परिजन ने गिरफ्तार पीएफआई कार्यकर्ता को इलाज के लिए एम्स स्थानांतरित करने का अनुरोध किया

पिछले साल पांच अक्टूबर को दिल्ली में कार्यरत केरल के पत्रकार सिद्दिकी कप्पन और रहमान सहित तीन अन्य लोगों को मथुरा पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया था जब वे हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार दलित लड़की के गांव जा रहे थे जिसकी मौत दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी।
हाथरस सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के गांव जा रहे तीन अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार पीएफआई के कथित कार्यकर्ता अतिकुर रहमान के ससुर ने मथुरा के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर उसे इलाज के लिए एम्स स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।
इस समय विचाराधीन कैदी के तौर पर वह मथुरा जेल में बंद है। यह जानकारी उसके वकील ने दी। जिलाधिकारी को संबोधित पत्र 23 सितंबर को लिखा गया है।
रहमान के वकील मधुबन दत्त चतुर्वेदी ने पत्र को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘अतिकुर रहमान बचपन से ही हृदय की धमनियों की बीमारी से ग्रस्त हैं और 22 सितंबर को मथुरा जेल से लखनऊ स्थित धनशोधन रोधी अधिनियम (पीएमएलए) विशेष अदालत ले जाते वक्त उन्हें हृदय और श्वास की गंभीर समस्या हुई।
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उन्होंने कहा कि रहमान को सबसे पहले खंडारी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा गया, जहां से उन्हें आगरा जिला अस्पताल और बाद में आगरा के एसएन चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज करने के बाद दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) या लखनऊ के एसजीपीजीआई स्थानांतरित करने की सलाह दी।
गौरतलब है कि पिछले साल पांच अक्टूबर को दिल्ली में कार्यरत केरल के पत्रकार सिद्दिकी कप्पन और रहमान सहित तीन अन्य लोगों को मथुरा पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया था जब वे हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार दलित लड़की के गांव जा रहे थे जिसकी मौत दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी।
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