West Bengal में Child Marriage पर 'सरकारी Strike', Kanyashree Scheme ऐसे बन रही लड़कियों का हथियार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण के मतदान होने हैं। वहीं तृणमूल सरकार ने राज्य में कई लाभकारी योजनाएं चलाई हैं। आज हम आपको पश्चिम बंगाल की कन्याश्री प्रकल्प योजना के बारे में बताने जा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण के मतदान होने हैं। वहीं TMC की सरकार बनाने के लिए ममता बनर्जी एक्टिव मोड में आ गई हैं। चुनाव आयोग के डेटा के मुताबिक राज्य में कुल 7.18 करोड़ मतदाता हैं। वहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने महिलाओं के लिए कुछ खास योजनाएं चलाई हैं। आज हम आपको कन्याश्री प्रकल्प योजना के बारे में बताने जा रहे हैं। इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के साथ लड़कियों की शादी को 18 वर्ष की कानूनी आयु तक स्थगित करने और कन्याओं की सामाजिक स्थिति में सुधार करना है।
कन्याश्री योजना
कन्याश्री योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह को रोकना है। साथ ही लड़कियों को आर्थिक मदद देना है। इस योजना का लाभ लेने के लिए लड़की की फैमिली इनकम 1,20,000 से कम होना चाहिए। वहीं इस योजना का फायदा दो तरह से लिया जा सकता है। पहला तरीका जिसमें 13 से 18 साल की लड़कियों को पढ़ाई के लिए हर साल 1000 रुपए की स्कॉलरशिप मिलती है। वहीं साथ में एक साइकिल भी मिलती है।
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वहीं दूसरा तरीका जिसमें लड़कियों की उम्र 18 साल होने पर 25 हजार रुपये एकमुश्त दिए जाते हैं। इसमें शर्त यह है कि 18 साल में लड़की की शादी नहीं होनी चाहिए। बता दें कि साल 2017 में यूनाइटेड नेशंस ने 62 देशों में चल रही सोशल सेक्टर की 552 बेहतरीन योजनाओं कन्याश्री योजना को शामिल किया था। इसके लिए सीएम ममता बनर्जी को भी सम्मानित किया गया था।
वहीं तृणमूल कांग्रेस को अपनी योजनाओं पर पूरा भरोसा है। ममता बनर्जी का मानना है कि योजनाएं जमीन पर कारगर हैं। इसलिए उनको इसका फायदा मिलता है। वहीं यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करती है।
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