देश की चुनावी व्यवस्था, प्रक्रिया में बड़े और कड़े सुधार की जरूरत : मुख्तार अब्बास नकवी

Naqvi
ANI
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को यहां कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय, “राजनैतिक शुद्धीकरण” और “सियासी शुचिता के संस्थान” हैं और चुनाव सुधार की दिशा में उनके सिद्धांत सार्थक सबक हैं। नकवी ने कहा कि देश की चुनावी व्यवस्था, प्रक्रिया में बड़े और कड़े सुधार की जरूरत है।

लखनऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को यहां कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय, “राजनैतिक शुद्धीकरण” और “सियासी शुचिता के संस्थान” हैं और चुनाव सुधार की दिशा में उनके सिद्धांत सार्थक सबक हैं। नकवी ने कहा कि देश की चुनावी व्यवस्था, प्रक्रिया में बड़े और कड़े सुधार की जरूरत है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर यहां आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा कि वक्त की जरुरत के हिसाब से विभिन्न चुनावी सुधारों के साथ एक देश एक मतदाता सूची पर भी काम की जरूरत है।

इसे भी पढ़ें: छात्रा का अश्लील वीडियो बनाकर, ब्लैकमेल करने करने के मामले में तीन छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज

उन्‍होंने कहा कि पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका, विधानसभा, लोकसभा एवं अन्य चुनावों की अलग-अलग मतदाता सूचियां भ्रम ही नहीं, मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल भी खड़े करती हैं। नकवी ने कहा कि एक देश एक वोटर लिस्ट और एक देश एक वोटर कार्ड इस समस्या का समाधान कर सकता है। यहां जारी एक बयान के अनुसार नकवी ने कहा कि वर्ष 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय कई महत्‍वपूर्ण चुनाव सुधार हुए। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी चुनाव सुधार की दिशा में कई पहल की गयी और चुनावों में राजनैतिक दलों, उम्मीदवारों द्वारा काले धन के इस्तेमाल पर नियंत्रण एवं आर्थिक पारदर्शिता के लिए मोदी सरकार ने चुनावी बॉंड की कानूनी व्यवस्था बनाई।

इसे भी पढ़ें: मीट खाने वाले पुरुष नहीं बना पाएंगे महिलाओं के साथ संबंध, PETA का यह फैसला है वजह

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार द्वारा चुनावी सुधारों में मतदाताओं के मताधिकार को सरल-सुलभ करना, मतदाता पहचान पत्र का विस्तार, धन-बल पर कानूनी अंकुश, नॉन सीरियस उम्मीदवारों और पार्टियों पर दिशा निर्देश, एवं एक देश, एक चुनाव का आह्वान भी शामिल है। नकवी ने कहा कि चुनावी राजनीति में धन-बल, बाहुबल के प्रति देश को सचेत करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने स्पष्ट संदेश दिया, हमें सही व्यक्ति को वोट देना चाहिए। अवसरवाद जो आज की सियासत का सिद्धांत बन गया है उसके गम्भीर खतरों के प्रति जागरूक करते हुए दीनदयाल उपाध्याय ने कहा कि, अवसरवाद से राजनीति के प्रति लोगों का विश्वास खत्म होता जा रहा है।“ भाजपा नेता ने कहा कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय , प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के दर्शन और अंत्योदय की विचारधारा को मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के संकल्प का हिस्सा बनाया। दीनदयाल उपाध्याय और उनकी आर्थिक नीतियों ने हमेशा गरीबों की भलाई पर जोर देने की बात की है। इस मौके पर उप्र के पूर्व उप मुख्‍यमंत्री दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री अम्मार रिजवी, दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मिश्र, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव और संजय चौधरी उपस्थित रहे।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़