चीन और पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए राजनाथ बोले- यदि कोई युद्ध हुआ, तो भारत बनेगा विजेता

rajnath singh
ANI
अंकित सिंह । Jul 24, 2022 7:26PM
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ तौर पर कहा कि ‘हम पर बुरी नजर डालने वाला कोई भी हो’ भारत मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर दौरे पर गए रक्षा मंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि यदि आज के समय में कोई युद्ध हुआ तो भारत विजेता बनकर वह भरेगा।

पाकिस्तान और चीन के साथ भारत के रिश्ते तनाव भरे रह रहे हैं। 2020 में लद्दाख में हुई घटना के बाद से भारत और चीन के बीच के टकराव में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अब तक भारत और चीन के बीच 16 दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। चीन लगातार एलएसी पर अपनी विस्तार वाली सोच को बढ़ाने में जुटा हुआ है। वहीं, पाकिस्तान आतंकवाद के जरिए भारत के खिलाफ लगातार साजिश रचता रहता है। इन सबके बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज एक बार फिर से दुश्मन देशों को बड़ी चेतावनी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ तौर पर कहा कि ‘हम पर बुरी नजर डालने वाला कोई भी हो’ भारत मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर दौरे पर गए रक्षा मंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि यदि आज के समय में कोई युद्ध हुआ तो भारत विजेता बनकर वह भरेगा। 

इसे भी पढ़ें: जगदानंद सिंह के बिगड़े बोल, कहा- RSS की तरह है PFI, जब भी पाकिस्तानी एजेंट पकड़े गए, वे हिंदू थे

राजनाथ ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर पर भारत की संसद में प्रस्ताव पारित हुआ था। पाक अधिकृत कश्मीर भारत का हिस्सा था, भारत का हिस्सा है और रहेगा। ये कैसा हो सकता है कि शिव के स्वरूप बाबा अमरनाथ हमारे यहां हो और मां शारदा शक्ति स्वरूपा LoC के पार हो। रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के हिस्से को फिर से हासिल करने की वकालत करते हुए साफ तौर पर कहा कि यह भारत का हिस्सा है और इस देश का हिस्सा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि मैं आपको विश्वास के साथ बताना चाहता हूं कि अगर किसी विदेशी ताकत ने हम पर बुरी नजर डाली और युद्ध हुआ तो हम विजयी होंगे। उन्होंने कहा कि भारत ने 1947 के बाद से सभी युद्धों में पाकिस्तान को हराया और कड़वी हार के बाद उसने छद्म युद्धों को अंजाम दिया। 

इसे भी पढ़ें: लश्कर-ए-तैयबा ने कश्मीर से चार आंतकियों को जम्मू के पीर पंजाल भेजा, सुरक्षाबल धर-पकड़ में जुटे

रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि वर्ष 1965 और 1971 के प्रत्यक्ष युद्धों में हार का स्वाद चखने के बाद पाकिस्तान ने छद्म युद्ध का रास्ता अपनाया। दो दशकों से अधिक समय तक इसने ‘एक हजार घावों के साथ भारत को लहूलुहान’ करने की कोशिश की, लेकिन हर बार हमारे बहादुर सैनिकों ने दिखाया है कि कोई भी भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को भंग नहीं कर सकता है। सिंह ने राष्ट्र को आश्वस्त करते हुए कहा कि सशस्त्र बल भविष्य की सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन के साथ युद्ध के दौरान जम्मू-कश्मीर के लोग अपनी सेना के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि कोई हिंदू हो या मुस्लिम, सभी अपनी सेना के साथ खड़े हैं और इसे हम भूल नहीं सकते।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़