिसॉर्ट पहुंचा था और पुलिस के हस्तक्षेप से पहले रकम आरोपियों को सौंप चुका था।

अधिकारी ने बताया कि सातों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया। उनकी पहचान ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी (46), प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन, शेट्टी या रेड्डी (52), मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर (55), विवेक सिंह (48), शुभम पांडे (37), योगेंद्र चौहान (48) और बालमुकुंद दीक्षित (40) के रूप में हुई है। पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ज्ञान प्रकाश, प्रवीण और मनोज कुमार इस गिरोह के कथित सरगना हैं।

उन्होंने बताया कि गिरोह 2005 से सक्रिय बताया जाता है और छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान व दिल्ली समेत कई राज्यों में 100 से अधिक लोगों से अरबों रुपये की ठगी कर चुका है। इस मामले में दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या नौ हो गई है। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है तथा मामले की जांच जारी है।

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