सफाईकर्मियों के पैर धोना राजनीतिक हथकंडा नहीं बल्कि संस्कार है: मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2019   19:02
सफाईकर्मियों के पैर धोना राजनीतिक हथकंडा नहीं बल्कि संस्कार है: मोदी

मोदी ने कहा कि कुंभ में सफाई कामगारों ने 22 करोड़ लोगों के लिए स्वच्छता बनाए रखने के लिए काफी मेहनत की और विश्व में भारत का नाम रौशन किया।

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल ही में इलाहाबाद में सफाईकर्मियों के पैर धोने का उद्देश्य राजनीतिक लाभ लेना नहीं, बल्कि मेरे संस्कारों की देन था। मेरा बूथ सबसे मजबूत  कार्यक्रम के तहत दिल्ली में वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं से मुखातिब प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के पुणे के एक कारपोरेटर द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात कही। 

मोदी ने कहा कि कुंभ में सफाई कामगारों ने 22 करोड़ लोगों के लिए स्वच्छता बनाए रखने के लिए काफी मेहनत की और विश्व में भारत का नाम रौशन किया। जब मैं वहां गया तो मेरा मन हुआ कि मैं सफाई कामगारों के पैर धोकर सम्मान करूं, इसलिए मैने ऐसा किया और ये हमारे संस्कार हैं। उन्होंने कहा कि  जब कुछ लोग कहते हैं कि यह राजनीति है तो वे मुझे जानते नहीं। मोदी ने पहली बार गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के दौरान सरकारी आवास में गृह प्रवेश का उल्लेख किया। 

इसे भी पढ़ें: हमें भविष्य के समाज और अर्थव्यवस्था के हिसाब से ढ़लना होगा: मोदी

उन्होंने कहा कि  अफसरों ने मुझसे पहली बार सरकारी आवास में प्रवेश से पहले पूजा, कलश स्थापना को लेकर पूछा। मैने उनसे चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी को लाने के लिए कहा। वे एक दलित कर्मी को लेकर आए और मैने उसकी बेटी के हाथों  कलश  की स्थापना करायी। मोदी ने कहा  यह मेरी संस्कृति का हिस्सा है, मेरे संस्कार हैं।   





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।