पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का दावा, अमृतसर पूर्व सीट से सिद्धू की होगी हार

Amarinder Singh
प्रतिरूप फोटो
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पटियाला शहर से अपना नामांकन पत्र दाखिल करने और शहर में अपने पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद, सिद्धू के इस आरोप को हास्यास्पद बताया कि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) द्वारा प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के खिलाफ बिक्रम सिंह मजीठिया को मैदान में उतारने के पीछे वह ही थे।

पटियाला। पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) प्रमुख अमरिंदर सिंह ने अमृतसर पूर्व सीट से नवजोत सिंह सिद्धू की बहुत बुरी’’ हार की भविष्यवाणी करते हुए सोमवार को कहा कि कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख ने अतीत में इस सीट से केवल भाजपा के समर्थन से जीत हासिल की है। सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इस घोषणा को भी एक ढोंग करार दिया कि जमीनी जानकारी जुटाने के बाद पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे का फैसला किया जाएगा। सिंह ने पटियाला शहर से अपना नामांकन पत्र दाखिल करने और शहर में अपने पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद, सिद्धू के इस आरोप को हास्यास्पद बताया कि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) द्वारा प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के खिलाफ बिक्रम सिंह मजीठिया को मैदान में उतारने के पीछे वह ही थे। पीएलसी नेता ने कहा, मैं मजीठिया का चाचा नहीं हूं। 

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उन्होंने कहा कि अमृतसर पूर्व में 38 फीसदी मतदाता हिंदू और 32 फीसदी अनुसूचित जाति के हैं, इसलिए सिद्धू की हार निश्चित है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पीएलसी और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ गठबंधन के तहत निर्वाचन क्षेत्र से एक मजबूत उम्मीदवार खड़ा किया है। शिअद ने अमृतसर पूर्व सीट से मजीठिया को मैदान में उतारा है जहां से सिद्धू 20 फरवरी को होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल गांधी के इस बयान पर कि कांग्रेस जमीनी स्तर से जानकारी लेने के बाद राज्य में अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करेगी, सिंह ने कहा कि यह सिर्फ ढोंग है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के अनुसार जनता अपने विधायकों का चुनाव करती है और फिर कांग्रेस विधायक दल मुख्यमंत्री के बारे में फैसला करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘तो यह सब बातें सिर्फ ड्रामा है।’’ कुछ दिनों पहले जालंधर में एक डिजिटल रैली के दौरान, गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पंजाब विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे के साथ उतरेगी, जिसे पार्टी कार्यकर्ताओं से राय लेने के बाद घोषित किया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के किसानों के फैसले पर सिंह ने कहा कि ऐसा करना उनका अधिकार है। सिंह ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से हमेशा किसानों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले प्रत्येक किसान के परिजनों को नौकरी और 5 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब में पीएलसी-भाजपा-शिअद (संयुक्त) गठबंधन की अगली सरकार बनेगी। 

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उन्होंने कहा कि कुछ पीएलसी उम्मीदवारों को भाजपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने की अनुमति देने का निर्णय मतदाता जनसांख्यिकी को ध्यान में रखते हुए लिया गया। सीट बंटवारे की व्यवस्था के मुताबिक, भाजपा 65 सीटों पर, पीएलसी 37 पर और शिअद (संयुक्त) 15 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है।

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