शेहला रशीद के पिता ने बेटी पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- वह देशद्रोही गतिविधियों में शामिल

  •  अंकित सिंह
  •  नवंबर 30, 2020   21:38
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शेहला रशीद के पिता ने बेटी पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- वह देशद्रोही गतिविधियों में शामिल

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटी जबरदस्त पैसे खर्च कर रही है और एनजीओ चला रही है। इससे साफ होता है कि उसका संबंध कहीं ना कहीं आतंकवादियों से भी हो सकते हैं। अब्दुल ने इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की।

देश के खिलाफ लगातार जहर उगलने वाली शेहला रशीद के पिता अब्दुल रशीद ने अपनी ही बेटी पर गंभीर आरोप लगाए है। शेहला रशीद के पिता अब्दुल रशीद ने जम्मू कश्मीर के डीजीपी को पत्र लिखकर दावा किया है कि उन्हें अपनी बेटी से जान का खतरा है। पत्र में उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि मेरी बेटी शेहला रशीद देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है। यह पत्र डीजीपी को संबोधित करते हुए 3 पन्नों में अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटी जबरदस्त पैसे खर्च कर रही है और एनजीओ चला रही है। इससे साफ होता है कि उसका संबंध कहीं ना कहीं आतंकवादियों से भी हो सकते हैं। अब्दुल ने इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की।

पिता के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए शेहला रशीद ने इसे आधारहीन और घृणित बताया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मेरे परिवार में ऐसा नहीं होता है, जैसा आज उनके पिता ने किया है। शेहला रशीद ने यह भी दावा किया कि उनके पिता ने उनके साथ साथ उनकी मां और बहन पर भी बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने पिता को नापाक आदमी करार दिया।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


UPSC के परीक्षा न देने वालों को नहीं मिलेगा एक और मौका, केंद्र ने SC को बताया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   13:01
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UPSC के परीक्षा न देने वालों को नहीं मिलेगा एक और मौका, केंद्र ने SC को बताया

केंद्र सरकार कोविड-19 के कारण यूपीएससी परीक्षा से वंचित छात्रों को एक और मौका देने के पक्ष में नहीं है।इससे पहले, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया था कि सिविल सर्विसेज के ऐसे उम्मीदवारों को सरकार एक और मौका देने पर विचार कर रही है।

नयी दिल्ली। केंद्र ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि वह पिछले साल महामारी के कारण संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल नहीं होने से अपना आखिरी मौका गंवा देने वाले अभ्यर्थियों को एक और अवसर देने के पक्ष में नहीं है। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर के नेतृत्व वाली पीठ ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू के निवेदन का संज्ञान लिया कि सरकार कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में सिविल सेवा अभ्यर्थियों को एक और अवसर देने को तैयार नहीं है।

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अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने पीठ से कहा, ‘‘हम एक और अवसर देने को तैयार नहीं है। मुझे हलफनामा दाखिल करने का समय दीजिए...कल (बृहस्पतिवार) रात मुझे निर्देश मिला है कि हम इस पर तैयार नहीं हैं।’’ पीठ में न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी भी थे। पीठ ने सिविल सेवा की अभ्यर्थी रचना की याचिका को 25 जनवरी के लिए सूचीबद्ध किया है और केंद्र से एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इससे पहले, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया था कि सिविल सर्विसेज के ऐसे उम्मीदवारों को सरकार एक और मौका देने पर विचार कर रही है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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24 घंटे में देश के अंदर कोविड-19 के 14545 नए मामले, 163 लोगों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   12:52
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24 घंटे में देश के अंदर कोविड-19 के 14545 नए मामले, 163 लोगों की मौत

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वायरस से 163 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,53,032 हो गई।

नयी दिल्ली। भारत में कोविड-19 के 14,545 नए मामले सामने आने के बाद शुक्रवार को देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,06,25,428 हो गई, जिनमें से 1,02,83,708 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वायरस से 163 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,53,032 हो गई। आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,02,83,708 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 96.78 प्रतिशत हो गई है।

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वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.44 प्रतिशत है। देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या लगातार तीन दिन से दो लाख से कम बनी हुई है। अभी 1,88,688 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 1.78 प्रतिशत है। भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे।

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भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 21 जनवरी तक कुल 19,01,48,024 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई। उनमें से 8,00,242 नमूनों की जांच बृहस्पतिवार को की गई। आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटे में जिन 163 लोगों की मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 52, केरल के 21, पंजाब के 15, तमिलनाडु तथा छत्तीसढ़ के नौ-नौ, पश्चिम बंगाल तथा दिल्ली के आठ-आठ मरीज शामिल हैं।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में वायरस से अभी तक कुल 1,53,032 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 50,634 , तमिलनाडु के 12,299, कर्नाटक के 12,187 , दिल्ली के 10,782 , पश्चिम बंगाल के 10,089 , उत्तर प्रदेश के 8,597 और आंध्र प्रदेश के 7,142 लोग थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के सर्वांगीण विकास में जुटी है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   12:38
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के सर्वांगीण विकास में जुटी है

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार आज जिस तरह नार्थ ईस्ट के विकास में जुटी है, जिस तरह संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में काम हो रहा है, उससे आपके लिए अनेकों नई संभावनाएं बन रही हैं।

तेजपुर (असम)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के सर्वांगीण विकास में जुटी हुई है और विकासकार्यों से इस क्षेत्र में नयी संभावनाओं के द्वार खुले है। डिजिटल माध्यम से ते़जपुर विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने छात्रों का आह्वान किया कि वे इन संभावनाओं का लाभ उठाएँ और आत्मनिभर भारत अभियान में योगदान दें।

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प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार आज जिस तरह नार्थ ईस्ट के विकास में जुटी है, जिस तरह संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में काम हो रहा है, उससे आपके लिए अनेकों नई संभावनाएं बन रही हैं। इन संभावनाओं का पूरा लाभ उठाइये।’’ उन्होंने कहा कि कोरोना के काल में आत्मनिर्भर भारत अभियान हर किसी की शब्दावली का अहम हिस्सा हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे अंदर वो घुल मिल गया है। हमारा पुरुषार्थ, हमारे संकल्प, हमारी सिद्धि, हमारे प्रयास ये सब हम अपने ईर्द-गिर्द महसूस कर रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर चुनौती से निपटने का देश के युवाओं का अंदाज और देश का मिजाज कुछ हटकर है।

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उन्होंने ऑस्ट्रलिया में भारतीय क्रिकेट टीम को मिली टेस्ट श्रृंखला में जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने मैच में जीत हासिल की। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे युवा खिलाड़ियों ने चुनौतियों का सामना किया और समाधान तलाशे। कुछ खिलाड़ियों में अनुभव जरूर कम था लेकिन हौसला उतना ही बुलंद था। उनको जैसे ही मौका मिला, उन्होंने इतिहास बना दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट के मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन से हमें सीख मिलती है कि हमें अपनी क्षमता पर विश्वास होना चाहिए, सकारात्मक माइंडसेट से काम करने पर रिजल्ट भी सकारात्मक ही आता है। अगर आपके पास एक तरफ सेफ निकल जाने का विकल्प हो और दूसरी तरफ मुश्किल जीत का विकल्प हो तो आपको विजय का विकल्प जरूर चुनना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि अगर जीतने की कोशिश में कभी कभार असफलता भी हाथ लग गई तो इसमें कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने छात्रों से कहा, ‘‘रिस्क लेने से, प्रयोग करने से डरना नहीं है। हमें प्रोएक्टिव और निर्भीक होना पड़ेगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत समस्या के समाधान के लिए बड़े स्तर पर काम करने से भी पीछे नहीं हटता। इस अवसर पर असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह में 2020 में उत्तीर्ण 1218 छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। डिग्री प्राप्‍त करने वालों में विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक अंक पाने वाले 48 छात्रों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किया गया।

दीक्षांत समारोह कोविड-19 से बचाव के नियमों का पालन करते हुए आयोजित किया गया। केवल पी.एच.डी. और स्वर्ण पदक प्राप्‍त करने वाले छात्र ही व्‍यक्तिगत रूप से डिग्री और पदक के लिए उपस्थित हुए जबकि अन्‍य छात्रों को डिजिटल माध्‍यम से डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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