गुजरात में भगवा बयार, सभी छह नगर निगमों पर भाजपा का कब्जा

  •  अंकित सिंह
  •  फरवरी 23, 2021   19:18
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गुजरात में भगवा बयार, सभी छह नगर निगमों पर भाजपा का कब्जा

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्विट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, केंद्र और राज्य सरकार गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के कल्याण के साथ-साथ राज्य के वैश्विक विकास के लिए लगातार काम कर रही हैं। यह जीत भाजपा की नीति और नियति में लोगों के अविश्वसनीय विश्वास का प्रतीक है। मैं महानगर निकाय चुनावों में भाजपा के विकास और प्रगति के प्रतीक में फिर से विश्वास करने के लिए गुजरात के लोगों को दिल से बधाई देता हूं।

रविवार को गुजरात में हुए 6 नगर निगमों के चुनाव में भाजपा की शानदार विजय हुई है। अहमदाबाद, भावनगर, सूरत, बड़ोदरा, जामनगर और राजकोट में भाजपा ने सभी नगर निगमों पर एक बार फिर से कब्जा कर लिया है। सूरत में तो भाजपा लगातार 30 वर्षों से सत्ता में है। सूरत में कांग्रेस का सूपड़ा पूरी तरह से साफ हो गया है। यहां विपक्ष के रूप में आम आदमी पार्टी का उदय हुआ है। सूरत में आम आदमी पार्टी को 27 सीटें मिली हैं। इसी से गदगद अरविंद केजरीवाल ने ऐलान भी कर दिया है कि वह 26 फरवरी को सूरत में एक रोड शो भी करेंगे। अहमदाबाद में भी भाजपा की स्थिति बेहद ही मजबूत रही। हालांकि यहां असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी खाता जरूर खुल गया है। 

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वहीं, मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के शहर राजकोट में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपराजय बढ़त बना ली है। इतना ही नहीं, यहां 2015 के मुकाबले भाजपा को ज्यादा सीटें आई हैं। कुल मिलाकर अगर कहे तो भाजपा को जामनगर, राजकोट, बड़ोदरा और भावनगर के साथ-साथ सूरत और अहमदाबाद में भी बहुमत मिल गई है। एक तरफ भाजपा की शानदार विजय हुई है लेकिन सबसे खराब स्थिति वहां पर कांग्रेस की हुई है। कांग्रेस को इस नगर निगम के चुनावों में करारा झटका लगा है। उसके डेटिंग डेस्टिनेशन वाले वादे ने भी उसकी डूबती नैया को पार नहीं लगाया। यही कारण है कि लगभग सभी नगर निगम में भाजपा की तुलना में कांग्रेस काफी पीछे रही। आम आदमी पार्टी ने सूरत के नतीजों को चौंकाने वाला बताया है। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि नई राजनीति की शुरुआत के लिए गुजरात के लोगों को दिल से बधाई। पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि गुजरात के लोगों ने बहुत प्यार दिया है। गुजरात के रिजल्ट से कई राजनीतिक मायने सामने आएंगे। 

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आप ने छहों नगर निगमों में कुल 470 उम्मीदवार उतारे थे। वहीं, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने भाजपा की शानदार जीत पर बधाई देते हुए ट्वीट किया कि मैं सभी छह महानगरों के मतदाताओं का धन्यवाद देता हूं। मैं उन सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस चुनाव में कड़ी मेहनत की है। मैं गुजरात की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि बीजेपी में रखा गया भरोसा पार्टी बेकार नहीं जाने देगी। सरकार 6 नगर निगमों के विकास के लिए हर संभव कोशिश करेगी। रूपाणी ने ट्वीट में यह भी कहा कि गुजरात के लोगों ने राजनीतिक विश्लेषकों को एक विषय उपलब्ध कराया है, जो इस बारे में अध्ययन कर सकते हैं कि किस तरह से सत्ता विरोधी लहर का सिद्धांत राज्य (गुजरात) में लागू नहीं होता है। उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने भी चुनाव परिणामों को लेकर मतदाताओं और भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। रविवार को हुए छह नगर निगमों के चुनाव में औसतन 46.1 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जामनगर में तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। अहमदाबाद में कुल 192 सीटों, राजकोट में 72, जामनगर में 64, भावनगर में 52, वड़ोदरा में 76, और सूरत में 120 सीटों पर 21 फरवरी को मतदान हुआ था।

इस जीत के बाद भाजपा खेमे में जहां उत्साह है और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त खुशी है। वहीं कांग्रेस को एक बार फिर से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। आम आदमी पार्टी भी आज के प्रदर्शन को लेकर काफी खुश है। सूरत में कांग्रेस के नुकसान का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है इस बार पाटीदार आरक्षण समिति ने उसका विरोध किया था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने सबसे ज्यादा पाटीदार उम्मीदवारों को टिकट दिए थे और उन्हीं को केंद्र में रखकर प्रचार किया था। अहमदाबाद में भाजपा 2008 से लगातार जीत रही है। बड़ोदरा में 2005 से, सूरत की बात करें तो 1990 से भाजपा यहां लगातार चुनाव जीत रही है। राजकोट में भी 2005 चुनाव जीत रही है। भावनगर और जामनगर में 1995 से भाजपा सत्ता में है। 

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भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी गुजरात के चुनाव के नतीजों पर खुशी जाहिर की है उन्होंने ट्वीट कर कहा कि गुजरात की सभी छः महानगर पालिका में हुए स्थानीय निकाय के चुनावों में भाजपा को अपार बहुमत मिला है। गुजरात भाजपा की यह ऐतिहासिक जीत प्रदेश की जनता की आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन-कल्याणकारी और विकासोन्मुख नीतियों में अटूट विश्वास की जीत है। मैं प्रदेश की जनता को भाजपा में निरंतर विश्वास प्रकट करने के लिए धन्यवाद देता हूँ। चाहे बिहार विधानसभा चुनाव हो या 11 राज्यों में संपन्न हुए उप-चुनाव या फिर असम, अरुणाचल, जम्मू-कश्मीर, गोवा, राजस्थान, लद्दाख, हैदराबाद और गुजरात में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव, देश के किसान, मजदूर, व्यापारी, युवा एवं महिलाओं ने मोदी सरकार की नीतियों को भी अपना समर्थन दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने ट्विट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, केंद्र और राज्य सरकार गरीब, पिछड़े और वंचित वर्ग के कल्याण के साथ-साथ राज्य के वैश्विक विकास के लिए लगातार काम कर रही हैं। यह जीत भाजपा की नीति और नियति में लोगों के अविश्वसनीय विश्वास का प्रतीक है। मैं महानगर निकाय चुनावों में भाजपा के विकास और प्रगति के प्रतीक में फिर से विश्वास करने के लिए गुजरात के लोगों को दिल से बधाई देता हूं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


म्यांमा में घटनाक्रम पर करीबी नजर हैं, सभी मुद्दे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझने चाहिए : विदेश मंत्रालय

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   09:39
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म्यांमा में घटनाक्रम पर करीबी नजर हैं, सभी मुद्दे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझने चाहिए : विदेश मंत्रालय

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि म्यांमा में सैन्य तख्ता पलट के बाद से वहां के 16 नागरिक भारत आए हैं और मिजोरम में शरण ली है। दावा है कि उनमें से 11 पुलिसकर्मी हैं।

म्यांमा में सैन्य तख्ता पलट और अशांति की पृष्ठभूमि में भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह हालात पर करीब से नजर रखे हुए है और इस संबंध में साझेदार देशों से बातचीत भी कर रहा है। साथ ही उसने सभी मुद्दों को बातचीत के जरिए शांति से सुलझाने पर जोर दिया। म्यांमा से पुलिसकर्मियों सहित कुछ लोगों के भारत की सीमा में प्रवेश करने और मिजोरम में शरण लेने की खबरों के बीच विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह ‘‘तथ्यों का सत्यापन” कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि म्यांमा में सैन्य तख्ता पलट के बाद से वहां के 16 नागरिक भारत आए हैं और मिजोरम में शरण ली है। दावा है कि उनमें से 11 पुलिसकर्मी हैं।

 

पत्रकार वार्ता में इस बारे में सवाल करने पर मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘फिलहाल हम तथ्यों का सत्यापन कर रहे हैं, इस संबंध में अधिक सूचना के साथ आपको उत्तर देंगे।’’ म्यांमा के विस्थापित लोगों की सहायता के लिए भारत द्वारा पिछले सप्ताह तटरक्षक के दो जहाज भेजे जाने के संबंध में श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमारे तटरक्षक कर्मी नावों पर सवार लोगों को मेडिकल, भोजन, पेयजल सहित अन्य मानवीय सहायता प्रदान कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम बांग्लादेश के संपर्क में हैं ताकि उन्हें उनके मूल स्थान (बांग्लादेश) सुरक्षित भेजा जा सके।





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केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए : अशोक गहलोत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   09:27
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केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए : अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए वरना लोगों में असंतोष पैदा होगा जो देश हित में नहीं है।

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए वरना लोगों में असंतोष पैदा होगा जो देश हित में नहीं है। गहलोत ने कांग्रेस द्वारा चलाई गई ‘‘स्पीक अप अगेंस्ट प्राइस राइज मुहिम’’ में युवाओं के हिस्सा लेने की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘कम्पेन (अभियान) आज दिनभर बहुत शानदार चला, लाखों नौजवानों ने इसमें भाग लिया।’’

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरने के बावजूद देश में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता का जीवन मुश्किल कर दिया है। परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई भी बढ़ती जा रही है। कम होती आमदनी, जाती हुई नौकरियां और डूबती अर्थव्यवस्था के दौर में लोग जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गहलोत ने कहा, ‘‘लेकिन बहुत दुख की बात है कि सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा।

(प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी नीत सरकार को ईंधन की कीमतें कम करनी चाहिए।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आम आदमी को फायदा देकर उसकी क्रय शक्ति को बढाया जाये तो देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते लोगों की नौकरियां चली गई है और व्यवसाय बंद हो गये हैं और ऐसी स्थिति में ईंधन की कीमतों में वृद्धि से खाद्य पदार्थो और सब्जियों के दामों में बढोत्तरी होगी और महंगाई बढेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की जिसका सभी ने स्वागत किया, लेकिन बाद में यह पता चला कि पैसा ना तो राज्यों को मिला और नाहीं उद्योगों और व्यासायों को।

उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों पर मिलने वाली राहत भी रोक दी गई है, हालांकि शायद इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। राजस्थान सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने के लिये वैट में दो प्रतिशत की कमी की जिससे राज्य को 1000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ लेकिन ईंधन की कीमत लगातार बढ रही हैं।





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हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने किसानों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए बांह पर काली पट्टी बांधी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   09:22
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हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने किसानों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए बांह पर काली पट्टी बांधी

हरियाणा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने शुक्रवार को यहां विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनकारी किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए बांह पर काली पट्टी बांधी।

चंडीगढ। हरियाणा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने शुक्रवार को यहां विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनकारी किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए बांह पर काली पट्टी बांधी।

हालांकि राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्षी दल के विधायकों को उस समय तो कम से कम काली पट्टियां उतार देनी चाहिये थीं, जब सदन में राष्ट्रगान और राष्ट्र गीत चल रहा था।

इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक कथित किसान विरोधी नीतियों और ईंधन के बढ़ते दामों तथा ऊंचे करों के विरोध में लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर विधानसभा पहुंचे। इस दौरान विधायकों ने केन्द्र सरकार और उसके तीन कृषि कानूनों के खिलाफ नारेबाजी भी की।





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