Delhi Riots Case में पूर्व AAP पार्षद Tahir Hussain दोषी, कोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी किया

Tahir Hussain
ANI
अभिनय आकाश । Oct 10 2026 5:47PM

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आगजनी और दंगे भड़काने के मामले में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने इस मामले में 12 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। इससे पहले उन्हें आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के केस में उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को 2020 के दंगों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में आगजनी से जुड़े एक मामले में दंगे भड़काने का दोषी ठहराया। कोर्ट ने 12 अन्य सह-आरोपियों को बाकी सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह आदेश कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने दिया। LiveLaw के अनुसार, FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 147, 148 और 149 (दंगा), 427 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली शरारत), 436 (आग से शरारत) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज की गई थी। यह ताहिर हुसैन की दूसरी सज़ा है। इससे पहले उन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था, जिनकी 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान हत्या कर दी गई थी। उस मामले में हुसैन को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी।

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अदालत ने माना कि भले ही अपराध बहुत क्रूर था और पीड़ित की हत्या एक हिंसक भीड़ ने की थी, लेकिन अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि दोषी सुधर नहीं सकते या सज़ा पूरी होने के बाद उनकी रिहाई से समाज को कोई खतरा होगा। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मधुकर पांडे ने दलील दी कि शर्मा का अपहरण किया गया और बेरहमी से पीटा गया, जिससे उन्हें 51 चोटें आईं; इनमें से 18 चोटें धारदार हथियारों से पहुंचाई गई थीं। उन्होंने कहा कि अंकित शर्मा का अपहरण किया गया और उन्हें बेदर्दी से पीटा गया। पीड़ित को कुल 51 चोटें आईं और इनमें से 18 चोटें धारदार हथियारों से लगी थीं। यह ऐसा मामला नहीं है जहां किसी को एक या तीन बार चाकू मारा गया हो। उन्होंने आगे कहा कि आरोपी ने शर्मा की मौत के बाद भी उन पर हमला जारी रखा।

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प्रॉसिक्यूटर ने आगे कहा आरोपी इंसान नहीं, जानवर थे। उन्हें मरे हुए व्यक्ति के प्रति कोई सम्मान नहीं था, इसलिए उन्हें जेल में रखा जाना चाहिए और मौत की सज़ा दी जानी चाहिए।
 

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