विरोध प्रकट करने का विपक्ष के पास क्या है जरिया ? सचिन पायलट बोले- केंद्र सरकार का रवैया लोकतंत्र के हित में नहीं

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कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि मुद्दा किसी एक व्यक्ति का किसी एक दल का नहीं है। मुद्दा ये है कि भारत सरकार के एजेंसी का जिस तरह दुरुपयोग हो रहा है। उसके विरोध में सब लोग हैं। आज देश में महंगाई पर बेरोजगारी पर सदन में चर्चा नहीं हो रही है। 19 सांसदों को सस्पेंड किया गया।

नयी दिल्ली। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन को सत्याग्रह का नाम दिया है। इसी कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी जमकर हमला बोला और पूछा कि विरोध प्रकट करने का विपक्ष के पास क्या जरिया है ?

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एजेंसी का हो रहा दुरुपयोग

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि मुद्दा किसी एक व्यक्ति का किसी एक दल का नहीं है। मुद्दा ये है कि भारत सरकार के एजेंसी का जिस तरह दुरुपयोग हो रहा है। उसके विरोध में सब लोग हैं। आज देश में महंगाई पर बेरोजगारी पर सदन में चर्चा नहीं हो रही है। 19 सांसदों को सस्पेंड किया गया।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को धरना देने से रोका जा रहा है। लोगों को गिरफ़्तार किया जा रहा है। विरोध प्रकट करने का विपक्ष के पास क्या जरिया है? जनता को पता होना चाहिए कि केंद्र सरकार का जिस प्रकार का रवैया है वो लोकतंत्र के हित में नहीं है।

नहीं करने दिया जा रहा प्रदर्शन

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 23-24 सांसदों को संसद में निष्कासित कर दिया गया। हमें सड़क पर प्रदर्शन करने नहीं दिया जा रहा। यहां पर पुलिसिया राज चलाया जा रहा है। कल इन्होंने हमें रोका था आज भी रोक रहे हैं लेकिन हम इसके खिलाफ लड़ते रहेंगे।

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गौरतलब है कि सोनिया गांधी से नेशनल हेराल्ड केस को लेकर ईडी के सवाल समाप्त हो चुके हैं और अगला समन जारी होने तक जांच एजेंसी उनसे अभी कोई सवाल नहीं पूछेगी। ईडी ने सोनिया गांधी से 3 दिनों में 12 घंटे तक पूछताछ की है। जिसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता खासे नाराज है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता 23-23 सांसदों के संसद में निष्कासन से भी खफा हैं।

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