मोदी 2.0 के दो साल, कैसा रहा मंत्रियों का कार्यकाल

मोदी 2.0 के दो साल, कैसा रहा मंत्रियों का कार्यकाल

स्वच्छ भारत से लेकर स्वस्थ भारत तक और कोरोना काल में दवाई व कड़ाई के मंत्र से लेकर नागरिकता क्रांति तक मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए। लेकिन आज बात मोदी सरकार के मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड की करेंगे।

30 मई को मोदी 2.0 के दो साल पूरे हो गए और मोदी सरकार के 7 साल पूरे हुए। इन सात वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे कई निर्णय लिए जिसने देश की छवि ही बदलकर रख दी। स्वच्छ भारत से लेकर स्वस्थ भारत तक और कोरोना काल में दवाई व कड़ाई के मंत्र से लेकर नागरिकता क्रांति तक मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए। लेकिन आज बात मोदी सरकार के मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड की करेंगे। मोदी सरकार में किन मंत्रियों का काम-काज रहा अच्छा? ये हम आज आपको बताएंगे। 

मंत्री नं-1

नितिन गडकरी- बीजेपी के एक आम कार्यकर्ता से अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाले नितिन गडकरी मोदी सरकार में सड़क और परिवहन मंत्रालय संभाल रहे हैं। गडकरी को मोदी के सबसे ताकतवर मंत्रियों में जाना जाता है। गडकरी की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है सड़क निर्माण में आई तेजी। अपने कार्यकाल के दौरान उनको सड़कों के विकास के लिए जाना जाता है। वहीं अब केंद्रीय मंत्री रहते हुए देश में अच्छी और विश्वस्तरीय सड़कों का जाल बिछाने के काम में जुटे हुए हैं। केंद्रीय मत्री नितिन गडकरी देश के अंदर बुनियादी ढांचे के विकास में सबसे आगे है। चाहे 3.85 लाख करोड़ रुपये की रुकी हुई राजमार्ग परियोजनाओं को पुनर्जीवित करना हो या गंगा नदी पर कार्गो शिपमेंट शुरू करना हो, बुनियादी ढांचे के विकास में गडकरी सबसे आगे रहे हैं। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और जोजिला टनल जैसे कुछ प्रमुख प्रोजेक्ट उन्होंने हाथ में लिए है।

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मंत्री नं-2

राजनाथ सिंह- कोरोना के इस मुश्किल दौर में अस्पतालों पर काफी बोझ है। देश के ज्यादातर अस्पताल कोविड मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस कारण अन्य रोगों के मरीज अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं। देश के वैज्ञानिकों ने अब इस समस्या को भी दूर कर दिया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'सर्विसेज ई-हेल्थ असिस्टेंस एंड टेली-कंसल्टेशन (सेहत) ओपीडी पोर्टल लॉन्च किया।  डीआरडीओ की तरफ से विकसित दवा 2-डीजी कोरोना के मरीजों के इलाज में काफी उपयोगी होगी। इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने महामारी के दौरान ऑसीजन के सुचारू आयात और रिकॉर्ड समय में दूर-दराज के देशों से कंटेनरों को लाने के लिए भारतीय सेना को लगाकर अपनी क्षमता साबित की है। 

मंत्री नं- 3

एस जयशंकर- विदेश मंत्री डॉ सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने भारत में कोविशील्ड और कोवैसिन के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए आयात की जाने वाली सामग्री पर अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ बौद्धिक संपदा के मुद्दों पर बातचीत करने में उत्साह दिखाया। 

मंत्री नं- 4

अमित शाह- मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अमित शाह को भी जगह मिली। मोदी-शाह की इस जोड़ी ने कुछ ही महीनों में असंभव को संभव कर दिखाया। अमित शाह को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली तो उन्होंने 70 सालों से लटका मामला पल-भर में खत्म कर दिया। दूसरे कार्यकाल के कुछ महीनों के भीतर ही जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 खत्म करके अपने इरादों को साफ कर दिया।

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मंत्री नं- 5

पीयूष गोयल- कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में योगदान के लिये पीयूष गोयल के नेतृत्व वाले भारतीय रेलवे के योगदान को इतिहास हमेशा याद रखेगा।महामारी के दौर में राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला बनाये रखते हुए इसने यह सुनिश्चित किया है कि प्रगति का पहिया तेज गति से आगे बढ़े। पिछले 14 महीने में रेलवे ने कर्तव्यपरायणता और क्षमता का प्रदर्शन किया है और इस समय में मजबूती से खड़ी रही। आक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने देश के लिये अभूतपूर्व ढंग से काम किया है और कोविड के खिलाफ लड़ाई में ‘गेमचेंजर’ रहे हैं। भारतीय रेलवे सभी बाधाओं को पार करते हुए तथा नए समाधान निकाल कर देश के विभिन्न राज्यों में तरल मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) पहुंचाना जारी रखे हुए है।

मंत्री नं- 6

निर्मला सीतारमण- कोरोना काल में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा  की गई। कोविड की दूसरी लहर के दौरान राज्यों और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ व्यवहार करने में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तत्तपरता दिखाई। 

मंत्री नं- 7

रमेश पोखरियाल निशंक- देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी. नई शिक्षा नीति में 10+2 के फॉर्मेट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अभी तक हमारे देश में स्कूली पाठ्यक्रम 10+2 के हिसाब से चलता है लेकिन अब ये 5+ 3+ 3+ 4 के हिसाब से होगा। 

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मंत्री नं- 8

मुख्तार अब्बास नकवी- केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कोरोना काल में हर मोर्चे पर आगे बढ़कर कार्य किया। चाहे वो अलग-अलग राज्यों में मौजूद हज हाउस को कोविड केयर सेंटर में बदला जाना हो या हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को टीका लगाने का निर्णय।

मंत्री नं- 9 

हरदीप सिंह पुरी- नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कोरोना काल में अपनी कुशलता का परिचय पहले वेव के दौरान थर्मल स्कैनिंग शुरू करवाने की बात हो या अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर वक्त पर प्रतिबंध लगाना। चाहे वो फंसे हुए भारतीयों को लाने के लिए वंदे भारत मिशन के तहत  विमान संचालित करवाना हो।  

 

मंत्री नं- 10

गिरिराज सिंह- केंदीय मत्‍स्‍य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह वैसे तो अपने तेज तर्रार बोल के लिए जाने जाते हैं। लेकिन मोदी सरकार 2.0 में उनके जिम्मे मत्सपालन और डेयरी मंत्रालय का जिम्मा मिला। बता दें कि मत्स्य पालन क्षेत्र 1.60 करोड़ से अधिक लोगों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उनका दावा है कि मछली पालन क्षेत्र किसानों की आय दोगुणी करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। भारत वर्तमान में मछली का विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। यह जलीय कृषि उत्पादन के साथ-साथ अंतर्देशीय कैप्चर फिशरीज में भी विश्व में दूसरे नंबर पर है। 





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