एक CA भी SIT में होना चाहिए, 2 हफ्ते में दें स्टेटस रिपोर्ट, राम मंदिर डोनेशन स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

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ANI
अभिनय आकाश । Jul 27 2026 3:57PM

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चार याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की, जिनमें से दो में CBI जांच की मांग की गई है। पिछली सुनवाई में, CJI ने SIT के पुनर्गठन का आदेश दिया था, जिसमें सीनियर IAS अधिकारियों की जगह सीनियर IPS अधिकारियों की अगुवाई वाली टीम या जांच के मकसद से खास तौर पर एक नई SIT बनाने को कहा गया था। उम्मीद है कि कल सुप्रीम कोर्ट राज्य की SIT द्वारा दाखिल अंतरिम जांच स्टेटस रिपोर्ट पर चर्चा करेगा।

राम मंदिर दान में हेराफेरी के मामले की सुनवाई करते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुझाव दिया कि अयोध्या राम मंदिर में दान की कथित चोरी और हेराफेरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि इन आरोपों की प्रकृति वित्तीय और फोरेंसिक है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चार याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की, जिनमें से दो में CBI जांच की मांग की गई है। पिछली सुनवाई में, CJI ने SIT के पुनर्गठन का आदेश दिया था, जिसमें सीनियर IAS अधिकारियों की जगह सीनियर IPS अधिकारियों की अगुवाई वाली टीम या जांच के मकसद से खास तौर पर एक नई SIT बनाने को कहा गया था। उम्मीद है कि कल सुप्रीम कोर्ट राज्य की SIT द्वारा दाखिल अंतरिम जांच स्टेटस रिपोर्ट पर चर्चा करेगा। 

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सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि अदालती आदेश के तहत 3 आईपीएस अधिकारियों की नई एसआईटी गठित कर दी गई है। इस टीम में आईजी किरण एस (लखनऊ रेंज), डीआईजी सोमेन वर्मा (अयोध्या रेंज) और एसएसपी गौरव ग्रोवर (अयोध्या) शामिल हैं।

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मामले में वकील पक्ष ने सवाल उठाया कि ट्रस्ट को बड़े पैमाने पर जन-सहयोग मिला है, जिसे पारदर्शिता के लिए वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से दलील दी गई कि फिलहाल पहली प्राथमिकता जांच को गति देना है। इस पर सीजेआई की पीठ ने रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि चंदे का सारा विवरण एसआईटी को सौंपा जाए और अदालत का पूरा ध्यान फिलहाल चंदे की अफरा-तफरी की पारदर्शी जांच पर रहेगा। 

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