Srinagar City का हो गया कायाकल्प, G-20 बैठक से पहले चमचमा रही हैं सड़कें, बाजार और Dal Lake

Srinagar City G20 meeting
Prabhasakshi
गौतम मोरारका । May 12 2023 3:51PM

श्रीनगर में इस महीने के आखिर में आयोजित होने वाली जी-20 कार्यकारी समूह की बैठक से पहले अधिकारी मशहूर डल झील और शहर को स्वच्छ करने में जुटे हैं और 500 से अधिक मजदूर श्रीनगर को सुंदर बनाने के लिए ‘‘मिशन मोड’’ में काम कर रहे हैं।

कश्मीर में होने वाली जी-20 की बैठक से पहले श्रीनगर का पूरी तरह कायाकल्प हो गया है। श्रीनगर स्मार्ट सिटी अभियान के तहत श्रीनगर शहर के मुख्य बाजार और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर नई और पक्की सड़कें तथा साज सज्जा देखकर स्थानीय निवासी ही नहीं बल्कि पर्यटक भी बेहद प्रसन्न हैं। हम आपको बता दें कि श्रीनगर में पिछले कुछ समय से लगातार विकास संबंधी कार्य चल रहे थे जिसमें से अधिकांश पूरे हो चुके हैं और इस समय एक एक करके सभी का उद्घाटन किया जा रहा है। इसी कड़ी में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के पुनर्निर्मित पोलो व्यू बाजार का उद्घाटन किया। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हाल ही में पोलो व्यू मार्केट के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम पूरा हुआ था। दुकानदारों ने बाजार की सूरत बदलने के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। हम आपको यह भी बता दें कि श्रीनगर शहर में 3000 करोड़ रुपये की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर सुधार कार्य चल रहे हैं।

डल झील की सफाई का अभियान भी जोरों पर

हम आपको यह भी बता दें कि श्रीनगर में इस महीने के आखिर में आयोजित होने वाली जी-20 कार्यकारी समूह की बैठक से पहले अधिकारी मशहूर डल झील और शहर को स्वच्छ करने में जुटे हैं और 500 से अधिक मजदूर श्रीनगर को सुंदर बनाने के लिए ‘‘मिशन मोड’’ में काम कर रहे हैं। जी-20 पर्यटन समूह की बैठक 22 से 24 मई तक डल झील के तट पर स्थित शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में होने वाली है। कार्यक्रम के मद्देनजर झील में सफाई अभियान जोर-शोर से हो रहा है। डल झील समेत विभिन्न जल स्रोतों की सफाई के लिए जिम्मेदार झील संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने सफाई प्रक्रिया के लिए श्रमिकों एवं मशीनरी को तैनात किया है। प्राधिकरण मशीनरी और मानव श्रम दोनों की मदद से झील की सफाई कर रहा है और अतिथियों के लिए इसके सौंदर्यीकरण में जुटा है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बशीर अहमद भट ने कहा, ‘‘मुख्य कार्यक्रम डल झील के पास होने वाला है और इसलिए इसके सौंदर्यीकरण एवं इसे आकर्षक बनाने का काम पूरे जोर-शोर से किया जा रहा है।’’ बशीर अहमद भट ने कहा कि प्राधिकरण सौंदर्यीकरण के लिए श्रमिकों के साथ आधुनिक मशीनरी, प्रौद्योगिकी की भी मदद ले रहा है और दो-दो पालियों में काम किया जा रहा है।

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श्रीनगर और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी

दूसरी ओर, जी-20 की बैठक की बात करें तो आपको बता दें कि आतंकवादी हमले के खतरों के बीच कश्मीर घाटी के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने पुलिस बल की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरुवार रात के दौरान श्रीनगर का औचक निरीक्षण किया और कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की बड़ी सफलता सुनिश्चित करने के लिए रात-दिन सुरक्षा बलों का पहरा रहेगा। शहर के अंदरूनी इलाकों में सड़कों और गलियों से गुजरते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कश्मीर रेंज) विजय कुमार पठानचौक में स्थित पुलिस चौकी पहुंचे। हम आपको बता दें कि इस क्षेत्र में हमेशा वाहनों की आवाजाही लगी रहती है क्योंकि यह घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा है। 1997 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी विजय कुमार ने कुछ समय अपने जवानों के साथ बिताया जो इस अहम राजमार्ग के पास कड़ी निगरानी में जुटे रहते हैं। यह राजमार्ग आतंकवादियों के लिए श्रीनगर में प्रवेश का संभावित मार्ग हो सकता है। विजय कुमार के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश बलवाल भी थे। विजय कुमार ने जवानों की मुश्किलों के बारे में जाना और साथ ही उन्हें विकट परिस्थितियों में अपना काम करने के लिए मार्गदर्शन भी दिया। विजय कुमार ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा, ‘‘यह बेहद दबाव वाला कार्य है। हमें अंत तक 100 प्रतिशत सतर्क रहना पड़ता है। किसी भी तरह की नाकामी की हमें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।’’ विजय कुमार ने कहा कि पुलिस बल किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘आम तौर पर हमारे पास 365 दिन एक नाका होता है, लेकिन जब भी कोई महत्वपूर्ण घटना होती है तो हम में से हर कोई यह सुनिश्चित करने के लिए सड़कों पर होता है कि लोग शांति से सोएं।’’ विजय कुमार ने कहा, ‘‘नाकों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ी है और मेरे कई वरिष्ठ अधिकारी पिछले 15 दिनों से शहर के चारों ओर घूम रहे हैं। आज मैं उनका मनोबल बढ़ाने और सड़क पर अपने जवानों के साथ खड़े होने के लिए खुद निकला हूं।’’ उन्होंने कहा कि यह गश्त उन इलाकों में रात के दौरान सुरक्षा बनाए रखने की कवायद का हिस्सा है और यह दक्षिण कश्मीर से शहर में घुसने वाले आतंकवादियों के किसी भी खतरे का मुकाबला करने में मदद करती है। उन्होंने स्वीकार किया कि आगामी जी-20 बैठक के मद्देनजर आतंकवादी संगठनों से खतरे की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर डीजीपी का बयान

हम आपको यह भी बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने जम्मू क्षेत्र में सीमा पार से आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करने का प्रयास करने वाले सभी तत्वों की गतिविधियों की कड़ी निगरानी करने का निर्देश दिया है। दिलबाग सिंह ने रियासी जिले के माहौर क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने पुलिस और सेना के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की और जिले की सुरक्षा और अपराध की स्थिति की भी समीक्षा की। दिलबाग सिंह ने कहा, ‘‘रियासी जिला एक संवेदनशील स्थान है क्योंकि यह राजौरी के सीमावर्ती जिले के साथ-साथ घाटी से भी जुड़ा हुआ है। सीमापार करने के प्रयास हो सकते हैं और इसलिए सभी सुरक्षा बलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।’’ उन्होंने अधिकारियों को सभी मोर्चों को विशेष रूप से राष्ट्र विरोधी तत्वों और उनके समर्थकों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया और उनसे आतंकवादियों को किसी भी प्रकार का समर्थन प्रदान करने में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को सीमा पार से आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करने का प्रयास करने वाले तत्वों के अलावा सभी संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा।

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