विश्व प्रसिद्ध पन्ना टाइगर रिजर्व में शुरू हुआ गिद्ध गणना का कार्य

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 21, 2020   23:03
  • Like
विश्व प्रसिद्ध पन्ना टाइगर रिजर्व में शुरू हुआ गिद्ध गणना का कार्य
Image Source: Google

पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक आर. श्रीनिवास मूर्ति ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम चरण में गिद्धों के आवास स्थलों का चिन्हांकन आज 21 नवम्बर से आगामी 30 नवम्बर के मध्य किया जाएगा। द्वितीय चरण में गिद्धों की वास्तविक गणना पूरे प्रदेश के साथ-साथ पन्ना टाइगर रिजर्व में भी एक ही दिन माह फरवरी में आयोजित की जाएगी।

पन्ना। मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्ष 2018 की भांति इस वर्ष भी प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना का कार्य दो चरणों में सम्पादित किया जाएगा। इसका प्रथम चरण आज से शुरू हो रहा है। पहले चरण की गिद्ध गणना आगामी 30 नवम्बर तक चलेगी। पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक आर. श्रीनिवास मूर्ति ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम चरण में गिद्धों के आवास स्थलों का चिन्हांकन आज 21 नवम्बर से आगामी 30 नवम्बर के मध्य किया जाएगा। द्वितीय चरण में गिद्धों की वास्तविक गणना पूरे प्रदेश के साथ-साथ पन्ना टाइगर रिजर्व में भी एक ही दिन माह फरवरी में आयोजित की जाएगी।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के शहडोल में तेंदुए की खाल सहित दो लोग गिरफ्तार

उन्होंने बताया कि गिद्ध गणना कार्य के लिए वालंटिर का चयन मुख्यालय स्तर पर किया गया है। पन्ना टाइगर रिजर्व में देशभर से 14 वालंटिर प्रथम चरण में गिद्धों के आवास स्थलों की पहचान के लिए आ रहे हैं, जिनकी मदद से स्थलों की पहचान की जाएगी। उन्होंने बताया कि गिद्ध गणना के लिए इस वर्ष गूगल फार्म के माध्यम से जानकारी भरकर प्रेषित की जाएगी।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


तीन शिकारियों ने करंट लागकर ली हाथी की जान, जबलपुर वनमंडल का मामला

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 28, 2020   18:33
  • Like
तीन शिकारियों ने करंट लागकर ली हाथी की जान, जबलपुर वनमंडल का मामला
Image Source: Google

वही वन अधिकारियों ने हाथी के मृत शरीर का निरीक्षण करने पर पाया कि उसकी सूंड करंट लगने से करीब डेढ़ फीट तक झुलस गई थी। इसके बाद ग्राम डुंगरिया मोहास के कोटवार से पूछताछ करके उन्होंने ग्रामीणों के बयान लिए। ग्रामीणों ने गांव के एक व्यक्ति को दो बाहरी लोगों के साथ मिलकर हाथी का बिजली करंट लगाकर हाथी का शिकार करने का संदेह जताया।

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर वनमंडल के वन परिक्षेत्र बरगी में शुक्रवार को अपने साथियों से बिछुड़े जिस हाथी का शव पाया गया था। उसकी मौत की गुत्थी सुलझा ली गई है। तीन शिकारियों ने हाथी दांत के लालच में बिजली का करंट लगाकर हाथी का शिकार किया था। इसकी पुष्टि होने पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं,  मृत हाथी के साथी को खोजने के प्रयास जारी हैं। 

इसे भी पढ़ें: कार सवारों ने मारी ढाबा संचालक को गोली, मौके पर ही मौत

सिवनी जिले से वनमंडल मंडला में घूमते हुए दो जंगली हाथी 24 नवम्बर की रात जबलपुर वनमंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र बरेला में आए थे। ये दोनों हाथी अपने साथियों से बिछुड़ गए थे। डीएफओ मंडला से इसकी सूचना मिलने पर डीएफओ जबलपुर अंजना सुचिता तिर्की ने अपने अमले को सतर्क कर दिया था और वनकर्मियों पर हाथियों की निगरानी के लिए निर्देशित किया था। वनकर्मियों की नजर से दोनों हाथी एक दिन गायब रहे। तीसरे दिन यह वन्यजीव वन परिक्षेत्र बरगी में नर्मदातट पर खिरहनी व जमतरा के जंगल में विचरण करते देखे गए। इसके बाद भी वन अमला लापरवाह बना रहा। गुरुवार की सुबह बरगी तहसील के मानेगांव से मोहास के बीच स्थित जंगल में एक हाथी का शव पाया गया। 

इसे भी पढ़ें: भोपाल में ईरानी डेरे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आए

वही वन अधिकारियों ने हाथी के मृत शरीर का निरीक्षण करने पर पाया कि उसकी सूंड करंट लगने से करीब डेढ़ फीट तक झुलस गई थी। इसके बाद ग्राम डुंगरिया मोहास के कोटवार से पूछताछ करके उन्होंने ग्रामीणों के बयान लिए। ग्रामीणों ने गांव के एक व्यक्ति को दो बाहरी लोगों के साथ मिलकर हाथी का बिजली करंट लगाकर हाथी का शिकार करने का संदेह जताया। जिसके बाद तीनों शिकारियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। नर हाथी की मौत की खबर पाकर वन अधिकारियों का अमला शुक्रवार सुबह जल्द ही मौके पर पहुंच गया था। इसलिए शिकारियों को मृत हाथी के दांत काटकर निकालने का मौका नहीं मिला। वन विभाग ने हाथी का शिकार करने वाले तीनों आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में बीजेपी, पार्टी में शामिल होने पर अभी कोई निर्णय नहीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:22
  • Like
शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में बीजेपी, पार्टी में शामिल होने पर अभी कोई निर्णय नहीं
Image Source: Google

तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट नेता शुभेंदु अधिकारी भाजपा के कुछ नेताओं और अधिकारी के बीच अच्छे संबंध हैं लेकिन पार्टी में शामिल होने को लेकर उनकी शर्तों पर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है।

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व, तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट नेता शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में है जिन्होंने ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि अभी तक अधिकारी के भाजपा में शामिल होने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ नेताओं और अधिकारी के बीच अच्छे संबंध हैं लेकिन पार्टी में शामिल होने को लेकर उनकी शर्तों पर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि तृणमूल के कद्दावर नेता के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं इसलिए भाजपा को उम्मीद है कि अधिकारी पार्टी में शामिल हो जाएंगे। नाम उजागर न करने की शर्त पर भाजपा नेता ने कहा, “हम शुभेंदु अधिकारी के संपर्क में हैं। हमारे उनसे अच्छे संबंध हैं लेकिन पार्टी में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। स्थिति स्पष्ट होने के लिए हमें कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा।”

इसे भी पढ़ें: बंगाल की सियासत में बड़ी हलचल: TMC से शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद भाजपा का आया ये बयान

हालांकि, अधिकारी ने ममता बनर्जी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है लेकिन उन्होंने तृणमूल कांग्रेस या विधायक के पद से इस्तीफा नहीं दिया है। भाजपा नेता ने कहा, “मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अधिकारी के लिए तृणमूल कांग्रेस में बने रहना कठिन होगा। इसलिए उनके सामने नई पार्टी बनाने या भाजपा का कांग्रेस में शामिल होने का ही विकल्प है।” उन्होंने कहा, “नई पार्टी बनाने के लिए ढेर सारा पैसा और मानव संसाधन की जरूरत होती है। इस समय यह संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस बंगाल में बहुत कमजोर है इसलिए अधिकारी के पास भाजपा में शामिल होने का ही विकल्प बचता है। उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि यही हमारे लिए और अधिकारी के लिए सबसे ज्यादा फायदे की बात होगी।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


सत्येंद्र जैन का दावा, दिल्ली में 50 प्रतिशत से अधिक कोरोना बिस्तर खाली

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   18:01
  • Like
सत्येंद्र जैन का दावा, दिल्ली में 50 प्रतिशत से अधिक कोरोना बिस्तर खाली
Image Source: Google

शुक्रवार को जैन ने कहा था कि कोविड-19 का टीका आने पर, दिल्ली के पास पर्याप्त संसाधन और उपकरण हैं जिससे कुछ ही हफ्तों में पूरी आबादी का टीकाकरण किया जा सकता है।

नयी दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित कुल बिस्तरों में से 50 प्रतिशत बिस्तर खाली पड़े हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “वर्तमान में बारह सौ से अधिक आईसीयू बिस्तर और लगभग 9,500 सामान्य बिस्तर खाली हैं। कुल पचास प्रतिशत से अधिक बिस्तर उपलब्ध हैं। इसलिए हम थोड़ी बेहतर स्थिति में हैं।” मंत्री ने कहा कि शुक्रवार को ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर कुछ समस्याएं थी जिन्हें सुलझा लिया गया है।

दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 5,482 नए मामले सामने आए। 98 मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 8,909 हो गई। शुक्रवार को जैन ने कहा था कि कोविड-19 का टीका आने पर, दिल्ली के पास पर्याप्त संसाधन और उपकरण हैं जिससे कुछ ही हफ्तों में पूरी आबादी का टीकाकरण किया जा सकता है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।