Mumbai Landslide: घाटकोपर में चट्टान गिरने से 2 की मौत, NDRF का बचाव अभियान जारी

Mumbai Landslide: घाटकोपर में चट्टान गिरने से 2 की मौत, NDRF का बचाव अभियान जारी
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

मुंबई के घाटकोपर स्थित चिराग नगर में बुधवार तड़के भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में दो लोगों की जान चली गई, जबकि छह से आठ अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। संकरी गलियों के कारण मौके पर मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे राहत कर्मी हाथों से मलबा हटाने में जुटे हैं। महापौर रितु तावड़े ने घटनास्थल पर पहुंचकर खोज एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।

मुंबई के घाटकोपर इलाके में बुधवार तड़के भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई और छह से आठ अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बीएमसी ने इससे पहले कहा था कि घटना घाटकोपर के पड़ोसी इलाके कुर्ला में हुई थी।

बीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन की घटना तड़के तीन बजकर 48 मिनट पर चिराग नगर स्थित गौसिया चॉल में हुई। उन्होंने बताया कि दमकल विभाग, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), एंबुलेंस सेवा और बीएमसी के वार्ड कर्मचारियों के दल मौके पर तैनात हैं तथा खोज एवं बचाव अभियान जारी है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, मलबे से दो शव बरामद किए गए हैं और उन्हें राजावाडी अस्पताल में रखा गया है।

अधिकारी ने बताया कि इस घटना में सोहेल अंसारी (18) के सिर पर और मोहम्मद अंसारी (14) की पीठ पर चोट आई है। दोनों का कुर्ला स्थित भाभा अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि दोनों की हालत स्थिर है।

मुंबई की महापौर रितु तावड़े भी घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने वहां जारी खोज एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। अधिकारी ने बताया कि घटना स्थल तक पहुंचने के संकरे रास्तों ने बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भूस्खलन के दौरान विशाल चट्टानों ने कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया।

घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता इतना संकरा है कि एक बार में केवल एक ही व्यक्ति प्रवेश कर सकता है, जिससे बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘वहां चलने तक के लिए जगह नहीं है। बमुश्किल एक व्यक्ति एक बार में गुजर सकता है और दो लोग आमने-सामने खड़े भी नहीं हो सकते।’’ अधिकारी ने बताया कि संकरी जगह के कारण मौके पर मशीनरी तैनात करने की कोई गुंजाइश नहीं है, जिससे बचाव अभियान और भी मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘महज तीन से साढ़े तीन फुट की संकरी गलियों के कारण, मलबे को रेकर (एक तरह की क्रेन) की मदद से हटाया जा रहा है और फिर बाल्टी के सहारे हाथों से बाहर निकाला जा रहा है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़