Karnataka मुठभेड़ में 3 संदिग्ध शिकारी ढेर, CM ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

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चामराजनगर जिले के दट्टी वन क्षेत्र में शनिवार तड़के वनकर्मियों के साथ हुई गोलीबारी में तीन कथित शिकारियों की मौत हो गई। घटना के बाद मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस बीच आक्रोशित परिजनों ने हनूर स्थित शाग्या वन कार्यालय में तोड़फोड़ की।

कर्नाटक में चामराजनगर जिले के शाग्या रेंज के अंतर्गत दट्टी वन क्षेत्र में शनिवार को वनकर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन कथित शिकारियों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 5:10 बजे कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आने वाले घने वन क्षेत्र में हुई, जब शिकार की सूचना पर कार्रवाई कर रहे वनकर्मियों का सामना चार लोगों से हुआ। रेड्डी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दोनों पक्षों की बात सुनकर तथ्यों का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट जांच की जाए। हमें यह पता लगाना होगा कि वास्तव में क्या हुआ और क्या गोलीबारी जानबूझकर की गई थी या आत्मरक्षा में की गई थी।’’ उन्होंने कहा कि शिकारियों के शिकार के लिए जाने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की दो टीम इलाके में गईं और पीछा करते हुए उनका रास्ता रोक लिया।

रेड्डी ने कहा कि उन लोगों के पास कथित तौर पर दो देसी पिस्तौल और चार थैले थे, जिनमें हिरण का मांस था। वन मंत्री ने कहा, ‘‘उस समय, उन्होंने कथित तौर पर गोली चलाने की कोशिश की। वनकर्मियों ने उनसे कहा, ‘हम आत्मरक्षा में गोली चलाएंगे’।

उनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई। एक व्यक्ति घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां बताया जाता है कि उसकी मौत हो गई।’’ उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति मौके से कथित तौर पर फरार हो गया। उन्होंने कहा कि दो देसी पिस्तौल और हिरण के मांस से भरे चार थैले जब्त किए गए हैं।

शिवकुमार ने कहा कि कुछ सामान और वस्तुएं जब्त की गई हैं और मजिस्ट्रेट जांच के बाद सभी विवरण सामने आएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मारे गए लोग हनूर तालुक के थोमियारपल्या के निवासी थे। सूत्रों ने बताया कि शवों को मैसूरु के एक अस्पताल के शवगृह में ले जाया गया, जहां परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया।

सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ के बाद मृतकों के परिजनों ने हनूर तालुक स्थित शाग्या वन कार्यालय में कथित तौर पर तोड़फोड़ की। इस दौरान कार्यालय के फर्नीचर, उपकरण, एक मोटरसाइकिल और कार्यालय के बोर्ड को नुकसान पहुंचाया गया। सूत्रों ने कहा, ‘‘मुठभेड़ के बाद परिजनों ने गुस्से में वन विभाग के कार्यालय और उसके सामान को नुकसान पहुंचाया।

फर्नीचर और अन्य वस्तुओं को सड़क पर फेंक दिया गया।’’ कन्नड़ कार्यकर्ता वटल नागराज ने इस मुठभेड़ की निंदा की और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। नागराज ने कहा, “अगर संबंधित मंत्रियों को वास्तव में इसकी चिंता है, तो उन्हें सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए। उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

उनके खिलाफ सामान्य मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए; हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि वह वन विभाग कार्यालय के सामने सत्याग्रह करेंगे। सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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