जबलपुर से छात्रा का वीडियो हुआ वायरल, कहा - "उन्हें फांसी दी जानी चाहिए"

जबलपुर से छात्रा का वीडियो हुआ वायरल, कहा -
प्रतिरूप फोटो

वायरल वीडियो में सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा ने आरोपितों के नामों का जिक्र करते हुए फांसी की सजा की मांग की है। "उन्हें फांसी दी जानी चाहिए"। वीडियो में लड़की कांपती और दबी हुई आवाज में कह रही है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में कथित रूप से पीछा करने वालों द्वारा खुद को आग लगाने वाली एक नाबालिग लड़की ने एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो उसके मरने से पहले का है। उस वीडियो के माध्यम से युवती मांग की है कि आरोपी को फांसी दी जाए। जबकि उसके पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मदद के लिए पुलिस थाने से संपर्क करने पर उसे भगा दिया था।

जबलपुर के रांझी इलाके की रहने वाली 16 वर्षीय लड़की ने मंगलवार को कथित तौर पर पुलिस थाने द्वारा भगाए जाने के बाद खुद को आग लगा ली और 90% जल गई थी।

बुधवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के शिक्षण अस्पताल में लड़की की मौत के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो क्लिप बुधवार को सामने आया। यह वीडियो किसने शूट किया इसका अभी पता नहीं चल पाया है।

वायरल वीडियो में सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा ने आरोपितों के नामों का जिक्र करते हुए फांसी की सजा की मांग की है। "उन्हें फांसी दी जानी चाहिए"। वीडियो में लड़की कांपती और दबी हुई आवाज में कह रही है।

मौके से बरामद सुसाइड नोट से पता चला है कि लड़की का पीछा किया जा रहा था और तीन महिलाओं सहित युवकों के एक समूह द्वारा उसका यौन उत्पीड़न किया जा रहा था। एक ब्लैकमेल एंगल भी सामने आया है।

वहीं लड़की के पिता जो एक ऑटो-रिक्शा चालक हैं ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले आरोपी उनकी बेटी को ब्लैकमेल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी पर चाकू से वार किया और एक अश्लील तस्वीर खींची। वे उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। वे कई बार उससे पैसे ले लेते थे। करीब दो महीने पहले मैंने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी बेटी रांझी पुलिस स्टेशन गई थी लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसे भगा दिया। वह मंगलवार को ही थाने गई थी। तीन घंटे तक उसे वहीं बैठाया गया, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसे वहां से भगा दिया गया।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को भोपाल में पत्रकारों से कहा कि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। यह सच है कि वह पुलिस स्टेशन गई थी लेकिन यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करने के लिए नहीं। वह अपने पिता के खिलाफ दर्ज एसटी/एससी मामले को निपटाने के लिए पुलिस स्टेशन गई थी। मैंने पुलिस को सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजय अग्रवाल ने कहा कि लड़की के पिता के खिलाफ इस साल सितंबर में मामला दर्ज किया गया था।प्रारंभिक जांच के अनुसार, लड़की और युवक की दोस्ती थी लेकिन उसके पिता दोस्ती से नाखुश थे। इसलिए उसने युवक की पिटाई कर दी थी। मंगलवार को जब वह पुलिस के पास आई तो उसने कहा कि वह अपने पिता के खिलाफ दर्ज मामले को सुलझाना चाहती है। पुलिस अधिकारियों ने उसे सूचित किया कि मामला अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।





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