कश्मीर की पहली महिला रैपर महक बनीं युवा दिलों की धड़कन, जानिये उनके संघर्ष की दास्तां

कश्मीर की पहली महिला रैपर महक बनीं युवा दिलों की धड़कन, जानिये उनके संघर्ष की दास्तां

वैसे हम आपको बता दें कि श्रीनगर की रहने वाली महक को कुछ अलग करके दिखाना शुरू से ही भाता है। वह काफी समय से यूट्यूब पर रैपरों को सुनती रहती थीं और जब खुद उन्होंने रैपर बनने का फैसला किया तो घरवालों के विरोध का सामना भी करना पड़ा।

जी हाँ, यह हैं कश्मीर की पहली महिला रैपर महक। 21 साल की रैपर महक की आज खूब चर्चा हो रही है क्योंकि ना सिर्फ उन्होंने अपने गीतों और अंदाज से लोगों का ध्यान खींचा है बल्कि तमाम रुढ़िवादिता को पीछे छोड़कर उन्होंने रैप विधा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। रैपर महक के लिए यह सफर आसान नहीं रहा क्योंकि हमारे समाज में खासतौर पर महिलाओं के लिए तब बड़ी परेशानी होती है जब वह कुछ हट कर करना चाहती हैं। लेकिन महक उन सफल लड़कियों में से हैं जिन्होंने अपने दम पर सफलता हासिल की। महक आज सिर्फ कश्मीर ही नहीं बल्कि देश की सभी लड़कियों के लिए भी एक प्रेरणा बनी हैं।

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वैसे हम आपको बता दें कि श्रीनगर की रहने वाली महक को कुछ अलग करके दिखाना शुरू से ही भाता है। वह काफी समय से यूट्यूब पर रैपरों को सुनती रहती थीं और जब खुद उन्होंने रैपर बनने का फैसला किया तो घरवालों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। लेकिन महक ने जब एक बार ठान लिया तो अपना लक्ष्य हासिल करके भी दिखाया और आज उन्हें सबका समर्थन मिल रहा है। श्रीनगर में प्रभासाक्षी संवाददाता ने रैपर महक से खास बात कर उनके संघर्ष की दास्तां को जाना।





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