Ranchi में RJD और AISA का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को राजद कार्यकर्ताओं और वाम समर्थित आइसा सदस्यों ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के विरोध में अलग-अलग प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। राजद ने 13 करोड़ वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा करते हुए प्रभावित राज्यों में दोबारा मतदान कराने की अपील की।
रांची, चार अक्टूबर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं और वाम समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्यों ने रविवार को यहां अलग-अलग प्रदर्शन करके विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। राजद ने रांची के धुर्वा बस स्टैंड चौक पर प्रदर्शन किया और निर्वाचन आयोग द्वारा कथित तौर पर ‘वोट चोरी’ किए जाने के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पुतले फूंके। वाम समर्थित आइसा के सदस्यों ने अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ तथा ‘ज्ञानेश कुमार को हटाओ’ जैसे नारे लगाए।
राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा, ‘‘विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में अब तक देशभर में 13 करोड़ वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं जो उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बर्खास्त करने और बिहार, पश्चिम बंगाल तथा उन अन्य राज्यों में नए सिरे से मतदान कराने की मांग करती है, जहां ‘‘एसआईआर के जरिए वोट हटाए गए हैं।’’ यादव ने कहा कि राजद तब तक अपना प्रदर्शन जारी रखेगा, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा नहीं दे देते। आइसा के रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा, ‘‘एसआईआर के जरिए वोट चोरी से करोड़ों आम लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र होने का प्रयास किया लेकिन दिल्ली पुलिस ने महिला पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया।
यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है।’’ उन्होंने कहा कि आइसा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता है जिन्होंने ‘‘वोट चोरी को उजागर नहीं होने दिया।
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