रामायण सर्किट स्पेशल ट्रेन में वेटरों की यूनिफार्म से हुआ हंगामा, संतो ने दी मोदी सरकार को चेतावनी

रामायण सर्किट स्पेशल ट्रेन में वेटरों की यूनिफार्म से हुआ हंगामा, संतो ने दी मोदी सरकार को चेतावनी

उज्जैन के परमहंस डॉ. अवधेशपुरी ने रेल मंत्री अश्विन वैष्णव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि केन्द्र में धार्मिक पार्टी यानी बीजेपी की सरकार है। देश के यशश्वी प्रधानमंत्री मोदी का संतों के प्रति व हिन्दूधर्म और भगवान राम के प्रति अगाध निष्ठा रखते हैं।

भोपाल। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में रामायण सर्किट स्पेशल ट्रेन में वेटरों के यूनिफॉर्म का संतों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। संत अवधेश पूरी ने रेल मंत्री अश्विन वैष्णव को पत्र लिखकर ड्रेस का कलर बदलने की मांग की है। उन्होंने ट्रेन में वेटरों का स्वरूप देना संतो का अपमान बताया और यहां तक ट्रेन रोकने की भी चेतावनी दी है।

इसे भी पढ़ें:सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के अपने जुनून के लिए युवा ने गवाई अपनी जान 

दरअसल उज्जैन के परमहंस डॉ. अवधेशपुरी ने रेल मंत्री अश्विन वैष्णव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि केन्द्र में धार्मिक पार्टी यानी बीजेपी की सरकार है। देश के यशश्वी प्रधानमंत्री मोदी का संतों के प्रति व हिन्दूधर्म और भगवान राम के प्रति अगाध निष्ठा रखते हैं। लेकिन उनके शासनकाल में और आप के कार्यकाल में ‘रामायण सर्किट एक्सप्रेस’ में साधु-संतों की वेशभूषा में वेटरों द्वारा यात्रियों को भोजन परोसवाना, उनकी झूठ उठाते हुए दिखाना घोर निंदनीय और असहनीय है। शायद आपकी आत्मा भी इस कृत्य को स्वीकार नहीं करेगी।

वहीं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआरसीटीसी की ओर से रामायण सर्किट एक्सप्रेस चलाई जा रही है। ट्रेन 7 नवंबर को प्रारंभ हुई जो कि भगवान राम से जुड़े हुए 15 स्थलों का भ्रमण करते हुए 7,500 किमी की यात्रा तय करेगी। उस ट्रेन में अयोध्या से रामेश्वरम के मध्य का यह दुर्भाग्यपूर्ण वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इसे भी पढ़ें:कोरोना से मौत होने पर परिजनों को मिलेगा 50 हजार मुआवजा, 31 दिसंबर तक रहेगा नियम लागू 

इसी कड़ी में परमहंस डॉ. अवधेशपुरी ने रेल मंत्री से मांग की है कि 12 दिसंबर को शुरू होने वाली दूसरी यात्रा से पूर्व वेटरों की वेशभूषा में परिवर्तन किया जाए। अन्यथा देश के वरिष्ठ साधु संतों को मजबूरन रामभक्तों को साथ लेकर ट्रेन की पटरी पर बैठकर ट्रेन को रोकना पड़ेगा।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।