Pakistan में विस्फोट के खिलाफ कश्मीर में जोरदार प्रदर्शन! Shia Community के लोग सड़कों पर उतरे

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर जुलूस निकाला तथा पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि पाकिस्तान में शिया समुदाय पर हमले कोई नई बात नहीं हैं, बल्कि पिछले दस से पंद्रह वर्षों से इस तरह की घटनाएं बार बार सामने आती रही हैं।
जम्मू और कश्मीर के बारामूला जिले में हंजीवेरा क्षेत्र स्थित श्रीनगर बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर आज शिया समुदाय के स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले के विरोध में आयोजित किया गया, जिसमें शिया समुदाय के कई लोगों की जान गई और अनेक लोग घायल हुए। हम आपको बता दें कि इस्लामाबाद की घटना ने घाटी के शिया समुदाय में गहरा दुख और आक्रोश पैदा किया है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर जुलूस निकाला तथा पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि पाकिस्तान में शिया समुदाय पर हमले कोई नई बात नहीं हैं, बल्कि पिछले दस से पंद्रह वर्षों से इस तरह की घटनाएं बार बार सामने आती रही हैं। उनका आरोप था कि वहां अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन और सरकार लगातार नाकाम रहे हैं।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वह इस अमानवीय हमले की कड़ी निंदा करने और मृतकों के प्रति संवेदना जताने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म स्थल पर प्रार्थना कर रहे लोगों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है। उनका कहना था कि कुछ लोग शिया समुदाय को डराकर मिटाना चाहते हैं, लेकिन समुदाय अपने अस्तित्व और आस्था की रक्षा के लिए डटा रहेगा।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने नारेबाजी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा वहां के आम और निर्दोष लोगों के खिलाफ नहीं है। यह नारा वहां की व्यवस्था, प्रशासन और सरकार के खिलाफ है, जो देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को संभालने में असफल रही है और आतंक से जुड़ी घटनाओं पर रोक लगाने में भी सफल नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि आम जनता को हिंसा से सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर कैसी सोच किसी व्यक्ति को इस बात के लिए प्रेरित करती है कि वह नमाज पढ़ रहे लोगों के बीच जाकर अपने शरीर पर बंधे बम को विस्फोट कर दे। उन्होंने कहा कि मस्जिद में घुसकर बच्चों, महिलाओं और निर्दोष लोगों का रक्त बहाना किसी भी धर्म या विचारधारा से सही नहीं ठहराया जा सकता। इस तरह की घटनाएं समाज में डर और नफरत फैलाती हैं।
हम आपको यह भी बता दें कि इस बीच पाकिस्तान में हुए हमले को लेकर वहां सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है। पूरे देश में सतर्कता बढ़ा दी गई है और जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारियों के हवाले से आई खबरों के अनुसार इस हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है, जबकि एक सौ से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। विस्फोट तारलाई क्षेत्र स्थित खदीजा तुल कुबरा इमामबाडा में हुआ। पाकिस्तान के गृह राज्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि हमलावर अफगान नागरिक नहीं था, लेकिन जांच से यह पता लगाया गया है कि उसने अफगानिस्तान की कई यात्राएं की थीं। इससे जांच को कुछ दिशा मिली है।
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