उत्तर प्रदेश ने देश में अपने प्रति भावना को बदला, मुख्‍यमंत्री योगी बोले- हमने खानदानी अपराधियों पर भी लगाई लगाम

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   18:13
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उत्तर प्रदेश ने देश में अपने प्रति भावना को बदला, मुख्‍यमंत्री योगी बोले- हमने खानदानी अपराधियों पर भी लगाई लगाम

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सिविल सेवा और एनडीए जैसी विभिन्‍न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए नि:शुल्‍क कोचिंग कक्षा चलाने की घोषणा की जिसका नाम मुख्‍यमंत्री अभ्‍युदय योजना रखा गया है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सिविल सेवा और एनडीए जैसी विभिन्‍न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए नि:शुल्‍क कोचिंग कक्षा चलाने की घोषणा करते हुये मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को कहा कि प्रदेश की पहचान अब दंगाग्रस्‍त, अपराधग्रस्‍त प्रदेश की नहीं, बल्कि बेहतर कानून व्‍यवस्‍था वाले राज्‍य के रूप में है। अवध शिल्‍पग्राम में उत्तर प्रदेश दिवस का उद्घाटन करने के बाद रविवार को आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, हमने केवल पेशेवर अपराधी और माफ‍िया पर ही नहीं बल्कि खानदानी अपराधियों पर भी लगाम लगाया है जिससे (प्रदेश में) निवेश की संभावना बढ़ी है।’’ मुख्‍यमंत्री ने सिविल सेवा और एनडीए जैसी विभिन्‍न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए नि:शुल्‍क कोचिंग कक्षा चलाने की घोषणा की जिसका नाम मुख्‍यमंत्री अभ्‍युदय योजना रखा गया है। 

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योगी ने कहा, ‘‘बसंत पंचमी से इसकी कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्‍यालयों पर आयोजित होने वाली भौतिक कक्षाओं में विशेषज्ञों द्वारा छात्रों का मार्गदर्शन किया जाएगा। अधिकारियों के अलावा, विभिन्न विषयों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी अतिथि व्याख्याता के तौर पर आमंत्रित किए जाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्‍यर्थियों को मुख्य परीक्षा की और बेहतर तैयारी के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) में कोचिंग की व्यवस्था कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के पहले चरण में प्रदेश में सभी 18 मंडल मुख्यालयों पर निःशुल्क कक्षाएं चलेंगी और ऑनलाइन प्रशिक्षण तथा विभिन्न परीक्षाओं के पाठ्यक्रम व परीक्षा प्रणाली आदि के संबंध में अभ्यर्थियों को पूरी जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि मंडल स्तर पर प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन व समन्वयन की ज़िम्मेदारी उपाम को दी गई है। उन्होंने कहा कि ये कोचिंग केंद्र युवाओं को नया मंच देंगे और उन्‍हें उड़ान भरने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्‍होंने कहा कि कोरोना काल में राजस्‍थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 30 हजार छात्रों को सुरक्षित वापस लाया गया। योगी ने कहा कि तब मैंने कहा था कि अब छात्रों को कोचिंग के लिए दूसरे राज्‍य में नहीं जाना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश स्‍थापना दिवस के चतुर्थ संस्‍करण पर शुभकामनाएं देते हुए योगी ने कहा कि भारत की संस्‍कृति और गौरवशाली परंपरा पर गर्व की अनुभूति होती है, उत्तर प्रदेश देश का हृदय स्‍थल कहलाता है और भारत की संस्‍कृति, सभ्‍यता और स्‍वाधीनता आंदोलन का केंद्र भी रहा है। 

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उन्होंने कहा कि अगर समाज के जिम्‍मेदार लोगों में अपनी परंपरा और संस्‍कृति को आगे बढ़ाने का भाव नहीं होता है तो समाज दिग्‍भ्रम की स्थिति में रहता है और इसी स्थिति ने प्रदेश को 70 वर्षों में भटकाव की दिशा में पहुंचा दिया। उत्‍तर प्रदेश दिवस के आयोजन की कहानी बताते हुए योगी ने कहा, 2017 में जब यहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो तत्‍कालीन राज्‍यपाल ने हम लोगों के सामने एक प्रस्‍ताव रखा कि देश के अधिकांश राज्‍य अपना स्‍थापना दिवस मनाते हैं और कार्यक्रम के साथ अपनी योजनाओं को आगे लाकर नई पीढ़ी के लिए एक अवसर प्रस्‍तुत करते हैं। योगी ने कहा कि जब मैंने कैबिनेट के सामने उत्‍तर प्रदेश दिवस मनाने का प्रस्‍ताव रखा तो सहर्ष सहमति मिली और यह आयोजन शुरू हुआ, तभी एक जिला-एक उत्‍पाद (ओडीओपी) की अभिनव योजना की भी शुरुआत हुई जो देश की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है और आत्‍मनिर्भर भारत का जज्‍बा रखने वाली इस योजना के साथ प्रारंभ हुए उत्तर प्रदेश दिवस को प्रधानमंत्री ने भी सराहा।

समारोह में उप मुख्‍यमंत्री डॉक्‍टर दिनेश शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में उत्‍तर प्रदेश के उद्योग धंधे चौपट हो गये थे लेकिन मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अगुवाई में अब विकास की गंगा बह रही है। उन्होंने कहा कि महराष्‍ट्र में उप्र दिवस बहुत पहले से मनाया जा रहा है लेकिन उत्‍तर प्रदेश में इसकी शुरुआत तत्‍कालीन राज्‍यपाल राम नाईक की प्रेरणा से मुख्‍यमंत्री ने कराई। प्रदेश के लघु एवं मध्‍यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्‍साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह‍ ने एक जिला-एक उत्‍पाद योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था मजबूत हो रही है। उन्‍होंने दावा किया योगी के विकास मॉडल पर आने वाले समय में हार्वर्ड जैसे विश्‍वविद्यालय शोध करेंगे।

इस मौके पर मुख्‍यमंत्री ने महिला व पुरुष खिलाड़ियों, उद्यमियों, युवाओं, दुग्‍ध उत्‍पादकों तथा किसानों को विभिन्‍न पुरस्‍कारों से सम्‍मानित किया। समारोह में राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन समेत कई मंत्री और वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद थे। उल्‍लेखनीय है कि 24 जनवरी 1950 को उत्‍तर प्रदेश की स्‍थापना हुई थी। पूर्व राज्‍यपाल राम नाईक की पहल पर उत्‍तर प्रदेश दिवस की शुरुआत योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्‍व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने की थी। इस बार उत्‍तर प्रदेश दिवस का चौथा संस्‍करण मनाया जा रहा है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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भाजपा विधायक को दिनभर के लिए सदन से बाहर किए जाने पर विपक्ष का बहिर्गमन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   20:57
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भाजपा विधायक को दिनभर के लिए सदन से बाहर किए जाने पर विपक्ष का बहिर्गमन

विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी संसदीय परंपराओं को हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया से हस्तक्षेप की अपेक्षा की। इस पर भी देवनानी शांत नहीं हुए तो अध्यक्ष जोशी ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल से देवनानी को दिन भर के लिए कार्यवाही से बाहर करने का प्रस्ताव लाने को कहा।

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी को दिन भर के लिए सदन की कार्यवाही से बाहर किए जाने के विरोध में विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया। इस मुद्दे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी भाजपा सदस्यों से खासे नाराज नजर आए। दरअसल शून्य काल की शुरुआत होते ही जब अध्यक्ष जोशी अपनी व्यवस्था दे रहे थे तो देवनानी ने एक मुद्दा उठाने की कोशिश की। अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी लेकिन देवनानी ने अपनी बात जारी रखी। इस पर जोशी खासे नाराज हो गए और संसदीय परंपराओं को हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया से हस्तक्षेप की अपेक्षा की। इस पर भी देवनानी शांत नहीं हुए तो अध्यक्ष जोशी ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल से देवनानी को दिन भर के लिए कार्यवाही से बाहर करने का प्रस्ताव लाने को कहा। 

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कटारिया ने इस पर कहा कि यह प्रकरण इतना बड़ा नहीं कि देवनानी को दिन भर के लिए बाहर करने का प्रस्ताव लाया जाए। अगर आप यह निर्णय लेना चाहते हैं हम सब लोग बाहर जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर कहा कि उन्हें कटारिया से अपेक्षा थी वह अपने विधायक के व्यवहार पर खेद प्रकट करेंगे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने विधायक के व्यवहार के बारे में एक भी शब्द नहीं बोला।

धारीवाल ने अपने प्रस्ताव में कहा कि जिस तरह का व्यवहार देवनानी ने किया है उसके लिए उन्हें आज के लिए सदन की कार्यवाही से बाहर किया जाए तथा कल भी इनकी प्रवेश माफी मांगने के बाद ही होगी। इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित से पारित कर दिया गया। इस पर भाजपा ने सदन से बहिर्गमन किया। दरअसल देवनानी जयपुर में एक धरने के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर पिटाई से जुड़ा मुद्दा उठाने की कोशिश कर रहे थे। 

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अध्यक्ष ने व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद सदन में बजट 2021-22 पर चर्चा जारी रही है। वहीं सदन ने राजस्थान विनियोग(संख्या-1) विधेयक 2021 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। संसदीय कार्यमंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विधेयक को सदन में रखते हुए बताया कि यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2020-21 की सेवाओं के लिए राज्य की समेकित निधि में से कतिपय और राशियों के संदाय और विनियोजन को प्राधिकृत करने के लिए लाया गया है।





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क्या कोरोना के चलते कश्मीर में बनी रही शांति ? जानिए शीर्ष सैन्य कमांडर ने क्या कुछ कहा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   20:49
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क्या कोरोना के चलते कश्मीर में बनी रही शांति ? जानिए शीर्ष सैन्य कमांडर ने क्या कुछ कहा

श्रीनगर स्थिति पंद्रहवीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल बी एस राजू ने कहा, ‘‘ वर्ष 2020 कश्मीर में सबसे शांतिपूर्ण दौर मेंएक रहा। घाटी में स्थिति बहुत सामान्य रही। हिंसा के सभी मानक, चाहे पथराव हो या प्रदर्शन या बंद, में गिरावट आयी है।’’

श्रीनगर। सेना के एक शीर्ष कमांडर ने सोमवार को कहा कि पिछला वर्ष कश्मीर में सबसे शांतिपूर्ण रहा तथा हिंसा के सभी मानकों में गिरावट आयी क्योंकि लोग ऐसा चाहते हैं। उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि कोविड-19 महामारी के चलते ‘शांति’ बनी रही। श्रीनगर स्थिति पंद्रहवीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल बी एस राजू ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम समझौता दोनों देशों का विवेकपूर्ण फैसला है और अब उसे सफल बनाने की जिम्मेदारी है। 

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लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ वर्ष 2020 कश्मीर में सबसे शांतिपूर्ण दौर मेंएक रहा। घाटी में स्थिति बहुत सामान्य रही। हिंसा के सभी मानक, चाहे पथराव हो या प्रदर्शन या बंद, में गिरावट आयी है।’’ नये सैन्य अभियान महानिदेशक का पदभार ग्रहण करने जा रहे राजू ने कहा कि कई लोग यह यह मानकर चलते हैं कि कोविड-19 के चलते घाटी में स्थिति ‘शांत’ है ‘ लेकिन ऐसा नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘‘ शांति इसलिए है क्योंकि लोग शांति चाहते हैं। यदि कुछ अच्छा हो रहा है, तो इसकी वजह है कि लोग ही ऐसा चाहते हैं।’’ हालांकि उन्होंने माना कि छिटपुट घटनाएं होती रहीं क्योंकि ऐसे तत्व हैं जो हिंसा पैदा करना चाहते हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा, ‘‘ उन्हें हमले के लिए यहां और (नियंत्रण रेखा के) पार से निर्देश मिलते हैं। हाल ही में कृष्णा ढाबा हमला हुआ था। यह यात्रा पर आ रहे यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल को बस यह संदेश देने के लिए किया गया था कि स्थिति शांतिपूर्ण नहीं है और चीजें सामान्य नहीं है। यह पारंपरिक तरीके का आतंकवाद था।’’ सैन्य अधिकारी उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र दुर्गांग में लोकप्रिय ‘कृष्णा ढाबा’ के मालिक के बेटे आकाश मेहरा पर 17 फरवरी को हुए हमले का जिक्र कर रहे थे। उसी दिन यूरोपीय संघ का 24 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दो दिन की यात्रा पर जम्मू कश्मीर पहुंचा था। रविवार को मेहरा की अस्पताल में मौत हो गयी। 

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लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने कहा ,‘‘(भारत और पाकिस्तान के बीच) संघर्ष विराम एक सकारात्मक कदम और दोनों देशों का विवेकपूर्ण निर्णय है। अब उसे सफल बनाने की जिम्मेदारी है। ’’ हालांकि उन्होंने कहा,‘‘(नियंत्रण रेखा के पार से आतंकवादियों की) घुसपैठ अब भी एक चुनौती है लेकिन हम भी तैयार बैठे हैं। हम चीजें नियंत्रण में रखेंगे और लोगों को सुरक्षित रखेंगे। हम आशा करते हैं कि सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ जब संघर्ष विराम होता है तो घुसपैठ नियंत्रित करने की हमारी क्षमता बढ़ जाती है।’’

जब लेफ्टिनेंट जनरल राजू से सवाल किया गया कि पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन होने की स्थिति से सेना कैसे निपटेगी तो उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे पास, स्थानीय और दिल्ली, दोनों ही स्तरों पर स्थापित प्रणाली है।’’ उन्हेांने कहा, ‘‘ निश्चित ही हम यथासंभव प्रयास करेंगे। हम गोलाबारी करके प्रसन्न नहीं होंगे। यदि कोई समस्या आती है या कोई घटना होती है तो हम दूसरे पक्ष से कहेंगे, हम उससे बात करेंगे। ’’ उन्होंने कहा कि संघर्षविराम से घुसपैठ पर रोक लगाने में मदद के अलावा अंदरूनी क्षेत्र में कोई बड़ा प्रभाव नहीं होगा।





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दिल्ली आबकारी विभाग का क्लब, बार और रेस्तरां को आदेश, गूगल मैप पर अपनी लोकेशन करें साझा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   20:40
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दिल्ली आबकारी विभाग का क्लब, बार और रेस्तरां को आदेश, गूगल मैप पर अपनी लोकेशन करें साझा

एक अधिकारी ने कहा कि किसी क्षेत्र में क्लब, होटल और रेस्तरां की लोकेशन डिजिटल माध्यम से मालूम करना आसान है।

नयी दिल्ली। दिल्ली आबकारी विभाग ने क्लब, रेस्तरां और होटलों के मालिकों को अपने प्रतिष्ठान की ‘लोकेशन’ गूगल मैप पर साझा करने का निर्देश दिया है जिससे एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा सके। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। विभाग ने कहा कि निर्देश का पालन न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। राष्ट्रीय राजधानी में एक हजार से अधिक होटल, क्लब और रेस्त्रा बार हैं जिनके पास ग्राहकों को शराब बेचने का लाइसेंस है। आबकारी विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रतिष्ठानों को अपनी ‘लोकेशन’ संबंधी जानकारी अक्षांश और देशांतर के जरिये देनी होगी। 

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एक अधिकारी ने कहा कि इस निर्णय से किसी क्षेत्र में इस प्रकार के प्रतिष्ठानों की भौगोलिक स्थिति जानने में सहायता मिलेगी। अधिकारी ने पीटीआई-से कहा कि यह निर्णय आबकारी विभाग में सुधार के तहत लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र में क्लब, होटल और रेस्तरां की लोकेशन डिजिटल माध्यम से मालूम करना आसान है। अगर हमारे पास डिजिटल डेटाबेस है तो हम उसके अनुसार निर्णय ले सकते हैं। आने वाले महीनों में इस प्रकार के डेटाबेस को आबकारी नीति के लिए उपयोग किया जा सकता है।





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