Somnath Festival | सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर बोले PM Modi, 'यह सिद्धांतों से समझौता न करने वालों का उत्सव है'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' भारत के उन सपूतों को याद करने का अवसर है जिन्होंने सिद्धांतों और मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया, यह पर्व महमूद गजनवी के 1026 के आक्रमण के बावजूद मंदिर के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर ओंकार और वैदिक मंत्रों से गूंज उठा, अरब सागर के ऊपर आसमान एक मेगा ड्रोन शो से जगमगा उठा, क्योंकि बुधवार को तटीय शहर में तीन दिवसीय 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' शुरू हो गया है, जो महमूद गजनवी द्वारा बार-बार की गई लूट के बावजूद मंदिर के लचीलेपन और पुनर्निर्माण की याद दिलाता है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री जीतू वाघाणी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जनवरी की शाम को सोमनाथ पहुंचेंगे और समारोह में हिस्सा लेंगे।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि बृहस्पतिवार से शुरू होने वाला ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत माता के उन असंख्य सपूतों को स्मरण करने का पर्व है, जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जय सोमनाथ! सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की आज से शुरुआत हो रही है। एक हजार वर्ष पूर्व, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा।’’
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प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरों को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि अगर वे भी सोमनाथ गए हैं, तो अपनी तस्वीरें ‘हैशटैग सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के साथ जरूर साझा करें। मोदी ने कहा, ‘‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का यह अवसर, भारत माता के उन असंख्य सपूतों को स्मरण करने का पर्व है, जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। समय कितना ही कठिन और भयावह क्यों ना रहा हो, उनका संकल्प हमेशा अडिग रहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित एक कार्यक्रम की कुछ झलकियां भी साझा कर रहा हूं। यह वह साल था, जब हमने 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 50 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाया था। 1951 में यह ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की मौजूदगी में संपन्न हुआ था।’’ मोदी ने कहा, ‘‘सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल और केएम मुंशी के साथ ही कई महान विभूतियों के प्रयास अत्यंत उल्लेखनीय रहे हैं। वर्ष 2001 के इस कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी (अटल बिहारी वाजपेयी) और गृह मंत्री आडवाणी जी (लालकृष्ण आडवाणी) और कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे।
News Source- PTI Information
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