West Asia के खतरे को भेदकर 20 हजार टन LPG लेकर Gujarat पहुंचा टैंकर Symi

Tanker Symi
ANI
एकता । May 17 2026 12:07PM

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच 20 हजार टन एलपीजी लेकर 'सिमी' जहाज का सुरक्षित कांडला पोर्ट पहुंचना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है, खासकर तब जब देश के कच्चे तेल भंडार में 15% की गिरावट दर्ज की गई है। यह ऑपरेशन विभिन्न सरकारी मंत्रालयों के बीच उत्कृष्ट समन्वय को दर्शाता है।

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और सुरक्षा खतरों के बीच, 20 हजार टन एलपीजी लेकर 'सिमी' नाम का एक बड़ा जहाज रविवार को गुजरात के कांडला में दीनदयाल पोर्ट पर सुरक्षित पहुंचा। इस मालवाहक जहाज ने 13 मई को सबसे खतरनाक माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट को पार किया था।

जहाज की सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस जहाज पर कुल 21 क्रू सदस्य सवार हैं, जिनमें 8 यूक्रेन के और 13 फिलीपींस के नागरिक हैं। सुरक्षा की कड़ी निगरानी के बीच होर्मुज स्ट्रेट को पार करने वाला 'सिमी' 11वां एलपीजी टैंकर बन गया है। अधिकारियों के अनुसार, भारत सरकार के जहाजरानी विभाग, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बीच बेहतरीन तालमेल की वजह से ही इस जहाज को सुरक्षित भारत लाना संभव हो पाया।

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भारत में कच्चे तेल के भंडार में आई कमी

यह जहाज ऐसे समय में भारत आया है जब पश्चिम एशिया के संघर्ष की वजह से दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई पर भारी दबाव है। पिछले कुछ महीनों में भारत का कच्चा तेल भंडार तेजी से कम हुआ है और इसमें लगभग 15% की गिरावट दर्ज की गई है।

कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म 'केपलर' के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के अंत में भारत का कुल कच्चा तेल भंडार 107 मिलियन बैरल था, जो अब घटकर 91 मिलियन बैरल रह गया है। इस भंडार में पेट्रोलियम कंपनियों, रिफाइनरी और व्यापारिक गोदामों में रखा तेल शामिल है।

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रिफाइनरी के कामकाज पर क्या होगा असर?

कच्चे तेल के आयात में कमी के बावजूद, भारत की तेल रिफाइनरियों ने फिलहाल अपना काम सामान्य रूप से जारी रखा है और तेल साफ करने के काम में कोई बड़ी कटौती नहीं की है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की सप्लाई में यह रुकावट लंबे समय तक बनी रही, तो आगे चलकर भारतीय रिफाइनरियों को अपना काम कम करना पड़ सकता है।

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