Uddhav Thackeray के Ram Mandir चंदे की 4 KG चांदी कहाँ? Sanjay Raut ने ट्रस्ट पर उठाए सवाल

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए उद्धव ठाकरे द्वारा दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट के कथित तौर पर गायब होने और ट्रस्ट से रसीद न मिलने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले की विस्तृत जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है, जबकि राम मंदिर में चंदे की हेराफेरी को लेकर एक FIR भी दर्ज की गई है। इस पर राम मंदिर चंदा विवाद गहराता जा रहा है।
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट के कथित तौर पर गायब होने पर सवाल उठाए। दान में गड़बड़ी की चल रही जांच के बीच उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से जवाब मांगा। 'X' पर एक पोस्ट में उन्होंने इस मामले की विस्तृत जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की। राउत के अनुसार, पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंदिर निर्माण के दौरान हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं और संतों की मौजूदगी में चांदी की ईंट के साथ 1 करोड़ रुपये का दान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने साल बीत जाने के बाद भी ट्रस्ट की ओर से दान के बारे में न तो कोई रसीद दी गई और न ही कोई जानकारी दी गई।
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राउत ने पोस्ट में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिवसेना की ओर से दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट के गायब होने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उद्धव ठाकरे जी ने हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में 1 करोड़ रुपये और चांदी की यह पवित्र ईंट दान की थी। फिर भी, इतने सालों बाद भी ट्रस्ट की ओर से कोई रसीद या जानकारी नहीं मिली है। यह ईंट कहाँ गई? अब पूरी जाँच और जवाबदेही तय करने का समय आ गया है!
इससे पहले, बुधवार को राउत ने डोनेशन विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि कथित घोटाले से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस बीच, गुरुवार को अयोध्या में राम मंदिर में मिले दान में कथित हेराफेरी के मामले में FIR दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं - जिनमें धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) शामिल हैं - के तहत यह मामला दर्ज किया गया है।
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FIR में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव और मनीष यादव शामिल हैं। यह FIR अयोध्या से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे के उस आरोप के बाद दर्ज की गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राम मंदिर को मिले 7 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये के चंदे का गलत इस्तेमाल किया गया है।
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